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आज से होलाष्टक, नहीं होंगे शुभ कार्य
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होलिका दहन के साथ होलाष्टक होगा समाप्त
28 मार्च को होगा होलिका दहन
बड़ौत। होली से आठ दिन पहले से सभी शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। इसे होलाष्टक इस बार 21 मार्च से शुरू हो रहा है। इसके बाद शुभ कार्य होलिका दहन के बाद ही होंगे।
रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित मां दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित आकाश भारद्वाज ने बताया कि शिव पुराण के मुताबिक भगवान शिव ने जब कामदेव को भस्म किया था, तब होलाष्टक लगा था। होलाष्टक की अवधि भक्ति की शक्ति का प्रभाव बताती है। इस बार होलाष्टक की शुरूआत 21 मार्च से होगी, जो 28 मार्च होलिका दहन तक होगा। शास्त्रों के अनुसार होलाष्टक के प्रथम दिन फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी का चंद्रमा, नवमी को सूर्य, दशमी को शनि, एकादशी को शुक्र, द्वादशी को गुरु, त्रयोदशी को बुध, चतुर्दशी को मंगल और पूर्णिमा को राहु अपने उग्र रूप में होता है। इस दौरान काम बिगड़ने के अधिक आसार होते है।
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28 मार्च को होगा होलिका दहन
बड़ौत। होली से आठ दिन पहले से सभी शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। इसे होलाष्टक इस बार 21 मार्च से शुरू हो रहा है। इसके बाद शुभ कार्य होलिका दहन के बाद ही होंगे।
रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित मां दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित आकाश भारद्वाज ने बताया कि शिव पुराण के मुताबिक भगवान शिव ने जब कामदेव को भस्म किया था, तब होलाष्टक लगा था। होलाष्टक की अवधि भक्ति की शक्ति का प्रभाव बताती है। इस बार होलाष्टक की शुरूआत 21 मार्च से होगी, जो 28 मार्च होलिका दहन तक होगा। शास्त्रों के अनुसार होलाष्टक के प्रथम दिन फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी का चंद्रमा, नवमी को सूर्य, दशमी को शनि, एकादशी को शुक्र, द्वादशी को गुरु, त्रयोदशी को बुध, चतुर्दशी को मंगल और पूर्णिमा को राहु अपने उग्र रूप में होता है। इस दौरान काम बिगड़ने के अधिक आसार होते है।
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