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पहले भी लोग जाते रहे, भाकियू पर नहीं पड़ता कोई फर्क : राकेश टिकैत
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। भाकियू (अराजनैतिक) नाम से नया संगठन बनाने पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि नया संगठन बनने पर भाकियू पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पहले भी संगठन से लोग जाते रहे हैं।
बता दें कि हाल ही में नाराज चल रहे पदाधिकारियों और समर्थकों ने भाकियू से अलग होकर भाकियू (अराजनैतिक) नाम से नया संगठन बनाया है । इससे किसान संगठनों और नेताओं में खलबली मची हुई है। मंगलवार को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित एक प्रतिष्ठान पर पहुंचे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि नया संगठन बनने पर भाकियू पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पहले भी संगठन से लोग जाते रहे हैं। कहा कि सरकार ने चुनाव से पहले वादा किया था कि वह किसानों के बिजली के बिल आधे करेगी। मगर, अब ट्यूबवेल पर मीटर लगाने की योजना बनाई जा रही है। हमारा संगठन उसका विरोध करता है। गन्ना भुगतान भी अटका पड़ा है। सरकार का घोषणा पत्र झूठा था। कहा कि एनजीटी के नाम पर किसान के ट्रैक्टर्स तोड़े जा रहे है। देश गलत दिशा में जा रहा है। आज मंदिर-मस्जिद विवाद को छोड़कर जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू होना चाहिए।
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बड़ौत (बागपत)। भाकियू (अराजनैतिक) नाम से नया संगठन बनाने पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि नया संगठन बनने पर भाकियू पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पहले भी संगठन से लोग जाते रहे हैं।
बता दें कि हाल ही में नाराज चल रहे पदाधिकारियों और समर्थकों ने भाकियू से अलग होकर भाकियू (अराजनैतिक) नाम से नया संगठन बनाया है । इससे किसान संगठनों और नेताओं में खलबली मची हुई है। मंगलवार को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित एक प्रतिष्ठान पर पहुंचे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि नया संगठन बनने पर भाकियू पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पहले भी संगठन से लोग जाते रहे हैं। कहा कि सरकार ने चुनाव से पहले वादा किया था कि वह किसानों के बिजली के बिल आधे करेगी। मगर, अब ट्यूबवेल पर मीटर लगाने की योजना बनाई जा रही है। हमारा संगठन उसका विरोध करता है। गन्ना भुगतान भी अटका पड़ा है। सरकार का घोषणा पत्र झूठा था। कहा कि एनजीटी के नाम पर किसान के ट्रैक्टर्स तोड़े जा रहे है। देश गलत दिशा में जा रहा है। आज मंदिर-मस्जिद विवाद को छोड़कर जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू होना चाहिए।
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