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चार माह बीते, विद्यार्थियों को नहीं मिलीं पूरी किताबें
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बागपत। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को चार महीने बाद भी पूरी किताबें नहीं मिली हैं। विभाग की ओर से सात लाख 29 हजार किताबों की मांग की गई थी, मगर चार महीने बीतने के बाद भी विभाग को चार लाख 99 हजार किताबें ही मिली हैं। अभी भी 2.30 लाख किताबों की कमी है। विभाग की ओर से सत्यापन के बाद बीआरसी पर उपलब्ध कराई जाएगी।
जिले के 535 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में लगभग 70 हजार छात्र-छात्राओं का पंजीकरण है। एक अप्रैल को स्कूलों में सत्र का शुभारंभ किया था, सत्र शुरू हुए चार माह से अधिक समय बीतने के बाद भी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण नहीं हो पाया है। शासन स्तर से अभी तक विभाग को 54 टाइटल की चार लाख 99 हजार 391 पुस्तक उपलब्ध कराई गई है, जबकि विभाग की ओर से सात लाख 29 हजार 117 किताबों की मांग भेजी गई थी।
विभाग की ओर किताबों का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद बीसारसी से स्कूलों में किताबें पहुंचाई जाएगी। जिला समन्वयक धर्मेंद्र यादव ने बताया कि मांग के आधार पर अभी 2.30 लाख किताबों की कमी है। जल्द ही सत्यापन पूरा कर बीआरसी पर किताबें पहुंचाई जाएंगी।
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जिले के 535 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में लगभग 70 हजार छात्र-छात्राओं का पंजीकरण है। एक अप्रैल को स्कूलों में सत्र का शुभारंभ किया था, सत्र शुरू हुए चार माह से अधिक समय बीतने के बाद भी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण नहीं हो पाया है। शासन स्तर से अभी तक विभाग को 54 टाइटल की चार लाख 99 हजार 391 पुस्तक उपलब्ध कराई गई है, जबकि विभाग की ओर से सात लाख 29 हजार 117 किताबों की मांग भेजी गई थी।
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विभाग की ओर किताबों का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद बीसारसी से स्कूलों में किताबें पहुंचाई जाएगी। जिला समन्वयक धर्मेंद्र यादव ने बताया कि मांग के आधार पर अभी 2.30 लाख किताबों की कमी है। जल्द ही सत्यापन पूरा कर बीआरसी पर किताबें पहुंचाई जाएंगी।
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