{"_id":"65059b4824c5cb5a3f05249d","slug":"happiness-and-prosperity-come-from-devotion-to-god-baghpat-news-c-31-1-smrt1003-2702-2023-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: प्रभु भक्ति से मिलता है सुख वैभव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: प्रभु भक्ति से मिलता है सुख वैभव
विज्ञापन
फोटो संख्या 3
बिनौली। बरनावा के श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे 41 दिवसीय शांति विधान में शनिवार को श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ 120 अर्घ्य समर्पित कर भगवान चंद्रप्रभु की पूजा अर्चना की।
विधान में पंडित प्रदीप पीयूष जयकुमार जैन ने कहा कि नित्य नियम प्रभु भक्ति करने से सुख वैभव की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि संसारी जीव परमात्मा की भक्ति संसार की सुख सुविधाओं के लिए करता है, परंतु संसार के सुख इंद्रिय सुख हैं। इंद्रिय सुखों की पूर्ति ना आज तक किसी को हुई है ना आगे कभी होने वाली है। उन्होंने कहा कि सत्कर्म से कमाया गया धन ही फलदायी होता। वह सुख और शांति का अनुभव कराता है। शांतिधारा राजकुमार जैन, आशा जैन ने की। विधान में विनम्र जैन, जीवनधर आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
बिनौली। बरनावा के श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे 41 दिवसीय शांति विधान में शनिवार को श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ 120 अर्घ्य समर्पित कर भगवान चंद्रप्रभु की पूजा अर्चना की।
विधान में पंडित प्रदीप पीयूष जयकुमार जैन ने कहा कि नित्य नियम प्रभु भक्ति करने से सुख वैभव की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि संसारी जीव परमात्मा की भक्ति संसार की सुख सुविधाओं के लिए करता है, परंतु संसार के सुख इंद्रिय सुख हैं। इंद्रिय सुखों की पूर्ति ना आज तक किसी को हुई है ना आगे कभी होने वाली है। उन्होंने कहा कि सत्कर्म से कमाया गया धन ही फलदायी होता। वह सुख और शांति का अनुभव कराता है। शांतिधारा राजकुमार जैन, आशा जैन ने की। विधान में विनम्र जैन, जीवनधर आदि शामिल रहे।
विज्ञापन