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चकबंदी प्रक्रिया से नाराज किसानों ने दी आत्मदाह की चेतावनी
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संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। बामनौली गांव में 40 वर्ष में भी चकबंदी प्रक्रिया पूरी न होने से किसानों में आक्रोश है। 20 जुलाई से पूर्व समस्या का समाधान न होने पर उन्होंने कलक्ट्रेट पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
बामनौली निवासी महेशपाल, खिलाड़ी सिंह, मोहनपाल, राजीव व नरेशपाल ने डीएम बागपत को भेजे पत्र में बताया कि बामनौली गांव में 40 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। वर्ष 2005 में बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी द्वारा नक्शा 23 बनाकर किसानों को नहीं दिया गया। कुछ किसानों ने अधिकारियों से मिलकर छोटे किसानों के चक खुर्द-बुर्द कर अपने चक बनवा लिये। कई वर्षों से बामनौली के काफी किसान अधिकारियों के पास अपनी समस्या को लेकर जा रहे हैं। अभी तक समाधान नहीं हो पाया है। बताया कि पांच जुलाई को डीएम से मिले थे, मगर ग्रामीणों को संतोषजनक जवाब नहीं मिला। नाराज लोगों ने 20 जुलाई से पूर्व समस्या का समाधान न कराने पर कलक्ट्रेट पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।
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दोघट। बामनौली गांव में 40 वर्ष में भी चकबंदी प्रक्रिया पूरी न होने से किसानों में आक्रोश है। 20 जुलाई से पूर्व समस्या का समाधान न होने पर उन्होंने कलक्ट्रेट पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
बामनौली निवासी महेशपाल, खिलाड़ी सिंह, मोहनपाल, राजीव व नरेशपाल ने डीएम बागपत को भेजे पत्र में बताया कि बामनौली गांव में 40 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। वर्ष 2005 में बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी द्वारा नक्शा 23 बनाकर किसानों को नहीं दिया गया। कुछ किसानों ने अधिकारियों से मिलकर छोटे किसानों के चक खुर्द-बुर्द कर अपने चक बनवा लिये। कई वर्षों से बामनौली के काफी किसान अधिकारियों के पास अपनी समस्या को लेकर जा रहे हैं। अभी तक समाधान नहीं हो पाया है। बताया कि पांच जुलाई को डीएम से मिले थे, मगर ग्रामीणों को संतोषजनक जवाब नहीं मिला। नाराज लोगों ने 20 जुलाई से पूर्व समस्या का समाधान न कराने पर कलक्ट्रेट पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।
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