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Baghpat News: पांच भंडार गृह बनेंगे, किसानों की यूरिया की किल्लत दूर होगी
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बागपत। जिले के पांच गांवों में सहकारी समितियों के भंडार गृह का निर्माण कराया जाएगा। जिससे किसानों को भरपूर यूरिया और एनपीके मिल सके। इन भंडार गृह के निर्माण पर दो करोड़ रुपये से अधिक बजट खर्च किया जाएगा। जिसके लिए सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेज दिया है।
जिले में 36 सहकारी समिति संचालित है, जिनके 60 गांवों में गोदाम बने हुए है। इसके बाद भी इन गोदामों की फसल बुवाई के सीजन में क्षमता कम पड़ जाती है और किसानों को समय पर यूरिया और एनपीके नहीं मिल पाता है। इस कारण किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है और उनको महंगे दाम में यूरिया खरीदना पड़ता है। किसानों की समस्याओं को देखते हुए सहकारिता विभाग के मुख्यालय ने जिले के अधिकारियों से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से पांच भंडार गृह के निर्माण के लिए प्रस्ताव मांगा। जिस पर सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने सर्वे करने के बाद मीतली, सरूरपुरकलां, रठौड़ा, हिलवाड़ी और बड़ा गांव में भंडार गृह के निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया। जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद पांचों गांवों में भंडार गृह के निर्माण पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
दो करोड़ रुपये से अधिक बजट खर्च होगा
चार गांवों गांव में 100-100 मीट्रिक टन के भंडार गृह और बड़ा गांव में 250 मीट्रिक टन के भंडार गृह का निर्माण कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। जिसमें 100 मीट्रिक टन वाले भंडार गृह के निर्माण में करीब तीस लाख रुपये के हिसाब से बजट खर्च किया जाएगा, जबकि 250 मीट्रिक टन के भंडार गृह पर 90 लाख रुपये बजट खर्च होगा। जिसके चलते पांचों भंडार गृह के निर्माण पर दो करोड़ रुपये से अधिक बजट खर्च होगा।
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राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत पांच सहकारी समितियों के भंडार गृह बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। जिसकी स्वीकृति और बजट जारी होने के बाद संस्था को नामित कर निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। - जितेंद्र राणा, अपर जिला सहकारी अधिकारी
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जिले में 36 सहकारी समिति संचालित है, जिनके 60 गांवों में गोदाम बने हुए है। इसके बाद भी इन गोदामों की फसल बुवाई के सीजन में क्षमता कम पड़ जाती है और किसानों को समय पर यूरिया और एनपीके नहीं मिल पाता है। इस कारण किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है और उनको महंगे दाम में यूरिया खरीदना पड़ता है। किसानों की समस्याओं को देखते हुए सहकारिता विभाग के मुख्यालय ने जिले के अधिकारियों से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से पांच भंडार गृह के निर्माण के लिए प्रस्ताव मांगा। जिस पर सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने सर्वे करने के बाद मीतली, सरूरपुरकलां, रठौड़ा, हिलवाड़ी और बड़ा गांव में भंडार गृह के निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया। जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद पांचों गांवों में भंडार गृह के निर्माण पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
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दो करोड़ रुपये से अधिक बजट खर्च होगा
चार गांवों गांव में 100-100 मीट्रिक टन के भंडार गृह और बड़ा गांव में 250 मीट्रिक टन के भंडार गृह का निर्माण कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। जिसमें 100 मीट्रिक टन वाले भंडार गृह के निर्माण में करीब तीस लाख रुपये के हिसाब से बजट खर्च किया जाएगा, जबकि 250 मीट्रिक टन के भंडार गृह पर 90 लाख रुपये बजट खर्च होगा। जिसके चलते पांचों भंडार गृह के निर्माण पर दो करोड़ रुपये से अधिक बजट खर्च होगा।
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राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत पांच सहकारी समितियों के भंडार गृह बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। जिसकी स्वीकृति और बजट जारी होने के बाद संस्था को नामित कर निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। - जितेंद्र राणा, अपर जिला सहकारी अधिकारी