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नौकरी का झांसा दे ठगी करने वाले छह गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़ौत
Updated Wed, 10 Jan 2018 12:29 AM IST
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एसपी कार्यालय पर पुलिस हिरासत में लोगों से ठगी के आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नौकरी के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। पुलिस का दावा है कि गिरोह के सदस्य यूपी समेत दूसरे राज्यों के युवाओं से ठगी कर रहे हैं। इस गैंग में दरोगा का बेटा भी शामिल है।
गिरोह का सरगना बीटेक का छात्र है। आरोपी फर्जी आधार और पैन कार्ड तैयार करके फर्जी खाता खुलवाकर नौकरी दिलवाने के नाम पर बेरोजगार युवकों से रकम डलवाते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो लैपटॉप, स्केनर, प्रिंटर, एटीएम, पैन कार्ड सहित अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश ने बताया कि पुलिस ने कस्बे की ताराचंद मार्केट में स्थित कृष्णा सर्विसेज में फर्जी आधार व पैन कार्ड बनाकर उनसे बैंकों में फर्जी एकाउंट खुलवाकर बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर अवैध वसूली करने वाले छह लोगों को गिरफ्तार किया ।
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इनमें बड़ौत के बावली रोड निवासी मोहित कुमार पुत्र प्रमोद कुमार, बामनौली निवासी गौतम पुत्र चंद्रपाल, सिनौली निवासी अनुज और अमित पुत्र इंद्रपाल, शाहपुर बड़ौली निवासी अंकित तोमर पुत्र राम कुमार तोमर और गौरव पुत्र सतेंद्र शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो लैपटॉप, एक कैमरा, एक फिंगर प्रिंट, एक स्केनर, एक आयरन स्केनर, पांच आधार कार्ड, सात पेन कार्ड, 15 एटीएम कार्ड, छह मोबाइल, चार मोबाइल सिम बरामद किए हैं। इस गिरोह ने दूसरे प्रदेशों के युवाओं से भी ठगी कर रखी है। पुलिस इसकी जांच में जुट गई है।
दरोगा का बेटा गिरोह में शामिल
बागपत। पकड़ा गया आरोपी अंकित तोमर आधार कार्ड बनाने का काम करता है। उसका पिता राम कुमार तोमर दिल्ली पुलिस में नोएडा में दरोगा के पद पर तैनात है। गिरोह का लीडर मोहित दिल्ली की चर्चित यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रहा है। इससे पहले पालीटेक्निक कर रखी है। गौरव और गौतम बीएससी के छात्र हैं। अमित बीए में पढ़ता है और अनुज कुमार गुड़गांव में नौकरी करता है।
दरोगा का बेटा गिरोह में शामिल
बागपत। पकड़ा गया आरोपी अंकित तोमर आधार कार्ड बनाने का काम करता है। उसका पिता राम कुमार तोमर दिल्ली पुलिस में नोएडा में दरोगा के पद पर तैनात है। गिरोह का लीडर मोहित दिल्ली की चर्चित यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रहा है। इससे पहले पालीटेक्निक कर रखी है। गौरव और गौतम बीएससी के छात्र हैं। अमित बीए में पढ़ता है और अनुज कुमार गुड़गांव में नौकरी करता है।
छह माह से चल रहा काम, 15 लाख रुपये कमाए
बागपत। गैंग लीडर मोहित का कहना है कि वह अपने साथियों के साथ पिछले छह माह से यह काम कर रहा है। अभी तक करीब 15 लाख रुपये कमाए हैं। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है आरोपियों द्वारा खुलवाए गए एक एकाउंट की जांच की तो पता चला कि उसमें 130 लोगों ने रुपये डाले हैं। जबकि आरोपियों ने इस तरह के अनेकों एकाउंट खुलवा रखे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है गिरोहने सैकड़ों लोगों ले करोड़ों रुपये की ठगी कर रखी है। जांच करने पर पता चला कि एक माह में करीब 165 बार खाते से रुपये निकाले हैं। आरोपियों ने एक खाते से 3.92 लाख रुपये निकाले हैं। अब फिलहाल उस एकाउंट मेें 10 हजार रुपये बकाया है। पुलिस उनके अन्य साथियों और खातों का पता लगाने में लगी है।
