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12 किमी चले और बैंक के सामने गिर पड़े

Fri, 18 Nov 2016 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Fri, 18 Nov 2016 12:41 AM IST
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Falls in front of the bank and moved to 12 km
12 किलो मीटर पैदल चलने के बाद कलक्ट्रेट में बेहोश हुआ बुजुर्ग। - फोटो : amar ujala
बागपत में बुजुर्ग दंपति रुपये नहीं होने के कारण रुपये लेने के लिए 12 किमी पैदल चले। बैंक के सामने पहुंचे तो गिर पड़े, लेकिन यहां किसी को फिक्र नहीं। लाइन लंबी थी, घंटों इंतजार के बाद दोनों फिर घर लौट गए। 
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 खेड़ा हटाना गांव निवासी कैलाश और महेंद्री बुजुर्ग हैं। दोनों बीमार हैं। इलाज के लिए रुपये चाहिए। रुपये बैंक में हैं। दोनों का कहना है कि वह रुपये लेने के लिए बृहस्पतिवार को घर से बैंक के लिए पैदल चले। करीब 12 किमी का सफर कई घंटे में पूरा किया। कलक्ट्रेट में बैंक के सामने पहुंचे तो महेंद्र गिर पड़ा, लेकिन यहां किसी को फिक्र नहीं। उन्हें न तो रुपये मिले और न ही किसी ने इस दंपति की फिक्र की।  कहना है कि बगैर रुपये मिले ही वह परेशान हालात में अपने घर लौटे। सवाल इनके इलाज का है। जिसका इनके पास कोई समाधान नहीं।

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बेटे की शादी के लिए चाहिए रुपये

बागपत। निनाना का ऋषिपाल अपनी पत्नी के साथ यहां रुपये लेने पहुंचा। सिंडीकेट बैंक में उन्हें रुपये नहीं मिला। दंपति ने कहा जो रुपये उनके पास थे बैंक में जमा कर दिए। उन्हें कहा था, जल्द ही वापस दिए जाएंगे, लेकिन नहीं मिले। अब सवाल शादी का है। आखिर वह किस तरह शादी पूरी करेंगे। 

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नोट नहीं बदल पाए, बीमार की जान चली गई

बागपत। बेटा बीमार था। डॉक्टर को इलाज के लिए चाहिए थे नए नोट। अम्मा और अब्बा दोनों ही बैंक की कतार में खड़े हुए, लेकिन नए नोट नहीं मिले। जो उधार मिले, उनसे काम नहीं चला। नोट बदलने की जद्दोजहद के बीच दवाएं खत्म हो गई। दुआएं काम नहीं आई। नतीजा यह हुआ कि मजदूर के बेटे की जान चली गई। खुब्बीपुर-निवाड़ा गांव का कल्लू भट्ठे पर मजदूरी करता है। उनका बड़ा बेटा अहसान पिछले चार दिन से बुखार से ग्रस्त था। उसका निजी चिकित्सक से उपचार कराया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। चिकित्सकों ने अहसान को हायर हॉस्पिटल के लिए रेफर किया। परिजनों के अनुसार उनके पास पुराने नोट थे, अस्पताल ने उनको नहीं लिये। उनको बैंकों में बदलवाने का काफी प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसी कारण वह अपने बेटे का बड़े अस्पताल में इलाज नहीं कर पाया। इस कारण अहसान की मौत हो गई। 

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