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Baghpat News: बिजली गिरने से किसान की मौत, आंधी से डेढ़ सौ गांवों में बत्ती गुल
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बागपत/बड़ौत। आंधी और बारिश के बीच बिजली गिरने से रविवार रात कोताना गांव के यमुना खादर में फसल की रखवाली कर रहे किसान विजयपाल (55) निवासी लुहारी की मौत हो गई। इसके अलावा गौरीपुर जवाहरनगर और सूप गांव में भरभराकर मकान गिरने से बच्चों समेत 5 घायल हो गए। घायलों का जिला अस्पताल में उपचार कराया गया। वहीं आंधी से बिजली के 65 खंभे टूटने के चलते डेढ़ सौ से ज्यादा गांवों की बत्ती गुल रही।
लुहारी गांव के पूर्व प्रधान सुधीर ने बताया कि उनके गांव के किसान विजयपाल ने कोताना गांव के यमुना खादर में खरबूज, तरबूज और सब्जी की फसल उगा रखी है और वहीं झोपड़ी में रहकर रात में फसल की रखवाली भी करते थे। रविवार रात बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई। सोमवार सुबह परिजन खाना लेकर यमुना खादर में पहुंचे तो झोपड़ी बिखरी हुई थी और विजयपाल मृत पड़े मिले। किसान विजयपाल अविवाहित थे। वहां आए पुलिसकर्मियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
गौरीपुर जवाहरनगर में रविवार रात तेज आंधी में तनसीर का मकान भरभराकर गिर गया। इससे तनसीर, उसका बेटे तनवीर, अनस और मुनीर मलबे में दबने से घायल हो गए। घायलों का जिला अस्पताल में उपचार कराया गया। इसके अलावा सूप गांव में अक्षय के मकान की छत सोमवार सुबह भरभराकर गिर गई, जिसके मलबे के नीचे अक्षय दबने से घायल हो गया। शोर सुनकर वहां आए पड़ोसियों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। अक्षय ने अफसरों से मुआवजा दिलाने की मांग की।
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-65 खंभे टूटे, 31 ट्रांसफार्मरों में फाल्ट और 55 फीडरों पर ब्रेकडाउन रहा
बागपत। आंधी और बारिश में सबसे ज्यादा नुकसान बिजली की लाइनों में हुआ। जिलेभर में बिजली की लाइनों पर पेड़ टूटकर गिर गए, जिससे 65 खंभे टूट गए। इसके अलावा 31 ट्रांसफार्मरों में फाल्ट होने से बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। वहीं कई घंटे तक 55 फीडरों पर ब्रेकडाउन हो गया, जिससे जिला मुख्यालय से लेकर डेढ़ सौ से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप रही। रातभर बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उधर, बिजली लाइनों में फाल्ट होने के कारण कर्मी रातभर लाइनों की मरम्मत करने में जुटे रहे। उन्होंने बिजली लाइनों के ऊपर गिरे पेड़ हटवाकर लाइन ठीक कराई। इसके अलावा रास्तों से टूटे हुए खंभे भी हटवाए। कलक्ट्रेट मुख्यालय पर अधीक्षण अभियंता जगदीश चंद्र यादव ने बिजलीघर का निरीक्षण किया और आपूर्ति शुरू कराई।
पेयजल टंकी की सोलर प्लेट उड़ी, सब्जी की फसल में नुकसान
रटौल। आंधी से लहचौड़ा में पेयजल टंकी पर लगी सोलर प्लेट उखड़कर खेतों में गिर गईं। इसके अलावा बिजली का खंभा टूटने से लहचौड़ा गांव में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। करीब 15 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे मंगलवार को पेयजल से लेकर अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। किसान मोनू शर्मा, ओमदत्त यादव, सुल्तान आदि ने बताया बारिश से मक्का, अरबी, भिंडी की फसल को फायदा मिला, जबकि आम, टमाटर, तौरी, लौकी की फसल में काफी नुकसान हो गया। आम उत्पादक हबीब खान, जावेद, उमर ने बताया कि मौसम बिगड़ने से 80 फीसदी फसल बर्बाद हो गई।
-टूटा खंभा ठीक नहीं होने पर हंगामा किया
बिनौली। धनौरा सिल्वरनगर गांव में बिजली का टूटा खंभा ठीक नहीं होने पर लोगों ने हंगामा किया। दिनेश राणा, जोगेंद्र, धर्मी, अर्जुन, छोटे सैनी आदि ने अफसरों पर सूचना देने के बाद भी खंभा ठीक नहीं कराने का आरोप लगाया। इसके बाद वहां आए ऊर्जा निगम के कर्मियों ने खंभा ठीक किया।
-इन गांवों में ठप रही बिजली आपूर्ति
आंधी और बारिश के चलते बागपत शहर, सिसाना, पुलिस लाइन, सुन्हेड़ा, बसी, बंदपुर, हरचंदपुर, पाबला, सुभानपुर, सांकराैद, डूंडाहेड़ा, मवीकलां, फखरपुर, फिरोजपुर, मुबारिकपुर, गौरीपुर जवाहरनगर, निवाड़ा, नैथला, निनाना, किशनपुर बराल, बासौली, बरवाला, सूप, सोंटी, जिवाना, जिवानी, अशरफाबाद थल, कासिमपुर खेड़ी समेत 100 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही।
वर्जन-