ऐसे करते थे ठगी
बागपत। पुलिस के मुताबिक नौकरी डॉट कॉम पर पंजीकरण कराने वाले युवाओं का डाटा साइन डॉट के जरिये ले लेते थे। प्रति डाटा देने के दस रुपये देते हैं। इसके बाद आवेदन करने वाले युवाओं के पास कॉल करते हैं और नौकरी के नाम पर 2500-15000 रुपये तक अपने खाते में डलवा लेते थे। इसके अलावा युवाओं को नौकरी देने के नाम पर अपनी भी फर्जी बड़ौत में डेस्टेरिटी कैरियर सर्विसेज कंपनी खोल रखी थी।
ऐसे बनाते थे फर्जी पेन और आधार कार्ड
कैसे पकड़ में आया गिरोह
दरोगा का बेटा गिरोह में शामिल
बागपत। पकड़ा गया आरोपी अंकित तोमर आधार कार्ड बनाने का काम करता है। उसका पिता राम कुमार तोमर दिल्ली पुलिस में नोएडा में दरोगा के पद पर तैनात है। गिरोह का लीडर मोहित दिल्ली की चर्चित यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रहा है। इससे पहले पालीटेक्निक कर रखी है। गौरव और गौतम बीएससी के छात्र हैं। अमित बीए में पढ़ता है और अनुज कुमार गुड़गांव में नौकरी करता है।
छह माह से चल रहा काम, 15 लाख रुपये कमाए
बागपत। गैंग लीडर मोहित का कहना है कि वह अपने साथियों के साथ पिछले छह माह से यह काम कर रहा है। अभी तक करीब 15 लाख रुपये कमाए हैं। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है आरोपियों द्वारा खुलवाए गए एक एकाउंट की जांच की तो पता चला कि उसमें 130 लोगों ने रुपये डाले हैं।
जबकि आरोपियों ने इस तरह के अनेकों एकाउंट खुलवा रखे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है गिरोहने सैकड़ों लोगों ले करोड़ों रुपये की ठगी कर रखी है। जांच करने पर पता चला कि एक माह में करीब 165 बार खाते से रुपये निकाले हैं। आरोपियों ने एक खाते से 3.92 लाख रुपये निकाले हैं। अब फिलहाल उस एकाउंट मेें 10 हजार रुपये बकाया है। पुलिस उनके अन्य साथियों और खातों का पता लगाने में लगी है।
ऐसे करते थे ठगी
बागपत। पुलिस के मुताबिक नौकरी डॉट कॉम पर पंजीकरण कराने वाले युवाओं का डाटा साइन डॉट के जरिये ले लेते थे। प्रति डाटा देने के दस रुपये देते हैं। इसके बाद आवेदन करने वाले युवाओं के पास कॉल करते हैं और नौकरी के नाम पर 2500-15000 रुपये तक अपने खाते में डलवा लेते थे। इसके अलावा युवाओं को नौकरी देने के नाम पर अपनी भी फर्जी बड़ौत में डेस्टेरिटी कैरियर सर्विसेज कंपनी खोल रखी थी।
ऐसे बनाते थे फर्जी पेन और आधार कार्ड
बागपत। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह फर्जी आधार व पैन कार्ड तैयार करता था। निरक्षर लोगों को झांसे में लेकर उनके फिंगर प्रिंट और आंख के स्कैन करते थे और कार्ड पर अपना फोटो लगा लेते थे।
कैसे पकड़ में आया गिरोह
बागपत। राजस्थान के जोधपुर के एक युवक से 34 हजार रुपये की ठगी की गई। पीड़ित की तहरीर पर सरदारपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। जांच करने पर वहां की पुलिस को पता चला कि यह धनराशि बड़ौत के बैंक खाते में डलवाई गई है। उनके द्वारा बड़ौत पुलिस से संपर्क किया । इसके बाद ही पुलिस गिरोह तक पहुंची। राजस्थान पुलिस ने भी आरोपियों से पूछताछ की।
बड़ौत से पहले नोएडा और दिल्ली में करते थे काम
