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Baghpat News: सपने दिखाए सम्मान के...पैसे की जगह आश्वासन की झोली थमाई
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बागपत। मेधावियों व खिलाड़ियों को डमी चेक देकर सम्मान का सपना दिखा दिया गया लेकिन उस सम्मान का पैसा अब तक उनके पास नहीं आया। डीआईओएस का तबादला होते ही सम्मान में मिलने वाली 21 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की राशि बैंक में फंस गई है। अब अधिकारियों के पास जाने पर मेधावियों व खिलाड़ियों को सम्मान की जगह आश्वासन दिया जा रहा है।
हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के टॉप-10 विद्यार्थियों को 21-21 हजार रुपये और नेशनल स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को एक लाख रुपये से लेकर 30 हजार रुपये की धनराशि के डमी चेक दिए थे। ये चेक कलक्ट्रेट सभागार में विधायकों के हाथों से मेधावियों व खिलाड़ियों को दिलवाए गए थे। डमी चेक देने के बाद यह सम्मान की धनराशि उनके खातों में एक सप्ताह में आनी थी लेकिन अब तक भी उनके खाते में पैसा नहीं आया। यह सम्मान पाने के लिए विद्यार्थियों व खिलाड़ियों को अधिकारियों के दरबार में जाना पड़ रहा है। कार्यालय में जाते हैं तो उन्हें एक सप्ताह में खाते में सम्मान राशि आने का आश्वासन दिया जाता है। जब खाते में सम्मान की राशि नहीं आती तो कार्यालय फिर जाने पर दोबारा इस तरह कहकर टरका दिया जाता है। मेधावी व खिलाड़ी थककर अब घर बैठ गए हैं।
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डीआईओएस के तबादले में फंस गया सम्मान
जब डमी चेक दिए गए थे, तब डीआईओएस धर्मेंद्र कुमार सक्सेना थे। उन्होंने सम्मान राशि मेधावियों व खिलाड़ियों के खातों में भेजने में रुचि नहीं दिखाई और इस बीच ही उनका तबादला हो गया। उनकी जगह आए डीआईओएस राघवेंद्र सिंह का डोंगल नहीं बना है और इस वजह से मेधावियों व खिलाड़ियों को सम्मान मिलने में देरी हो रही है। जब उनका डोंगल बन जाएगा, तब मेधावियों व खिलाड़ियों के खाते में सम्मान की राशि पहुंच सकेगी।
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जब डमी चेक दिए गए थे तो काफी उत्साह था। सम्मान की राशि अभी तक खाते में नहीं आई है और अब थोड़ी निराशा जरूर होती है। अधिकारी भी सही से जवाब नहीं दे रहे हैु। पता नहीं सम्मान के 21 हजार रुपये कब मिलेंगे।
-रुचि, छात्रा इंटरमीडिएट
सम्मान की 21 हजार रुपये की धनराशि खाते में नहीं आई तो स्कूल पहुंचने पर पता चला कि एक जुलाई को सम्मान की राशि मिल जाएगी। अभी तक यह सम्मान नहीं मिला।
-शिवम, छात्र इंटरमीडिएट
नेशनल स्तर पर कांस्य पदक जीता था और 30 हजार रुपये का सम्मान देने के लिए डमी चेक दिया गया था। डीआईओएस कार्यालय गए तो वहां सम्मान राशि खाते में न आने के बारे में सही से जवाब नहीं दिया गया। पता नहीं अधिकारी सम्मान देने में क्यों लापरवाही बरतते हैं। प्रिंस नैन, खिलाड़ी
पदक जीतने के बाद 30 हजार रुपये का डमी चेक मिलने के बाद काफी खुशी हुई थी। लगता था कि जल्दी सम्मान राशि भी मिल जाएगी। अब जल्द ही सम्मान राशि नहीं मिली तो डीएम से शिकायत की जाएगी।
-नदीम, खिलाड़ी
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वर्जन
अभी मेरा डोंगल नहीं बना है। डोंगल बनने के बाद मेधावियों व खिलाड़ियों की सम्मान राशि उनके खाते में भेजी जाएगी।
-राघवेंद्र सिंह, डीआईओएस
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हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के टॉप-10 विद्यार्थियों को 21-21 हजार रुपये और नेशनल स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को एक लाख रुपये से लेकर 30 हजार रुपये की धनराशि के डमी चेक दिए थे। ये चेक कलक्ट्रेट सभागार में विधायकों के हाथों से मेधावियों व खिलाड़ियों को दिलवाए गए थे। डमी चेक देने के बाद यह सम्मान की धनराशि उनके खातों में एक सप्ताह में आनी थी लेकिन अब तक भी उनके खाते में पैसा नहीं आया। यह सम्मान पाने के लिए विद्यार्थियों व खिलाड़ियों को अधिकारियों के दरबार में जाना पड़ रहा है। कार्यालय में जाते हैं तो उन्हें एक सप्ताह में खाते में सम्मान राशि आने का आश्वासन दिया जाता है। जब खाते में सम्मान की राशि नहीं आती तो कार्यालय फिर जाने पर दोबारा इस तरह कहकर टरका दिया जाता है। मेधावी व खिलाड़ी थककर अब घर बैठ गए हैं।
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डीआईओएस के तबादले में फंस गया सम्मान
जब डमी चेक दिए गए थे, तब डीआईओएस धर्मेंद्र कुमार सक्सेना थे। उन्होंने सम्मान राशि मेधावियों व खिलाड़ियों के खातों में भेजने में रुचि नहीं दिखाई और इस बीच ही उनका तबादला हो गया। उनकी जगह आए डीआईओएस राघवेंद्र सिंह का डोंगल नहीं बना है और इस वजह से मेधावियों व खिलाड़ियों को सम्मान मिलने में देरी हो रही है। जब उनका डोंगल बन जाएगा, तब मेधावियों व खिलाड़ियों के खाते में सम्मान की राशि पहुंच सकेगी।
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जब डमी चेक दिए गए थे तो काफी उत्साह था। सम्मान की राशि अभी तक खाते में नहीं आई है और अब थोड़ी निराशा जरूर होती है। अधिकारी भी सही से जवाब नहीं दे रहे हैु। पता नहीं सम्मान के 21 हजार रुपये कब मिलेंगे।
-रुचि, छात्रा इंटरमीडिएट
सम्मान की 21 हजार रुपये की धनराशि खाते में नहीं आई तो स्कूल पहुंचने पर पता चला कि एक जुलाई को सम्मान की राशि मिल जाएगी। अभी तक यह सम्मान नहीं मिला।
-शिवम, छात्र इंटरमीडिएट
नेशनल स्तर पर कांस्य पदक जीता था और 30 हजार रुपये का सम्मान देने के लिए डमी चेक दिया गया था। डीआईओएस कार्यालय गए तो वहां सम्मान राशि खाते में न आने के बारे में सही से जवाब नहीं दिया गया। पता नहीं अधिकारी सम्मान देने में क्यों लापरवाही बरतते हैं। प्रिंस नैन, खिलाड़ी
पदक जीतने के बाद 30 हजार रुपये का डमी चेक मिलने के बाद काफी खुशी हुई थी। लगता था कि जल्दी सम्मान राशि भी मिल जाएगी। अब जल्द ही सम्मान राशि नहीं मिली तो डीएम से शिकायत की जाएगी।
-नदीम, खिलाड़ी
वर्जन
अभी मेरा डोंगल नहीं बना है। डोंगल बनने के बाद मेधावियों व खिलाड़ियों की सम्मान राशि उनके खाते में भेजी जाएगी।
-राघवेंद्र सिंह, डीआईओएस