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Baghpat News: सिद्धचक्र महामंडल विधान में श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना
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-अजितनाथ सभागार में शुरू हुआ आठ दिवसीय विधान
फोटो संख्या 2
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। नगर के अजितनाथ सभागार में बृहस्पतिवार को आठ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। यह विधान जैन संत आर्जव सागर महाराज के सानिध्य में शुरू किया गया। पहले दिन श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की।
विधानाचार्य पंडित सनत कुमार जैन और पंडित विनोद कुमार जैन के निर्देशन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। झंडारोहण का सौभाग्य जितेंद्र कुमार और सौरभ जैन को मिला। शांतिधारा राजेश जैन भारती और संजय जैन ने की। विधान में कुबेर इंद्र सतेंद्र जैन, चक्रवर्ती इंद्र लोकेश जैन, महायज्ञनायक सुभाष जैन, यज्ञनायक नीरज जैन, ईशान इंद्र अनिल जैन, सानत इंद्र गौरव जैन और महेंद्र इंद्र प्रवीण जैन ने पूजा-अर्चना की। आचार्य के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य कुबेर इंद्र लोकेश जैन को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर राजकुमार जैन, मुकेश जैन, प्रदीप जैन, वरदान जैन, नवीन जैन, अनिल जैन और संजय जैन सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।
जैन संत आर्जव सागर महाराज ने सिद्धचक्र विधान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह अनुष्ठान आध्यात्मिक लाभ प्रदान करता है। इससे पुण्यलाभ होता है और रोग, शोक, दुखों का निवारण होता है। संत ने बताया कि जिनेंद्र भगवान की भक्ति में दुर्गति का निवारण करने की सामर्थ्य है। उन्होंने श्रद्धालुओं से विधान में भावपूर्वक जिनेंद्र भगवान की आराधना करने और आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। नगर के अजितनाथ सभागार में बृहस्पतिवार को आठ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। यह विधान जैन संत आर्जव सागर महाराज के सानिध्य में शुरू किया गया। पहले दिन श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की।
विधानाचार्य पंडित सनत कुमार जैन और पंडित विनोद कुमार जैन के निर्देशन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। झंडारोहण का सौभाग्य जितेंद्र कुमार और सौरभ जैन को मिला। शांतिधारा राजेश जैन भारती और संजय जैन ने की। विधान में कुबेर इंद्र सतेंद्र जैन, चक्रवर्ती इंद्र लोकेश जैन, महायज्ञनायक सुभाष जैन, यज्ञनायक नीरज जैन, ईशान इंद्र अनिल जैन, सानत इंद्र गौरव जैन और महेंद्र इंद्र प्रवीण जैन ने पूजा-अर्चना की। आचार्य के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य कुबेर इंद्र लोकेश जैन को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर राजकुमार जैन, मुकेश जैन, प्रदीप जैन, वरदान जैन, नवीन जैन, अनिल जैन और संजय जैन सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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जैन संत आर्जव सागर महाराज ने सिद्धचक्र विधान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह अनुष्ठान आध्यात्मिक लाभ प्रदान करता है। इससे पुण्यलाभ होता है और रोग, शोक, दुखों का निवारण होता है। संत ने बताया कि जिनेंद्र भगवान की भक्ति में दुर्गति का निवारण करने की सामर्थ्य है। उन्होंने श्रद्धालुओं से विधान में भावपूर्वक जिनेंद्र भगवान की आराधना करने और आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
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