आंधी में पेड़ व उनकी टहनियां टूटकर गिरने से बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर और लाइन क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति ठप हो गई थी। इसके बाद ऊर्जा निगम के अफसरों और कर्मियों ने रातभर लाइन और फाल्ट ठीक कराकर आपूर्ति शुरू कराई। -जगदीश चंद्र यादव, अधीक्षण अभियंता, ऊर्जा निगम
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लुहारी गांव के पूर्व प्रधान सुधीर ने बताया कि उनके गांव के किसान विजयपाल ने कोताना गांव के यमुना खादर में खरबूज, तरबूज और सब्जी की फसल उगा रखी है और वहीं झोपड़ी में रहकर रात में फसल की रखवाली भी करते थे। रविवार रात बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई। सोमवार सुबह परिजन खाना लेकर यमुना खादर में पहुंचे तो झोपड़ी बिखरी हुई थी और विजयपाल मृत पड़े मिले। किसान विजयपाल अविवाहित थे। वहां आए पुलिसकर्मियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
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गौरीपुर जवाहरनगर में रविवार रात तेज आंधी में तनसीर का मकान भरभराकर गिर गया। इससे तनसीर, उसका बेटे तनवीर, अनस और मुनीर मलबे में दबने से घायल हो गए। घायलों का जिला अस्पताल में उपचार कराया गया। इसके अलावा सूप गांव में अक्षय के मकान की छत सोमवार सुबह भरभराकर गिर गई, जिसके मलबे के नीचे अक्षय दबने से घायल हो गया। शोर सुनकर वहां आए पड़ोसियों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। अक्षय ने अफसरों से मुआवजा दिलाने की मांग की।
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-65 खंभे टूटे, 31 ट्रांसफार्मरों में फाल्ट और 55 फीडरों पर ब्रेकडाउन रहा
बागपत। आंधी और बारिश में सबसे ज्यादा नुकसान बिजली की लाइनों में हुआ। जिलेभर में बिजली की लाइनों पर पेड़ टूटकर गिर गए, जिससे 65 खंभे टूट गए। इसके अलावा 31 ट्रांसफार्मरों में फाल्ट होने से बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। वहीं कई घंटे तक 55 फीडरों पर ब्रेकडाउन हो गया, जिससे जिला मुख्यालय से लेकर डेढ़ सौ से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप रही। रातभर बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उधर, बिजली लाइनों में फाल्ट होने के कारण कर्मी रातभर लाइनों की मरम्मत करने में जुटे रहे। उन्होंने बिजली लाइनों के ऊपर गिरे पेड़ हटवाकर लाइन ठीक कराई। इसके अलावा रास्तों से टूटे हुए खंभे भी हटवाए। कलक्ट्रेट मुख्यालय पर अधीक्षण अभियंता जगदीश चंद्र यादव ने बिजलीघर का निरीक्षण किया और आपूर्ति शुरू कराई।
पेयजल टंकी की सोलर प्लेट उड़ी, सब्जी की फसल में नुकसान
रटौल। आंधी से लहचौड़ा में पेयजल टंकी पर लगी सोलर प्लेट उखड़कर खेतों में गिर गईं। इसके अलावा बिजली का खंभा टूटने से लहचौड़ा गांव में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। करीब 15 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे मंगलवार को पेयजल से लेकर अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। किसान मोनू शर्मा, ओमदत्त यादव, सुल्तान आदि ने बताया बारिश से मक्का, अरबी, भिंडी की फसल को फायदा मिला, जबकि आम, टमाटर, तौरी, लौकी की फसल में काफी नुकसान हो गया। आम उत्पादक हबीब खान, जावेद, उमर ने बताया कि मौसम बिगड़ने से 80 फीसदी फसल बर्बाद हो गई।
-टूटा खंभा ठीक नहीं होने पर हंगामा किया
बिनौली। धनौरा सिल्वरनगर गांव में बिजली का टूटा खंभा ठीक नहीं होने पर लोगों ने हंगामा किया। दिनेश राणा, जोगेंद्र, धर्मी, अर्जुन, छोटे सैनी आदि ने अफसरों पर सूचना देने के बाद भी खंभा ठीक नहीं कराने का आरोप लगाया। इसके बाद वहां आए ऊर्जा निगम के कर्मियों ने खंभा ठीक किया।
-इन गांवों में ठप रही बिजली आपूर्ति
आंधी और बारिश के चलते बागपत शहर, सिसाना, पुलिस लाइन, सुन्हेड़ा, बसी, बंदपुर, हरचंदपुर, पाबला, सुभानपुर, सांकराैद, डूंडाहेड़ा, मवीकलां, फखरपुर, फिरोजपुर, मुबारिकपुर, गौरीपुर जवाहरनगर, निवाड़ा, नैथला, निनाना, किशनपुर बराल, बासौली, बरवाला, सूप, सोंटी, जिवाना, जिवानी, अशरफाबाद थल, कासिमपुर खेड़ी समेत 100 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही।
वर्जन-
आंधी में पेड़ व उनकी टहनियां टूटकर गिरने से बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर और लाइन क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति ठप हो गई थी। इसके बाद ऊर्जा निगम के अफसरों और कर्मियों ने रातभर लाइन और फाल्ट ठीक कराकर आपूर्ति शुरू कराई। -जगदीश चंद्र यादव, अधीक्षण अभियंता, ऊर्जा निगम