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आंगनबाड़ी केंद्रों की कैसे सुधरे हालत, जब 745 से ज्यादा पद खाली
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बागपत। आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत कैसे सुधार सकते है, जब जिले में 745 पद खाली पड़े है। महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यालय से लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों तक पद खाली पड़े है और इनकी भर्तियां तक नहीं हो रही है। शासन को कई बार पदों को भरने के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इसके बावजूद भर्तियां नहीं होने से 400 से ज्यादा आंगनबाड़ी व मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दो केंद्र संभालने पड़ रहे है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही भर्तियां की जाएगी।
बागपत में 1058 आंगनबाड़ी केंद्र है तो 280 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र है। इन सभी पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताआें की नियुक्ति थी। मगर, वर्ष 2015 के बाद भर्ती नहीं हुई और किसी ने केंद्र छोड़ दिया तो किसी का निधन हो गया। इसके अलावा भी कई अन्य कारण रहे और इससे 190 आंगनबाड़ी व 263 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र खाली हो गए। ऐसे में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दो केंद्रों की जिम्मेदारी देनी पड़ गई। वह भी ऐसे केंद्र है, जिनके बीच में काफी दूरी है। गौरीपुर में एक कार्यकर्ता के पास दो केंद्रों की जिम्मेदारी है और उनमें एक केंद्र गांव में चल रहा है तो दूसरा यमुना के किनारे करीब दो किमी दूर है। इस तरह ही कई अन्य जगह के हालात है। ऐसे में दोनों केंद्रों की जिम्मेदारी एक साथ संभालना मुश्किल है। विभाग में भर्तियां होने के बाद ही स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।
विभाग में करीब 745 पद खाली है, जिनमें कार्यालय के पदों के अलावा आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका भी शामिल है। यहां से पूरा ब्योरा शासन को भेजा हुआ है। इनमें से कई पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन वह फिलहाल रुकी हुई है। शासन के निर्देश पर भर्ती होते ही हालत पूरी तरह से बदल जाएंगे। - विपिन मैत्रेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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बागपत में पदों की स्थिति
पदनाम स्वीकृत पद रिक्त पद
जिला कार्यक्रम अधिकारी 1 0
सीडीपीओ 7 3
प्रशासनिक अधिकारी 1 0
प्रधान सहायक 5 4
वरिष्ठ सहायक 1 1
मुख्य सेविका 42 31
कनिष्ठ सहायक 7 7
आंगनबाड़ी 1058 190
मिनी आंगनबाड़ी 280 263
सहायिका 1058 240
चतुर्थ श्रेणी 7 6
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बागपत में 1058 आंगनबाड़ी केंद्र है तो 280 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र है। इन सभी पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताआें की नियुक्ति थी। मगर, वर्ष 2015 के बाद भर्ती नहीं हुई और किसी ने केंद्र छोड़ दिया तो किसी का निधन हो गया। इसके अलावा भी कई अन्य कारण रहे और इससे 190 आंगनबाड़ी व 263 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र खाली हो गए। ऐसे में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दो केंद्रों की जिम्मेदारी देनी पड़ गई। वह भी ऐसे केंद्र है, जिनके बीच में काफी दूरी है। गौरीपुर में एक कार्यकर्ता के पास दो केंद्रों की जिम्मेदारी है और उनमें एक केंद्र गांव में चल रहा है तो दूसरा यमुना के किनारे करीब दो किमी दूर है। इस तरह ही कई अन्य जगह के हालात है। ऐसे में दोनों केंद्रों की जिम्मेदारी एक साथ संभालना मुश्किल है। विभाग में भर्तियां होने के बाद ही स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।
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विभाग में करीब 745 पद खाली है, जिनमें कार्यालय के पदों के अलावा आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका भी शामिल है। यहां से पूरा ब्योरा शासन को भेजा हुआ है। इनमें से कई पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन वह फिलहाल रुकी हुई है। शासन के निर्देश पर भर्ती होते ही हालत पूरी तरह से बदल जाएंगे। - विपिन मैत्रेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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बागपत में पदों की स्थिति
पदनाम स्वीकृत पद रिक्त पद
जिला कार्यक्रम अधिकारी 1 0
सीडीपीओ 7 3
प्रशासनिक अधिकारी 1 0
प्रधान सहायक 5 4
वरिष्ठ सहायक 1 1
मुख्य सेविका 42 31
कनिष्ठ सहायक 7 7
आंगनबाड़ी 1058 190
मिनी आंगनबाड़ी 280 263
सहायिका 1058 240
चतुर्थ श्रेणी 7 6