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साथियों की शहादत पर पुलिसकर्मियों में गम और गुस्सा

Sun, 05 Jul 2020 11:15 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2020 11:15 PM IST
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Grief and anger among policemen on martyrdom of colleagues
बड़ौत। कानपुर में हिस्ट्रीशीटर विकास दूबे को पकड़ने गए सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की शहादत की घटना ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रखा दिया है। इस घटना से पुलिस कर्मियों में जितना गम है, उससे ज्यादा गुस्सा भी है। कहना है कि कि ऐसे अपराधी समाज के लिए कोढ़ है। जनता साथ दे तो इनका सफाया किया जा सकता है।
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महिला सब इंस्पेक्टर साक्षी सिंह का कहना है कि आठ परिवार पीड़ा में है। पुलिस के ही लोगों ने अपराधियों से मिलकर उन्हें सूचना दिए जाने की खबर सबसे ज्यादा दर्दनाक रही। ऐसे लोगों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की जाना चाहिए। ताकि भविष्य मेें इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।
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कांस्टेबल मोनू शर्मा व सचिन चौधरी का कहना है कि अपराधी अपने गलत कारनामों से न केवल समाज को दूषित करते है बल्कि सभी का शोषण भी करते है। समाज के लोग पुलिस का साथ दें तो निश्चित रूप से ऐसे अपराधियों का सफाया किया जा सकता है। जनता को पुलिस का साथ देना चाहिए।
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कांस्टेबल वरुण शर्मा व मोनू कुमार का कहना है कि इन अपराधियों की भेंट चढ़ने वाला व्यक्ति किसी का बेटा, भाई और पति व पिता होता है। अपराधियों को समाज के बीच रहने का कोई अधिकार नहीं है। अपराधियों को चिह्नित कर कड़ी से कड़ी सजा देनी चाहिए।
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