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हर बार रालोद प्रत्याशी के सिर पर ही सजा जिपं अध्यक्ष सेहरा
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इस बार भाजपा और रालोद के मुकाबले में किसकी होगी जीत
यह भी पहली बार होगा कि कोई अनुसूचित जाति की महिला इस पद पर बैठेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में हमेशा रालोद प्रत्याशी के सिर ही जीत का सेहरा सजा। पिछले वर्षों में हुए चुनावों में भी उलटफेर हुए, लेकिन हमेशा रालोद का प्रत्याशी ही जीता। इस बार देखना है कि भाजपा और रालोद के बीच इस चुनावी टक्कर में किसकी जीत होती है। यह भी पहली बार होगा कि कोई अनुसूचित जाति की महिला इस पद पर बैठेगी।
बागपत वर्ष 1997 में पृथक जिला बना था। जिला बनने के बाद 1998 में हुए पहले चुनाव में शकुन यादव जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं थीं। साल 2000 में ओंकार यादव ने इस पद पर जीत हासिल की थी। साल 2005 में विधायक योगेश धामा की पत्नी रेणू धामा अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुई थीं। वर्ष 2010 में योगेश धामा जिला पंचायत अध्यक्ष बने। इसके बाद 2015 में फिर से उनकी पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर आसीन हुई थी। ये सभी रालोद के प्रत्याशी थे। इस बार रालोद की ममता देवी और सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुई बबली देवी के बीच कड़ी टक्कर है। इनमें से किसकी जीत होती है, यह तीन जुलाई को ही पता चलेगा।
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यह भी पहली बार होगा कि कोई अनुसूचित जाति की महिला इस पद पर बैठेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में हमेशा रालोद प्रत्याशी के सिर ही जीत का सेहरा सजा। पिछले वर्षों में हुए चुनावों में भी उलटफेर हुए, लेकिन हमेशा रालोद का प्रत्याशी ही जीता। इस बार देखना है कि भाजपा और रालोद के बीच इस चुनावी टक्कर में किसकी जीत होती है। यह भी पहली बार होगा कि कोई अनुसूचित जाति की महिला इस पद पर बैठेगी।
बागपत वर्ष 1997 में पृथक जिला बना था। जिला बनने के बाद 1998 में हुए पहले चुनाव में शकुन यादव जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं थीं। साल 2000 में ओंकार यादव ने इस पद पर जीत हासिल की थी। साल 2005 में विधायक योगेश धामा की पत्नी रेणू धामा अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुई थीं। वर्ष 2010 में योगेश धामा जिला पंचायत अध्यक्ष बने। इसके बाद 2015 में फिर से उनकी पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर आसीन हुई थी। ये सभी रालोद के प्रत्याशी थे। इस बार रालोद की ममता देवी और सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुई बबली देवी के बीच कड़ी टक्कर है। इनमें से किसकी जीत होती है, यह तीन जुलाई को ही पता चलेगा।
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