फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   'Farmers will die only by bringing back the agricultural law'

‘कृषि कानून को वापस कराकर ही दम लेंगे किसान’

Thu, 21 Jan 2021 11:26 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jan 2021 11:26 PM IST
विज्ञापन
'Farmers will die only by bringing back the agricultural law'
बड़ौत। कृषि कानून के विरोध में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर चल रहा किसानों का धरना 33वें दिन भी जारी रहा। वक्ताआें ने कहा कि किसान अब सरकार के आगे झुकने वाले नहीं हैं। कृषि कानून को वापस कराकर ही किसान दम लेंगे।
विज्ञापन

धरनास्थल पर बृहस्पतिवार को हुई जनसभा की अध्यक्षता रणधीर सिंह राणा ढिकाना और संचालन कुलदीप गुराना ने किया। थांबेदार ब्रजपाल सिंह ने कहा कि अब किसान सरकार के आगे झुकने वाले नहीं है। या तो सरकार इस बिल को वापस ले ले, अन्यथा देशभर का किसान गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा। आचार्य बलजोर सिंह आर्य ने कहा कि किसान अपने हक के लिए जागरूक है। कृषि कानून को वापस कराकर ही दम लेगा। इसके अलावा चौबासी खाप चौधरी सुभाष, थांबेदार यशपाल सिंह, ओमवीर सिंह हिलवाड़ी, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, पूर्व विधायक डॉ. अजय कुमार, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट जयवीर सिंह तोमर, विक्रम सिंह आर्य व सुमेर सिंह आर्य ने भी विचार रखे। सभी ने अधिक से अधिक संख्या में गणतंत्र दिवस की परेड में पहुंचने का आह्वान किया।
विज्ञापन

इस दौरान सभासद आशुतोष तोमर, विपिन ढ़िकाना, विकास मलिक एडवोकेट, सागर तोमर एडवोकेट, सत्यवीर सिंह राठी, सुरेश मलिक, सुबोध राणा, मास्टर सुरेश राणा, संजीव मान, डॉ. साहब सिंह फतेहपुर पुट्ठी, राजगुरु, मास्टर वीरेंद्र सिंह, संजू तोमर, बबली तोमर मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed