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ट्रेन में दीपक की हत्या: 20 के खिलाफ मुकदमा, पांच गिरफ्तार, हत्यारों से बचा ना सके साला और दोस्त
Sun, 22 Jun 2025 02:18 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Sun, 22 Jun 2025 02:18 PM IST
सार
Baghpat News: शुक्रवार रात सीट को लेकर हुए विवाद में यात्रियों के एक गुट ने दीपक को पीट-पीटकर मार डाला। दोस्त और साले ने उसे बचाने की काफी कोशिश की, उनको भी चोटें आई हैं।
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दीपक की फाइल फोटो और पोस्टमार्टम हाउस पर उसका साला व दोस्त।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली से सहारनपुर जा रही पैसेंजर ट्रेन में शुक्रवार रात सीट को लेकर हुए विवाद में पीट-पीटकर खेकड़ा के अहिरान मोहल्ले के दीपक की हत्या के मामले में जीआरपी ने पांच नामजद समेत 20 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इसमें खेकड़ा व बसी गांव के पांचों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
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दीपक की हत्या में पकड़े गए पांच आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के कीर्तिनगर और वर्तमान में मोहल्ला अहिरान निवासी वीरेंद्र ने बताया कि वह शुक्रवार रात दिल्ली में दुकान पर नौकरी करने के बाद अपने जीजा दीपक यादव, उसके दोस्त नितिन समेत अन्य युवकों के साथ पैसेंजर ट्रेन में सवार होकर वापस खेकड़ा लौट रहा था। ट्रेन जैसे ही फखरपुर रेलवे हाल्ट पर रुकी तो उनका एक साथी नीचे उतरकर अपने गांव चला गया।
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वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि फखरपुर से ट्रेन चलते ही खेकड़ा और बसी के 15-20 युवक आए और उनको सीट से उठाने का प्रयास करने लगे। सीट पर बैठने को लेकर हुए विवाद में उन्होंने उसके जीजा दीपक को पीटना शुरू कर दिया। उसने और नितिन ने दीपक को बचाने का प्रयास किया तो हमलावरों ने उनकी भी पिटाई कर दी। हमलावरों की पिटाई से उसके जीजा दीपक यादव की ट्रेन में मौत हो गई।
इसके बाद खेकड़ा पहुंचते ही हमलावर ट्रेन धीमी होते ही कूदकर भाग गए। दीपक की तहरीर मिलने पर बड़ौत जीआरपी थाने में संजीव, राहुल, विशाल निवासी बसी, प्रियांशु निवासी निर्भय एंक्लेव और सिद्धार्थ निवासी मोहल्ला रैदासपुरी खेकड़ा और 15 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसके बाद जीआरपी ने चेकिंग के दौरान संजीव, राहुल, विशाल, प्रियांशु और सिद्धार्थ को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में हत्यारोपियों ने सीट को लेकर हुए विवाद में पिटाई करने की बात बताई है। उधर, मारपीट में घायल मृतक के साले वीरेंद्र और दोस्त नितिन का भी उपचार कराया गया।
वीडियो में दीपक को बेरहमी से पीट रहे हमलावर
ट्रेन में पीट-पीटकर दीपक की हत्या की घटना के दौरान कुछ यात्रियों ने मारपीट की वीडियो भी बना ली। वीडियो में हमलावरों की भीड़ दीपक को बेरहमी से पीटती नजर आ रही है। यही नहीं, बीच बचाव कराने वालों के साथ मारपीट कर धक्के देकर फर्श पर गिरा रहे हैं। जीआरपी ने वीडियो के आधार पर हमलावरों की पहचान करना शुरू कर दिया है।
