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सात साल बाद सरूरपुर में फिर शुरू हुआ हाइवे निर्माण
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सात साल बाद सरूरपुर में फिर शुरू हुआ हाइवे निर्माण
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाइवे का निर्माण कार्य सरूरपुर कलां गांव में सात साल बाद शुरू हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले सात साल से वह मुश्किले झेल रहे हैं। गांव में हाइवे की हालत सबसे ज्यादा खराब है। बरसात में जलभराव हो जाता है। यहां दिनभर जाम की स्थिति रहती है। उम्मीद है कि इस बार परेशानी से निजात मिल जाएगी।
गांव निवासी कालूराम ने बताया कि 2012 से जब हाईवे बनना शुरू हुआ था तब लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। सात साल बाद निर्माण गांव में शुरू हुआ है, हाइवे बन जाने से ग्रामीणों को लाभ होगा। इस तरह निर्माण होना चाहिए, ताकि गांव को कोई दिक्कत न हो।
राममेहर ने कहा कि हाइवे निर्माण के कारण दर्जनों मकान तोड़े गए थे। जिससे काफी परेशानी हुई। लाखों का नुकसान भी हुआ। हाईवे बनने के बाद अब फायदा भी होगा। सरकार तोड़े गए मकानों का मुआवजा देना चाहिए।
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कृष्णपाल सिंह ने कहा कि दिल्ली-सहारनपुर हाईवे निर्माण में 150 मकान गिराए गए थे। जिनमें उनके भी कई मकान थे। नुकसान की भरपाई के मेरठ प्राधिकारण से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाद दायर किया था, जिसकी पैरवी कर रहे है।
नाला निर्माण से बैंक कार्य प्रभावित
सिंडिकेट बैंक के मैनेजर प्रियम प्रियदर्शी ने कहा कि हाईवे निर्माण के कारण बैंक का कार्य भी प्रभावित हुआ। नाला बन जाने से परेशानी हुई। समस्या से रिजनल ऑफिस को अवगत करा दिया है। भविष्य को देखते हुए बैंक को दूसरी जगह शिफ्ट कराएंगे।
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बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाइवे का निर्माण कार्य सरूरपुर कलां गांव में सात साल बाद शुरू हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले सात साल से वह मुश्किले झेल रहे हैं। गांव में हाइवे की हालत सबसे ज्यादा खराब है। बरसात में जलभराव हो जाता है। यहां दिनभर जाम की स्थिति रहती है। उम्मीद है कि इस बार परेशानी से निजात मिल जाएगी।
गांव निवासी कालूराम ने बताया कि 2012 से जब हाईवे बनना शुरू हुआ था तब लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। सात साल बाद निर्माण गांव में शुरू हुआ है, हाइवे बन जाने से ग्रामीणों को लाभ होगा। इस तरह निर्माण होना चाहिए, ताकि गांव को कोई दिक्कत न हो।
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राममेहर ने कहा कि हाइवे निर्माण के कारण दर्जनों मकान तोड़े गए थे। जिससे काफी परेशानी हुई। लाखों का नुकसान भी हुआ। हाईवे बनने के बाद अब फायदा भी होगा। सरकार तोड़े गए मकानों का मुआवजा देना चाहिए।
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कृष्णपाल सिंह ने कहा कि दिल्ली-सहारनपुर हाईवे निर्माण में 150 मकान गिराए गए थे। जिनमें उनके भी कई मकान थे। नुकसान की भरपाई के मेरठ प्राधिकारण से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाद दायर किया था, जिसकी पैरवी कर रहे है।
नाला निर्माण से बैंक कार्य प्रभावित
सिंडिकेट बैंक के मैनेजर प्रियम प्रियदर्शी ने कहा कि हाईवे निर्माण के कारण बैंक का कार्य भी प्रभावित हुआ। नाला बन जाने से परेशानी हुई। समस्या से रिजनल ऑफिस को अवगत करा दिया है। भविष्य को देखते हुए बैंक को दूसरी जगह शिफ्ट कराएंगे।