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बागपत: आर्थिक गतिविधियां बढ़ी तो व्यापारियों ने भर दी सरकार की झोली, जीएसटी चुकाने में रहे अव्वल

Sun, 03 Jan 2021 12:40 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 03 Jan 2021 12:40 PM IST
सार

- 26 दिसंबर तक ही 569 लाख रुपये की जीएसटी कराई गई जाम
- 2019 के आखिरी चार महीने के सापेक्ष 2020 में व्यापारियों ने जमा कराया टैक्स

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GST news Baghpat: traders topped in paying GST if economic activity increased
जीएसटी - फोटो : pixabay

विस्तार

लॉकडाउन में चौपट हो चुकी अर्थ व्यवस्था ने साल बीतते-बीतते फिर छलांग लगाई है। साल 2019 के आखिरी चार महीने के सापेक्ष 2020 में व्यापारियों ने जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) अधिक जमा कराया है। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में दिसंबर में ही 569 लाख रुपये जमा कराए गए। राजस्व बढ़ोत्तरी से जाहिर हो गया कि व्यापार पटरी पर लौट रहा है, अर्थव्यवस्था फिर से मजबूती की ओर है। वित्तीय वर्ष समाप्त होते-होते लॉकडाउन के महीनों में राजस्व की हानि की भी भरपाई होने की संभावना है। व्यापारियों ने उत्साह दिखाते हुए जीएसटी जमा कराई है।

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दोनों साल आखिरी चार महीने में जमा जीएसटी
माह    2019-20    2020-21
सितंबर    316.88    501.11
अक्तूबर    230    670.95
नवंबर    385     404.37
दिसंबर    525.29    569.43
नोट- जीएसटी लाख रुपये में

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साढ़े चार हजार व्यापारी चुका रहे जीएसटी

बागपत। वस्तु एवं सेवा कर चुकाने वाले जिले में साढ़े चार हजार व्यापारी है। लॉकडाउन के दौरान जरूर आर्थिक गतिविधियां बंद होने से जीएसटी पर असर पड़ा, इसके बाद सितंबर माह से टैक्स जमा करने में तेजी आई है।
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क्या कहते है अधिकारी और व्यापारी
- वाणिज्य कर अधिकारी नीरज सेंगर का कहना है कि साल 2020 के आखिरी चार महीने में तेजी से सुधार हुआ है। व्यापारियों ने साल 2019 के सापेक्ष अधिक टैक्स जमा कराया है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने तक लॉकडाउन के दौरान का गैप भी व्यापारियों के सहयोग से विभाग पूरा कर लेगा।

- व्यापारी संजय रूहेला का कहना है कि व्यापारी राजस्व चुकाने में कभी पीछे नहीं रहते। विभाग को भी व्यापारियों की लंबित मांगों का समाधान करना चाहिए। लॉकडाउन के दौरान व्यापार जगत को हुए नुकसान के हिसाब से नियम लागू करने चाहिए।

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