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Baghpat News: फिर शुरू होगी हॉट कुक्ड फूड योजना
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बागपत। आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन साल से बंद हॉट कुक्ड योजना फिर से शुरू होगी। इससे जिले के लगभग एक लाख बच्चों को केंद्रों पर गर्म भोजन मिलेगा। योजना शुरू करने के लिए जिला कार्यक्रम विभाग की ओर से तीन साल से बंद पड़े खातों की केवाईसी कराकर चालू कराया जा रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत छह साल तक के बच्चों को गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2010 में में हॉट कुक्ड फूड योजना शुरू की गई थी। वर्ष 2019 में योजना को बंद कर दिया। अब शासन ने फिर से योजना शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में तीन साल तक के 63536 और तीन से छह साल के 28389 बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत है। योजना शुरू करने के लिए विभागीय अधिकारी व कर्मचारी तीन साल से बंद पड़े खातों की केवाईसी कराकर अपग्रेड कराने में लगे हुए हैं।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन मैत्रेय ने बताया कि शासन से फिर से योजना शुरू करने के लिए खातों को अपडेट कराने के निर्देश दिए हैं। योजना शुरू होने से गांवों में बच्चों को केेंद्रों पर पौष्टिक भोजन मिलेगा जिससे कुपोषण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में भी सहायता मिलेगी। योजना का ंसंचालन करने के लिए स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष या ग्राम प्रधान और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का संयुक्त खाते में धनराशि हस्तांतरित की जाती है। केंद्र में पढ़ने वाले बच्चों का खाना केंद्र के पास पास वाले विद्यालयों में मिड-डे मील बनाने वाला रसोइया तैयार कराया जाता है।
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत छह साल तक के बच्चों को गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2010 में में हॉट कुक्ड फूड योजना शुरू की गई थी। वर्ष 2019 में योजना को बंद कर दिया। अब शासन ने फिर से योजना शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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जिले में तीन साल तक के 63536 और तीन से छह साल के 28389 बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत है। योजना शुरू करने के लिए विभागीय अधिकारी व कर्मचारी तीन साल से बंद पड़े खातों की केवाईसी कराकर अपग्रेड कराने में लगे हुए हैं।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन मैत्रेय ने बताया कि शासन से फिर से योजना शुरू करने के लिए खातों को अपडेट कराने के निर्देश दिए हैं। योजना शुरू होने से गांवों में बच्चों को केेंद्रों पर पौष्टिक भोजन मिलेगा जिससे कुपोषण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में भी सहायता मिलेगी। योजना का ंसंचालन करने के लिए स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष या ग्राम प्रधान और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का संयुक्त खाते में धनराशि हस्तांतरित की जाती है। केंद्र में पढ़ने वाले बच्चों का खाना केंद्र के पास पास वाले विद्यालयों में मिड-डे मील बनाने वाला रसोइया तैयार कराया जाता है।