ट्रेन में पीट-पीटकर दीपक की हत्या की घटना के दौरान कुछ यात्रियों ने मारपीट की वीडियो भी बना ली। वीडियो में हमलावरों की भीड़ दीपक को बेरहमी से पीटती नजर आ रही है। यही नहीं, बीच बचाव कराने वालों के साथ मारपीट कर धक्के देकर फर्श पर गिरा रहे हैं। जीआरपी ने वीडियो के आधार पर हमलावरों की पहचान करना शुरू कर दिया है।
चश्मदीद बोले, हम बचाते रहे, वो मारते रहे
ट्रेन में दीपक की हत्या के चश्मदीद वीरेंद्र और उसके दोस्त नितिन ने घटना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली से चलने के बाद दीपक और एक अन्य साथी सीट पर बैठ गए, जबकि वे दोनों नीचे फर्श पर बैठ गए। फखरपुर से पहले हमलावरों की उनके एक साथी से कहासुनी हो गई थी, जो फखरपुर रेलवे हाल्ट पर उतर गया। इसके बाद हमलावर इकट्ठा होकर आए, जिन्होंने पहले उनके साथ मजाक की और फिर हमला कर दिया। इस दौरान दोनों मिलकर दीपक को बचाते रहे, लेकिन हमलावर मौत होने तक दीपक को पीटते रहे। नितिन ने बताया कि सीट के विवाद में हमलावरों ने 10 दिन पहले भी उनके साथ झगड़ा किया था, जिसमें दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।
ट्रेन में दीपक की हत्या के चश्मदीद वीरेंद्र और उसके दोस्त नितिन ने घटना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली से चलने के बाद दीपक और एक अन्य साथी सीट पर बैठ गए, जबकि वे दोनों नीचे फर्श पर बैठ गए। फखरपुर से पहले हमलावरों की उनके एक साथी से कहासुनी हो गई थी, जो फखरपुर रेलवे हाल्ट पर उतर गया। इसके बाद हमलावर इकट्ठा होकर आए, जिन्होंने पहले उनके साथ मजाक की और फिर हमला कर दिया। इस दौरान दोनों मिलकर दीपक को बचाते रहे, लेकिन हमलावर मौत होने तक दीपक को पीटते रहे। नितिन ने बताया कि सीट के विवाद में हमलावरों ने 10 दिन पहले भी उनके साथ झगड़ा किया था, जिसमें दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।
घर का इकलौता चिराग था दीपक
खेकड़ा निवासी राजेंद्र सिंह ने बताया कि दीपक का परिवार मूल रूप से मेरठ के कंकरखेड़ा का रहने वाला है। उसके पिता ऋषि कुमार यादव की 35 साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद मां संतोषी देवी अपने इकलौते बेटे दीपक और बेटी गुड़िया के साथ खेकड़ा में रहने लगी। दीपक दिल्ली के भगीरथ पैलेस में झूमर के शोरूम में काम करता था। उसके परिवार में मां, पत्नी, बेटी छवि (12) और बेटा चुन्नू (डेढ़ वर्ष) रह गए हैं।
खेकड़ा निवासी राजेंद्र सिंह ने बताया कि दीपक का परिवार मूल रूप से मेरठ के कंकरखेड़ा का रहने वाला है। उसके पिता ऋषि कुमार यादव की 35 साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद मां संतोषी देवी अपने इकलौते बेटे दीपक और बेटी गुड़िया के साथ खेकड़ा में रहने लगी। दीपक दिल्ली के भगीरथ पैलेस में झूमर के शोरूम में काम करता था। उसके परिवार में मां, पत्नी, बेटी छवि (12) और बेटा चुन्नू (डेढ़ वर्ष) रह गए हैं।
ये बोले सीओ
मृतक और आरोपी दिल्ली से ट्रेन में ज्यादातर एक साथ आवागमन करते थे। शुक्रवार रात सीट पर बैठने को लेकर हुए विवाद में मारपीट हो गई। इसमें घायल दीपक की मौत हो गई। इसमें पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
-श्वेता आशुतोष ओझा, सीओ जीआरपी
मृतक और आरोपी दिल्ली से ट्रेन में ज्यादातर एक साथ आवागमन करते थे। शुक्रवार रात सीट पर बैठने को लेकर हुए विवाद में मारपीट हो गई। इसमें घायल दीपक की मौत हो गई। इसमें पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
-श्वेता आशुतोष ओझा, सीओ जीआरपी