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टीवी पर कैसे होगी संस्कृत बोर्ड के विद्यार्थियों की पढ़ाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध विद्यालयों की भांति संस्कृत विद्यालयों में भी ऑनलाइन शिक्षण और टीवी पर प्रसारण की तैयारी शुरू हो गई है। इसमें सर्वे के दौरान जिले में संस्कृत बोर्ड के विद्यालयों में पंजीकृत 786 छात्र-छात्राओं में से 151 के घरों में टीवी नहीं मिला और 93 छात्र छात्राएं ऐसे मिले हैं, जिनके घर में न तो एंड्रायड फोन या कंप्यूटर हैं। अब संसाधनों के अभाव में इन छात्र-छात्राओं का शिक्षण प्रभावित होने की पूरी संभावना है।
कोरोना महामारी फैलने के बाद प्रदेश में एक अप्रैल से माध्यमिक और परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। जिले में काफी संख्या में ऐसे छात्र-छात्राएं हैं, इनके पास एंड्रायड फोन, लैपटॉप या टैबलेट नहीं है। इससे उनका शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। छात्र-छात्राओं की समस्याओं को देखकर शासन ने टीवी पर शिक्षण का प्रसारण शुरू किया। टीवी पर शिक्षण कार्य कराने के लिए जिले में सर्वे कराया, सर्वे के दौरान काफी छात्र-छात्राओं के घरों में टीवी नहीं मिला। इससे प्रशासन चिंतित है।
अब शासन ने संस्कृत बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को शिक्षण कराने के लिए टीवी पर क्लास चलाने की तैयारी है। क्लास शुरू कराने से पूर्व शासन ने जिले में सर्वे कराया। सर्वे के दौरान जिले में 151 छात्र-छात्राएं ऐसे मिले हैं, जिनके घर में टीवी नहीं है और 93 छात्र-छात्राएं ऐसे हैं, जिनके परिवार में एंड्रायड फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर या टैबलेट नहीं है। संसाधनों के अभाव में छात्र-छात्राओं को शिक्षण कराना संभव नहीं है। जिला विद्यालय निरीक्षक ओम दत्त सिंह ने बताया कि जिले में संस्कृत बोर्ड के आठ विद्यालय संचालित हैं। इनमें पंजीकृत 786 छात्र-छात्राओं में से 151 के घरों में टीवी तथा 93 के परिवार में एंड्रायड फोन नहीं है। इस संबंध में शासन को रिपोर्ट बनाकर भेज दी है।
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बागपत। माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध विद्यालयों की भांति संस्कृत विद्यालयों में भी ऑनलाइन शिक्षण और टीवी पर प्रसारण की तैयारी शुरू हो गई है। इसमें सर्वे के दौरान जिले में संस्कृत बोर्ड के विद्यालयों में पंजीकृत 786 छात्र-छात्राओं में से 151 के घरों में टीवी नहीं मिला और 93 छात्र छात्राएं ऐसे मिले हैं, जिनके घर में न तो एंड्रायड फोन या कंप्यूटर हैं। अब संसाधनों के अभाव में इन छात्र-छात्राओं का शिक्षण प्रभावित होने की पूरी संभावना है।
कोरोना महामारी फैलने के बाद प्रदेश में एक अप्रैल से माध्यमिक और परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। जिले में काफी संख्या में ऐसे छात्र-छात्राएं हैं, इनके पास एंड्रायड फोन, लैपटॉप या टैबलेट नहीं है। इससे उनका शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। छात्र-छात्राओं की समस्याओं को देखकर शासन ने टीवी पर शिक्षण का प्रसारण शुरू किया। टीवी पर शिक्षण कार्य कराने के लिए जिले में सर्वे कराया, सर्वे के दौरान काफी छात्र-छात्राओं के घरों में टीवी नहीं मिला। इससे प्रशासन चिंतित है।
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अब शासन ने संस्कृत बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को शिक्षण कराने के लिए टीवी पर क्लास चलाने की तैयारी है। क्लास शुरू कराने से पूर्व शासन ने जिले में सर्वे कराया। सर्वे के दौरान जिले में 151 छात्र-छात्राएं ऐसे मिले हैं, जिनके घर में टीवी नहीं है और 93 छात्र-छात्राएं ऐसे हैं, जिनके परिवार में एंड्रायड फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर या टैबलेट नहीं है। संसाधनों के अभाव में छात्र-छात्राओं को शिक्षण कराना संभव नहीं है। जिला विद्यालय निरीक्षक ओम दत्त सिंह ने बताया कि जिले में संस्कृत बोर्ड के आठ विद्यालय संचालित हैं। इनमें पंजीकृत 786 छात्र-छात्राओं में से 151 के घरों में टीवी तथा 93 के परिवार में एंड्रायड फोन नहीं है। इस संबंध में शासन को रिपोर्ट बनाकर भेज दी है।
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