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Baghpat News: कागजों में 4.99 लाख रुपये से बनी सड़क, शिकायत होते ही जमीन पर आई
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बागपत। बसौद गांव में कागजों में 4.99 लाख रुपये की सड़क बना दी गई और यह रुपये निकालकर हजम कर लिए गए। इसकी शिकायत होने पर सड़क जमीन पर उतरी, मगर अधिकारियों की जांच में पूरा खेल सामने आ गया। अब गांव के अन्य कार्यों की भी जांच कराई जाएगी क्योंकि पंचायत सदस्यों ने अधिकतर कार्यों में इस तरह घपला करने का आरोप लगाया है।
बसौद गांव में कंक्रीट सीमेंट सड़क का निर्माण 30 दिसंबर 2024 को कागजों में पूरा दिखा दिया गया। इस सड़क के निर्माण का भुगतान तीन बार में ठेकेदार के खाते में किया गया। सबसे पहले पांच फरवरी को 2,28,000 रुपये का विकास कांट्रेक्टर को भुगतान किया गया। इसके बाद छह मार्च को 1,94,414 रुपये और चार जुलाई को 76,484 रुपये का भुगतान उसी ठेकेदार के खाते में किया गया।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर इस तरह से सड़क के लिए 4.99 लाख रुपये का भुगतान देखकर डीएम व सीडीओ के पास शपथ पत्र पर शिकायत की गई। इसकी जांच शुरू होने से पहले ही 21 जुलाई को सचिव व प्रधान ने सड़क का निर्माण करा दिया। जांच के लिए बनाई गई टीम में शामिल जिला सेवायोजन अधिकारी विपिन कुमार और जल निगम के सहायक अभियंता दीपक कुमार गांव में पहुंचे तो पूरी सच्चाई सामने आ गई। टीम ने पूरी रिपोर्ट बनाकर डीएम को सौंप दी।
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इनमें भी घपले का आरोप लगा जांच की मांग उठाई
बसौद के ग्राम पंचायत सदस्य रिंकू, अर्चना, सुनीता, हुकमचंद, श्रवण कुमार, गौरव, नेहा, बिरमो व भूलेराम ने आरोप लगाया कि गांव में दो साल से एक भी बैठक नहीं की गई है। प्रधान व सचिव वर्ष 2021-25 के बीच अपनी मर्जी से खुद ही बजट को खर्च दिखाकर घपला कर रहे हैं। उन्होंने हैंडपंप रिबोर दिखाकर रुपये निकालने का आरोप लगाया है और पंचायत घर, सार्वजनिक शौचालय, मॉडल शॉप आदि के निर्माण में खराब सामग्री लगाकर घपले का आरोप लगाया गया। इन सभी की जांच भी कराने की मांग की गई।
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बसौद गांव में घपले की शिकायत पर जांच मिली थी। वहां भुगतान पहले कर दिया गया था और सड़क का निर्माण कार्य बाद में कराया गया। इसकी पूरी जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी गई है। -विपिन कुमार, जिला सेवायोजन अधिकारी
जिन कार्यों को बिना कराए रुपये निकालकर घपला करने के आरोप लगाए गए थे, वे पूरे हो चुके हैं और उनका भुगतान भी कराया जा चुका है। घपले के आरोप पूरी तरह से गलत हैं। -महबूब, प्रधान बसौद
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बसौद गांव में कंक्रीट सीमेंट सड़क का निर्माण 30 दिसंबर 2024 को कागजों में पूरा दिखा दिया गया। इस सड़क के निर्माण का भुगतान तीन बार में ठेकेदार के खाते में किया गया। सबसे पहले पांच फरवरी को 2,28,000 रुपये का विकास कांट्रेक्टर को भुगतान किया गया। इसके बाद छह मार्च को 1,94,414 रुपये और चार जुलाई को 76,484 रुपये का भुगतान उसी ठेकेदार के खाते में किया गया।
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ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर इस तरह से सड़क के लिए 4.99 लाख रुपये का भुगतान देखकर डीएम व सीडीओ के पास शपथ पत्र पर शिकायत की गई। इसकी जांच शुरू होने से पहले ही 21 जुलाई को सचिव व प्रधान ने सड़क का निर्माण करा दिया। जांच के लिए बनाई गई टीम में शामिल जिला सेवायोजन अधिकारी विपिन कुमार और जल निगम के सहायक अभियंता दीपक कुमार गांव में पहुंचे तो पूरी सच्चाई सामने आ गई। टीम ने पूरी रिपोर्ट बनाकर डीएम को सौंप दी।
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इनमें भी घपले का आरोप लगा जांच की मांग उठाई
बसौद के ग्राम पंचायत सदस्य रिंकू, अर्चना, सुनीता, हुकमचंद, श्रवण कुमार, गौरव, नेहा, बिरमो व भूलेराम ने आरोप लगाया कि गांव में दो साल से एक भी बैठक नहीं की गई है। प्रधान व सचिव वर्ष 2021-25 के बीच अपनी मर्जी से खुद ही बजट को खर्च दिखाकर घपला कर रहे हैं। उन्होंने हैंडपंप रिबोर दिखाकर रुपये निकालने का आरोप लगाया है और पंचायत घर, सार्वजनिक शौचालय, मॉडल शॉप आदि के निर्माण में खराब सामग्री लगाकर घपले का आरोप लगाया गया। इन सभी की जांच भी कराने की मांग की गई।
बसौद गांव में घपले की शिकायत पर जांच मिली थी। वहां भुगतान पहले कर दिया गया था और सड़क का निर्माण कार्य बाद में कराया गया। इसकी पूरी जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी गई है। -विपिन कुमार, जिला सेवायोजन अधिकारी
जिन कार्यों को बिना कराए रुपये निकालकर घपला करने के आरोप लगाए गए थे, वे पूरे हो चुके हैं और उनका भुगतान भी कराया जा चुका है। घपले के आरोप पूरी तरह से गलत हैं। -महबूब, प्रधान बसौद