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रजबहे की पटरी टूटने से फसलें जलमग्न
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चांदीनगर (बागपत)। डौला खासपुर रजबहे की गांव खासपुर में ही पटरी टूटने से किसानों की करीब 50 बीघा फसलें जलमग्न हो गई। पीड़ित किसानों ने डीएम से हस्तक्षेप कर फसलों की क्षतिपूर्ति का मुआवजा दिलाने की मांग की ।
डौला खासपुर रजबहा गांव के बीच में बना हुआ है। इसमें अधिकांश समय पानी नहीं होता है। इस कारण रजबहे की पटरियां जगह जगह से टूटी रहती हैं। सोमवार को रजबहे में पानी आने से गांव खासपुर के समीप पटरी टूट गई और किसानों की 50 बीघा गेहूं और सरसों की फसल जलमग्न हो गई, इससे किसानों मे हड़कंप मच गया। किसानों ने रजबहा टूटने की सूचना उच्च अधिकारियों को दी और टूटी पटरी की मरम्मत कराने की मांग की। इसके अलावा किसानों ने श्रम दान करे किसी तरह पटरी पर मिट्टी डालकर पानी के बहाव को रोका। रजबहे की पटरी कभी भी टूट सकती है। उन्होंने कहा सूचना देने के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौका मुआयना करने की जरूरत नहीं समझी। किसान राधे, उमेश, पीतम, ओम सिंह ने कहा खेतों में अगर जल्द पानी नहीं सूखा तो फसल बरबाद हो जाएगी। इससे किसान बर्बाद हो जाएंगे। किसानों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
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डौला खासपुर रजबहा गांव के बीच में बना हुआ है। इसमें अधिकांश समय पानी नहीं होता है। इस कारण रजबहे की पटरियां जगह जगह से टूटी रहती हैं। सोमवार को रजबहे में पानी आने से गांव खासपुर के समीप पटरी टूट गई और किसानों की 50 बीघा गेहूं और सरसों की फसल जलमग्न हो गई, इससे किसानों मे हड़कंप मच गया। किसानों ने रजबहा टूटने की सूचना उच्च अधिकारियों को दी और टूटी पटरी की मरम्मत कराने की मांग की। इसके अलावा किसानों ने श्रम दान करे किसी तरह पटरी पर मिट्टी डालकर पानी के बहाव को रोका। रजबहे की पटरी कभी भी टूट सकती है। उन्होंने कहा सूचना देने के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौका मुआयना करने की जरूरत नहीं समझी। किसान राधे, उमेश, पीतम, ओम सिंह ने कहा खेतों में अगर जल्द पानी नहीं सूखा तो फसल बरबाद हो जाएगी। इससे किसान बर्बाद हो जाएंगे। किसानों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
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