{"_id":"58e540114f1c1b4a3e5b77c5","slug":"prison-cell-of-video-capturing","type":"story","status":"publish","title_hn":"वीडियो कांफ्रेंसिंग से होने लगी बंदियों की पेशी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
वीडियो कांफ्रेंसिंग से होने लगी बंदियों की पेशी
अमर उजाला / ब्यूरो/ बागपत
Updated Thu, 06 Apr 2017 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। जिला जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बंदियों की पेशी होनी शुरू हो गई। अब उन बंदियों को ही जेल से कोर्ट में लाया जा रहा है, जिन केस में उनका ट्रायल चल रहा है।
जेल से कोर्ट में पेशी पर आते समय बंदी रास्ते में और कचहरी हवालात में मारपीट करते थे। कई बार इसको लेकर हंगामा हुआ था। कई अपराधी रास्ते से फरार भी हो चुके हैं। उनके खिलाफ कोतवाली में मुकदमे भी दर्ज हुए। साथ ही उनको लाने और ले जाने में सरकार का काफी खर्च होता था। इसी को देख सरकार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी कराने की शुरूआत की। इसके चलते जिला कारागार के अपराधियों की भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी होनी शुरू हो गई। हर रोज दर्जनों अपराधियों की पेशी हो रही है।
जेल अधीक्षक डॉ. एमएल यादव ने कहा रिमांड वाले बंदियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी हो रही है। कोर्ट में उन बंदियों को भेजा जा रहा है, जिनका केस में ट्रायल चल रहा है। अभियोजन अधिकारी एसके सिंह ने कहा जिला जेल या अन्य दूरस्थ जेलों में बंद अपराधियों की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से होगी।
विज्ञापन
उधर, सभी बंदियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी शुरू होने के बाद पुलिस को बड़ी राहत मिलेगी, साथ ही सरकार का खर्च भी बचेगा।
विज्ञापन
जेल से कोर्ट में पेशी पर आते समय बंदी रास्ते में और कचहरी हवालात में मारपीट करते थे। कई बार इसको लेकर हंगामा हुआ था। कई अपराधी रास्ते से फरार भी हो चुके हैं। उनके खिलाफ कोतवाली में मुकदमे भी दर्ज हुए। साथ ही उनको लाने और ले जाने में सरकार का काफी खर्च होता था। इसी को देख सरकार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी कराने की शुरूआत की। इसके चलते जिला कारागार के अपराधियों की भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी होनी शुरू हो गई। हर रोज दर्जनों अपराधियों की पेशी हो रही है।
विज्ञापन
जेल अधीक्षक डॉ. एमएल यादव ने कहा रिमांड वाले बंदियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी हो रही है। कोर्ट में उन बंदियों को भेजा जा रहा है, जिनका केस में ट्रायल चल रहा है। अभियोजन अधिकारी एसके सिंह ने कहा जिला जेल या अन्य दूरस्थ जेलों में बंद अपराधियों की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से होगी।
विज्ञापन
उधर, सभी बंदियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी शुरू होने के बाद पुलिस को बड़ी राहत मिलेगी, साथ ही सरकार का खर्च भी बचेगा।