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बनेगी अभिभावक हेल्पलाइन जिले में होगी एक जैसी ड्रेस
अमर उजाला / ब्यूरो/ बागपत
Updated Fri, 05 May 2017 12:45 AM IST
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बागपत। डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने कहा जिले के सभी स्कूलों के लिए एक जैसी ड्रेस पर जिला शिक्षा समिति मंथन करेगी, इस पर जल्द ही फैसला होगा। बीएसए को अभिभावक हेल्प लाइन बनाने के भी निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने कलक्ट्रेट सभागार में यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएससी बोर्ड के स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य और अभिभावकों की बैठक ली। डीएम ने कहा स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य सुनिश्चित करें विद्यालय स्टाफ को वेतन क्रमानुसार भुगतान बैंकों के माध्यम से करें। विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लाने एवं ले जाने हेतु प्रयुक्त वाहन पर प्रशिक्षित चालक रहे।
मानक के अनुसार ही बच्चों को बैठाने की व्यवस्था कराए। बिना फिटनेस वाहन सीज कराए जाएंगे और संबंधित प्रबंधकों के खिलाफ केस होगा। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अवकाश में विद्यालय बंद रखे। अवकाश की सूचना बीएसए द्वारा वाट्सएप ग्रुप पर देर रात्रि होने पर भेजी जाएगी।
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अनिवार्य शिक्षा के अंतर्गत छह से 14 वर्ष के बच्चों को अनिवार्य रूप से शिक्षा उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। एक लाख वार्षिक आमदनी वाले 25 प्रतिशत बच्चों का यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएससी बोर्ड में नि:शुल्क प्रवेश और शिक्षा दी जाएगी।
उन्होंने फीस वृृद्धि, पाठ्य पुस्तकें एवं यूनिफार्म के संबंध में एक समिति गठित करने के भी निर्देश दिए।
किताबें और ड्रेस का विक्रय अपने स्तर से नहीं करेंगे। अगले शैक्षणिक सत्र से पूरे जनपद के लिए एक ही रंग की यूनिफार्म पर विचार करने के लिए समिति को निर्देश दिए।
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बृहस्पतिवार को डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने कलक्ट्रेट सभागार में यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएससी बोर्ड के स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य और अभिभावकों की बैठक ली। डीएम ने कहा स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य सुनिश्चित करें विद्यालय स्टाफ को वेतन क्रमानुसार भुगतान बैंकों के माध्यम से करें। विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लाने एवं ले जाने हेतु प्रयुक्त वाहन पर प्रशिक्षित चालक रहे।
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मानक के अनुसार ही बच्चों को बैठाने की व्यवस्था कराए। बिना फिटनेस वाहन सीज कराए जाएंगे और संबंधित प्रबंधकों के खिलाफ केस होगा। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अवकाश में विद्यालय बंद रखे। अवकाश की सूचना बीएसए द्वारा वाट्सएप ग्रुप पर देर रात्रि होने पर भेजी जाएगी।
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अनिवार्य शिक्षा के अंतर्गत छह से 14 वर्ष के बच्चों को अनिवार्य रूप से शिक्षा उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। एक लाख वार्षिक आमदनी वाले 25 प्रतिशत बच्चों का यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएससी बोर्ड में नि:शुल्क प्रवेश और शिक्षा दी जाएगी।
उन्होंने फीस वृृद्धि, पाठ्य पुस्तकें एवं यूनिफार्म के संबंध में एक समिति गठित करने के भी निर्देश दिए।
किताबें और ड्रेस का विक्रय अपने स्तर से नहीं करेंगे। अगले शैक्षणिक सत्र से पूरे जनपद के लिए एक ही रंग की यूनिफार्म पर विचार करने के लिए समिति को निर्देश दिए।