ईंटों से पीटे गए दलित युवक ने दम तोड़ा, हंगामा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बालैनी क्षेत्र के गांव हरियाखेड़ा के युवक कप्तान (35) पुत्र राजपाल का 31 जनवरी की शाम किसी बात को लेकर गांव के तीन युवकों से विवाद हो गया था। आरोपियों ने उस पर ईंट, पत्थर और धारदार हथियार से हमला किया था, जिससे वह बेहोश हो गया था। उसका दिल्ली अस्पताल में इलाज चल रहा था। शनिवार रात उसकी मौत हो गई। परिजन शव को लेकर रविवार दोपहर बालैनी स्टैंड पर पहुंचे। उन्होंने शव को रोड पर रखकर जाम लग दिया। सूचना पर पहुंची बालैनी पुलिस ने शव उठाने का प्रयास किया तो लोग भड़क गए। उन्होंने पुलिस को जमकर खरी-खोटी सुनाई। पुलिस से उनकी काफी नोकझोंक हुई। उनका आरोप है कि थाने पर बिट्टू नाम के दो युवक और कुलदीप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन पुलिस ने अभी तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया। लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। बाद में एसडीएम मनोज कुमार और सीओ संजीव सुमन ने शासन को मुआवजे के लिए फाइल भेजने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन देकर उन्हें शांत किया। तब पुलिस ने शव को उठाकर जाम खुलवाया।
कई थानों की पुलिस बुलाई
बागपत। लोगों का गुस्सा देख पुलिस अफसरों ने सिंघावली अहीर, चांदीनगर, बागपत कोतवाली समेत कई थानों की पुलिस मौके पर भेजी। इस दौरान पुलिसवालों ने लाठियां फटकाकर भीड़ को खदेड़ा।
सपा नेता ने किया लोगों को समझाने का प्रयास
बागपत। हंगामा कर रहे लोगों के बीच सपा नेता तरुण देव भी पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया। उधर, घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस अधिकारी के व्यवहार से क्षुब्ध हो लगाया जाम
बालैनी। लोगों की माने तो परिजन शव को लेकर अपने घर पहुंच गए थे। उन्होंने कह दिया था कि जब तक मुआवजा और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी वे शव का दाह संस्कार नहीं करेंगे। वहां पर पहुंचे पुलिस के एक अधिकारी के व्यवहार से क्षुब्ध होकर लोगों ने सड़क पर जाम लगाया।