बड़ौत। पुलिस के मुताबिक गिरोह पहले नोएडा की एक कंपनी, जो ऐसा ही फर्जीवाड़ा करती थी, वहां काम करता था, लेकिन कंपनी के बंद हो जाने पर दिल्ली में यह काम करना शुरू कर दिया । वहां पर पकड़ने जाने के डर से बड़ौत में आ गए थे।
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गिरोह का सरगना बीटेक का छात्र है। आरोपी फर्जी आधार और पैन कार्ड तैयार करके फर्जी खाता खुलवाकर नौकरी दिलवाने के नाम पर बेरोजगार युवकों से रकम डलवाते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो लैपटॉप, स्केनर, प्रिंटर, एटीएम, पैन कार्ड सहित अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
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पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश ने बताया कि पुलिस ने कस्बे की ताराचंद मार्केट में स्थित कृष्णा सर्विसेज में फर्जी आधार व पैन कार्ड बनाकर उनसे बैंकों में फर्जी एकाउंट खुलवाकर बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर अवैध वसूली करने वाले छह लोगों को गिरफ्तार किया ।
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इनमें बड़ौत के बावली रोड निवासी मोहित कुमार पुत्र प्रमोद कुमार, बामनौली निवासी गौतम पुत्र चंद्रपाल, सिनौली निवासी अनुज और अमित पुत्र इंद्रपाल, शाहपुर बड़ौली निवासी अंकित तोमर पुत्र राम कुमार तोमर और गौरव पुत्र सतेंद्र शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो लैपटॉप, एक कैमरा, एक फिंगर प्रिंट, एक स्केनर, एक आयरन स्केनर, पांच आधार कार्ड, सात पेन कार्ड, 15 एटीएम कार्ड, छह मोबाइल, चार मोबाइल सिम बरामद किए हैं। इस गिरोह ने दूसरे प्रदेशों के युवाओं से भी ठगी कर रखी है। पुलिस इसकी जांच में जुट गई है।
दरोगा का बेटा गिरोह में शामिल
बागपत। पकड़ा गया आरोपी अंकित तोमर आधार कार्ड बनाने का काम करता है। उसका पिता राम कुमार तोमर दिल्ली पुलिस में नोएडा में दरोगा के पद पर तैनात है। गिरोह का लीडर मोहित दिल्ली की चर्चित यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रहा है। इससे पहले पालीटेक्निक कर रखी है। गौरव और गौतम बीएससी के छात्र हैं। अमित बीए में पढ़ता है और अनुज कुमार गुड़गांव में नौकरी करता है।
दरोगा का बेटा गिरोह में शामिल
बागपत। पकड़ा गया आरोपी अंकित तोमर आधार कार्ड बनाने का काम करता है। उसका पिता राम कुमार तोमर दिल्ली पुलिस में नोएडा में दरोगा के पद पर तैनात है। गिरोह का लीडर मोहित दिल्ली की चर्चित यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रहा है। इससे पहले पालीटेक्निक कर रखी है। गौरव और गौतम बीएससी के छात्र हैं। अमित बीए में पढ़ता है और अनुज कुमार गुड़गांव में नौकरी करता है।
छह माह से चल रहा काम, 15 लाख रुपये कमाए
बागपत। गैंग लीडर मोहित का कहना है कि वह अपने साथियों के साथ पिछले छह माह से यह काम कर रहा है। अभी तक करीब 15 लाख रुपये कमाए हैं। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है आरोपियों द्वारा खुलवाए गए एक एकाउंट की जांच की तो पता चला कि उसमें 130 लोगों ने रुपये डाले हैं। जबकि आरोपियों ने इस तरह के अनेकों एकाउंट खुलवा रखे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है गिरोहने सैकड़ों लोगों ले करोड़ों रुपये की ठगी कर रखी है। जांच करने पर पता चला कि एक माह में करीब 165 बार खाते से रुपये निकाले हैं। आरोपियों ने एक खाते से 3.92 लाख रुपये निकाले हैं। अब फिलहाल उस एकाउंट मेें 10 हजार रुपये बकाया है। पुलिस उनके अन्य साथियों और खातों का पता लगाने में लगी है।
