Exclusive: बसें बढ़ी, किमी बढ़े लेकिन 25 प्रतिशत रह गईं सवारियां, मात्र 15 दिन में रोडवेज को 40 लाख का नुकसान
उत्तर प्रदेश के बड़ौत डिपो में सवारियां 25 फीसदी कम हो गई हैं। इससे रोडवेज के राजस्व में लगातार हानि हो रही है। वहीं 30 से अधिक चालक-परिचालकों की निगरानी शुरू कर दी गई है।
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बड़ौत डिपो के अफसरों के अनुसार डेढ़ माह पहले डिपो में निगम की 64 व 62 अनुबंधित बसों का संचालन होता था, लेकिन इसके बाद भी यात्रियों ने बसों की संख्या बढ़ाएं जाने की मांग की। यात्रियों ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर शिकायत की कि उन्हें बसाें के अभाव के चलते अपने गतंव्य तक पहुंचने के लिए या तो अपने निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता था या फिर डग्गामार वाहनों का। जिसको देखते हुए डिपो ने 20 से अधिक ओर बसों का संचालन किया।
फिलहाल डिपो में 88 बसें निगम की व 59 बसें अनुबंधित संचालित है। यानी बसें भी बढ़ी और बसों के फेर यानी चक्कर भी बढ़ा दिएं। ताकि विभाग का राजस्व बढ़ सके और यात्री भी समय पर अपने गतंव्य तक पहुंच सके, लेकिन हैरानी की बात यह है कि रोडवेज का राजस्व बढ़ने की बजाए लगातार घटता जा रहा है। मात्र 15 दिनों के अंदर विभाग को 40 लाख का राजस्व नुकसान हो गया और अभी भी राजस्व लगातार कम होता जा रहा है। ऐसे में विभागीय अफसर चिंतित है।
6 हजार किमी प्रतिदिन अधिक चल रही बसें
बड़ौत डिपो में संचालित बसें पहले प्रतिदिन 38 हजार किमी दूरी का सफर तय करती थी, लेकिन अब 20 ओर अतिरिक्त बसों का संचालन होने से प्रतिदिन लगभग 44 हजार किमी दूरी का सफर करती है। यानी प्रतिदिन 6 हजार किमी बसें अधिक चल रही है, लेकिन इसके बावजूद भी यात्रियों की संख्या बढ़ने की बजाएं लगातार घट गई है। 25 फीसदी यात्रियों की संख्या घटने से प्रतिदिन रोडवेज को ढ़ाई से तीन लाख का राजस्व नुकसान पहुंच रहा है।
लगातार राजस्व हानि से अधिकारी चिंतित है। फिलहाल शक के आधार पर 30 से अधिक चालक-परिचालकों से संचालन रूट को लेकर पूछताछ की जा रही है और उनकी निगरानी भी शुरू कर दी गई है। क्योंकि विभाग को संदेह है कि कहीं विभाग के राजस्व हानि में इन चालक-परिचालकों का हाथ तो नहीं है। पूरे मामले को लेकर विभागीय अफसर गंभीर है और राजस्व बढ़ाने को लेकर मंथन करने में जुटे है।