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बुखार होने पर खुद न बनें चिकित्सक
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बड़ौत। समय पर डेंगू के लक्षण पहचान कर बीमारी को गंभीर रूप लेने से रोका जा सकता है। जरा सी लापरवाही जीवन पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में सामान्य लक्षण होने पर भी चिकित्सक से जरूर सलाह लें।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने बताया कि नगर व देहात क्षेत्र में पिछलें कुछ दिनों से बुखार के मरीज बढ़े हैं। बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण बच्चे व बुजुर्गों के साथ-साथ ऐसे लोग जो डायबिटीज, टीबी, एचआईवी और कैंसर से पीड़ित हैं, उन्हें डेंगू का खतरा ज्यादा है।
डेंगू संक्रमित होने पर ऐसे लोगों में प्लेटलेट्स तेजी से गिरने लगता है व इन्हें सही होने में अन्य लोगों की तुलना में अधिक समय लग सकता है। बुखार आने की स्थिति में खुद डॉक्टर बनने की कोशिश न करें। अधिक आवश्यकता पड़ने पर केवल पैरासीटामॉल दें। बुखार 100 से 102 के बीच रहे शरीर को ठंडे पानी से स्पंज करें। यह तब तक करें, जब तक शरीर का तापमान सामान्य न हो जाए।
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नींबू पानी का करें भरपूर सेवन
डिहाइड्रेशन से बचने के लिए खूब पानी पीएं। डिहाइड्रेशन की समस्या होने से तबीयत और ज्यादा खराब हो सकती है। मरीज के शरीर में प्रत्येक दिन कम से कम तीन से चार लीटर पानी जाना चाहिए। इसके साथ ही हर एक से दो घंटे में रोगी को कुछ ना कुछ खाने के लिए देते रहें।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने बताया कि नगर व देहात क्षेत्र में पिछलें कुछ दिनों से बुखार के मरीज बढ़े हैं। बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण बच्चे व बुजुर्गों के साथ-साथ ऐसे लोग जो डायबिटीज, टीबी, एचआईवी और कैंसर से पीड़ित हैं, उन्हें डेंगू का खतरा ज्यादा है।
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डेंगू संक्रमित होने पर ऐसे लोगों में प्लेटलेट्स तेजी से गिरने लगता है व इन्हें सही होने में अन्य लोगों की तुलना में अधिक समय लग सकता है। बुखार आने की स्थिति में खुद डॉक्टर बनने की कोशिश न करें। अधिक आवश्यकता पड़ने पर केवल पैरासीटामॉल दें। बुखार 100 से 102 के बीच रहे शरीर को ठंडे पानी से स्पंज करें। यह तब तक करें, जब तक शरीर का तापमान सामान्य न हो जाए।
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नींबू पानी का करें भरपूर सेवन
डिहाइड्रेशन से बचने के लिए खूब पानी पीएं। डिहाइड्रेशन की समस्या होने से तबीयत और ज्यादा खराब हो सकती है। मरीज के शरीर में प्रत्येक दिन कम से कम तीन से चार लीटर पानी जाना चाहिए। इसके साथ ही हर एक से दो घंटे में रोगी को कुछ ना कुछ खाने के लिए देते रहें।