ऐसे करते थे ठगी
बागपत। पुलिस के मुताबिक नौकरी डॉट कॉम पर पंजीकरण कराने वाले युवाओं का डाटा साइन डॉट के जरिये ले लेते थे। प्रति डाटा देने के दस रुपये देते हैं। इसके बाद आवेदन करने वाले युवाओं के पास कॉल करते हैं और नौकरी के नाम पर 2500-15000 रुपये तक अपने खाते में डलवा लेते थे। इसके अलावा युवाओं को नौकरी देने के नाम पर अपनी भी फर्जी बड़ौत में डेस्टेरिटी कैरियर सर्विसेज कंपनी खोल रखी थी।
ऐसे बनाते थे फर्जी पेन और आधार कार्ड
कैसे पकड़ में आया गिरोह
दरोगा का बेटा गिरोह में शामिल
बागपत। पकड़ा गया आरोपी अंकित तोमर आधार कार्ड बनाने का काम करता है। उसका पिता राम कुमार तोमर दिल्ली पुलिस में नोएडा में दरोगा के पद पर तैनात है। गिरोह का लीडर मोहित दिल्ली की चर्चित यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रहा है। इससे पहले पालीटेक्निक कर रखी है। गौरव और गौतम बीएससी के छात्र हैं। अमित बीए में पढ़ता है और अनुज कुमार गुड़गांव में नौकरी करता है।
छह माह से चल रहा काम, 15 लाख रुपये कमाए
बागपत। गैंग लीडर मोहित का कहना है कि वह अपने साथियों के साथ पिछले छह माह से यह काम कर रहा है। अभी तक करीब 15 लाख रुपये कमाए हैं। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है आरोपियों द्वारा खुलवाए गए एक एकाउंट की जांच की तो पता चला कि उसमें 130 लोगों ने रुपये डाले हैं।
जबकि आरोपियों ने इस तरह के अनेकों एकाउंट खुलवा रखे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है गिरोहने सैकड़ों लोगों ले करोड़ों रुपये की ठगी कर रखी है। जांच करने पर पता चला कि एक माह में करीब 165 बार खाते से रुपये निकाले हैं। आरोपियों ने एक खाते से 3.92 लाख रुपये निकाले हैं। अब फिलहाल उस एकाउंट मेें 10 हजार रुपये बकाया है। पुलिस उनके अन्य साथियों और खातों का पता लगाने में लगी है।
ऐसे करते थे ठगी
बागपत। पुलिस के मुताबिक नौकरी डॉट कॉम पर पंजीकरण कराने वाले युवाओं का डाटा साइन डॉट के जरिये ले लेते थे। प्रति डाटा देने के दस रुपये देते हैं। इसके बाद आवेदन करने वाले युवाओं के पास कॉल करते हैं और नौकरी के नाम पर 2500-15000 रुपये तक अपने खाते में डलवा लेते थे। इसके अलावा युवाओं को नौकरी देने के नाम पर अपनी भी फर्जी बड़ौत में डेस्टेरिटी कैरियर सर्विसेज कंपनी खोल रखी थी।
ऐसे बनाते थे फर्जी पेन और आधार कार्ड
बागपत। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह फर्जी आधार व पैन कार्ड तैयार करता था। निरक्षर लोगों को झांसे में लेकर उनके फिंगर प्रिंट और आंख के स्कैन करते थे और कार्ड पर अपना फोटो लगा लेते थे।
कैसे पकड़ में आया गिरोह
बागपत। राजस्थान के जोधपुर के एक युवक से 34 हजार रुपये की ठगी की गई। पीड़ित की तहरीर पर सरदारपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। जांच करने पर वहां की पुलिस को पता चला कि यह धनराशि बड़ौत के बैंक खाते में डलवाई गई है। उनके द्वारा बड़ौत पुलिस से संपर्क किया । इसके बाद ही पुलिस गिरोह तक पहुंची। राजस्थान पुलिस ने भी आरोपियों से पूछताछ की।
बड़ौत से पहले नोएडा और दिल्ली में करते थे काम
बड़ौत। पुलिस के मुताबिक गिरोह पहले नोएडा की एक कंपनी, जो ऐसा ही फर्जीवाड़ा करती थी, वहां काम करता था, लेकिन कंपनी के बंद हो जाने पर दिल्ली में यह काम करना शुरू कर दिया । वहां पर पकड़ने जाने के डर से बड़ौत में आ गए थे।