फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Baghpat News: Fear of monkeys, houses turning into fake prisons

UP: बागपत में बंदरों का आतंक, लोगों में बैठा ऐसा खौफ, जाली वाली जेल में तब्दील हो रहे घर

Fri, 17 Jun 2022 04:49 PM IST
मेरठ ब्यूरो मुकेश पंवार, अमर उजाला, बागपत
मुकेश पंवार, अमर उजाला, बागपत Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Fri, 17 Jun 2022 04:49 PM IST
सार

बंदरों के आतंक से यहां हर कोई परेशान है। यहां 90 प्रतिशत लोगों ने अपने घरों में जाली से कवर करा लिया है।

विज्ञापन
Baghpat News: Fear of monkeys, houses turning into fake prisons
बागपत में बंदरों का खौफ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

बागपत में बड़ौत नगर में बंदरों का आतंक बढ़ गया है। दुकान हो या मकान और मंदिर हो पार्क लगभग हर जगह बंदर कब्जा जमाए हैं। घरों में दाखिल होकर सामान आदि नष्ट कर दे रहे हैं। सड़कों पर बेखौफ घूम रहे बंदरों की दहशत इस कदर बढ़ गई है कि लोग अपने घरों में ही कैद होने लगे हैं। पूरे घर को जाली से कवर करा लिया है। खिड़की से लेकर दरवाजे और छत तक पर जाली, ग्रिल लगवाने को लाखों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। बंदरों के हमले भी लगातार बढ़ रहे हैं। नगरवासियों ने विकराल हो चुकी इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।

विज्ञापन


विकराल हुई समस्या, पालिका प्रशासन को उठाने चाहिए ठोस कदम
नवीन जैन बब्बल का कहना है कि नगर में बंदरों का आतंक दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। उत्पाती बंदर दिनभर गलियों, मकान की छतों पर डेरा डाले रहते हैं। ऐसे में लोगों का गलियों में निकलना और मुश्किल हो रहा है। अनिल जैन का कहना है कि बंदरों के आतंक से नगरवासी परेशान हो रहे हैं। बावजूद इसके पालिका प्रशासन इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। बबीता मलिक का कहना है कि उत्पाती बंदर छत पर सूखते कपड़े फाड़ने व खाने-पीने की सामग्री हाथों से झपटकर ले जाते हैं।
विज्ञापन


घरों पर जाली लगवाने पर लाखों का खर्च
90 प्रतिशत मकानों के खुले हिस्से, खिड़की दरवाजों को लोहे की जाली से बंद कर रखा है।
01 लाख रुपये तक खर्च कर खिड़की दरवाजों को बंद करवाना पड़ता है।
05 हजार रुपये टूटी हुई जाली को दुरुस्त करवाने में लगते हैं। अक्सर बंदरों के कूदने से जाली टूट भी जाती है।

यह भी पढ़ें: UP: जुमे की नमाज को लेकर मेरठ समेत सभी जिलों में अलर्ट, झूठे वायरल मैसेज ने लिखी थी सहारनपुर में उपद्रव की पटकथा

विज्ञापन
विज्ञापन

गर्मी में बढ़ जाता है बंदरों का आतंक
तापमान बढ़ने के साथ बंदरों के लिए रहने, खाने-पीने की समस्या होती जा रही है। शहरों में हरियाली नाम मात्र की है। ऐसे में बंदर गली मोहल्लों की छतों और सड़क पर घूमने लगते हैं। शहर की पॉश कॉलोनियों से लेकर पुराने मोहल्ले तक में इनके झुंड रहते हैं। खाने की तलाश में लोगों के घरों में घुस जाते हैं और जमकर उत्पात मचाते हैं।

यह भी पढ़ें: Agneepath Yojana: बिहार के बाद मेरठ में विरोध में उतरे युवा, दिया तीन दिन का अल्टीमेटम, 20 को दिल्ली कूच

नगरवासियों को बंदरों से निजात दिलाने के लिए पालिका प्रयासरत है। कई बार पहले पकड़कर जंगल में छोड़े गए थे, फिर बंदर कहीं से आ जाते हैं। जल्द इस समस्या के निस्तारण के लिए ठोस कदम उठाया जाएगा। - अनुज कौशिक, ईओ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed