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Baghpat News: नववर्ष की बेला पर सुख शांति का पाठ करूंगा
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खेकड़ा। मोहल्ला रामपुर में लोक साहित्य संस्कृति समिति की ओर से नववर्ष पर काव्य संगोष्ठी हुई। युवा कवि मयंक कौशिक ने मां सरस्वती की वंदना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कवि गजेंद्र कौशिक गजानन ने कहा कि नववर्ष की बेला पर सुख शांति का पाठ करूंगा। देश के काम जो आए उन शहीदों को नमन करूंगा। कवि दीपक कुमार ने कहा कि नववर्ष है आओ मिलकर भाईचारे का फूल खिलाएं, कुछ गलतियों को तुम भूलों कुछ गलती हम भूल जाए।
कवि अजय तोमर बड़ौत ने कहा कि भरा खुशी से हर दिल मालामाल मिले, मेरे शहर में कोई ना तंग हाल मिले, पिछला साल जैसा भी था गुजार लिया, आने वाला सब को अच्छा साल मिले। कवि कश्यप राजेश राज ने कहा कि हर बीमारी में देखो दवा का असर, कर्म करने में रखो ना कोई कसर, उन्नति तब रहेगी कदमों तले, संग होगा जो मां की दुआ का असर।
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कवि सचिन कुमार ने कहा कि नववर्ष कैसे बनता जब चारों तरफ गम के बादल छाए थे, मेरा उन शहीदों को नमन, जो तिरंगा ओढ़कर आए थे। अध्यक्षता अजय वीर यादव और संचालन राजेश राज ने किया। इस दौरान विजय गौड़, बीएल त्रिपाठी, आरकेसिंह, विक्की शर्मा, सचिन, मोहसिन, बाबूलाल, शिवम, अवनीश, आशु, जैद आदि श्रोता मौजूद रहे।
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कवि गजेंद्र कौशिक गजानन ने कहा कि नववर्ष की बेला पर सुख शांति का पाठ करूंगा। देश के काम जो आए उन शहीदों को नमन करूंगा। कवि दीपक कुमार ने कहा कि नववर्ष है आओ मिलकर भाईचारे का फूल खिलाएं, कुछ गलतियों को तुम भूलों कुछ गलती हम भूल जाए।
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कवि अजय तोमर बड़ौत ने कहा कि भरा खुशी से हर दिल मालामाल मिले, मेरे शहर में कोई ना तंग हाल मिले, पिछला साल जैसा भी था गुजार लिया, आने वाला सब को अच्छा साल मिले। कवि कश्यप राजेश राज ने कहा कि हर बीमारी में देखो दवा का असर, कर्म करने में रखो ना कोई कसर, उन्नति तब रहेगी कदमों तले, संग होगा जो मां की दुआ का असर।
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कवि सचिन कुमार ने कहा कि नववर्ष कैसे बनता जब चारों तरफ गम के बादल छाए थे, मेरा उन शहीदों को नमन, जो तिरंगा ओढ़कर आए थे। अध्यक्षता अजय वीर यादव और संचालन राजेश राज ने किया। इस दौरान विजय गौड़, बीएल त्रिपाठी, आरकेसिंह, विक्की शर्मा, सचिन, मोहसिन, बाबूलाल, शिवम, अवनीश, आशु, जैद आदि श्रोता मौजूद रहे।