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ट्रिपल एंगल पर पुलिस कर रही जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 25 Jun 2016 12:07 AM IST
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श्मशान में सुखबीर के परिजनों को ढांढस बंधाते एसएसपी वैभव कृष्ण।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिंघावली अहीर थाने में तैनात रहे दरोगा सुखवीर सिंह यादव की हापुड़-मोदीनगर मार्ग पर हत्या के मामले में एसपी बागपत पूनम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि केस के खुलासे के लिए बागपत पुलिस की दो टीमों का गठन किया गया है।
बुलंदशहर के सिकंदराबाद थाना क्षेत्र के सिरोधन निवासी दारोगा सुखवीर सिंह, पिछले एक साल से सिंघावली अहीर थाना में तैनात थे। वह गुरुवार की रात मदरसे संचालकों के खिलाफ दर्ज मुकदमे की विवेचना के संबंध में बाइक द्वारा हापुड़ जा रहे थे। मोदीनगर रोड पर नगौली व केशवनगर पुलिस चौकी के बीच में बिजलीघर के पास बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बृहस्पतिवार देर रात ही बागपत सीओ कर्मवीर सिंह और अन्य अफसर मौके पर पहुंचे।
शुक्रवार को बागपत एसपी पूनम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से जानकारी प्राप्त की। एसपी पूनम का कहना है कि इस केस के खुलासे के लिए बागपत की दो टीमें गठित की गई है। हर बिंदुओं पर जांच की जा रही है। उन्होंने कई लोगों से इस केस की जानकारी ली है। उधर, पुलिस हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। मदरसों के फर्जीवाड़े की जांच दरोगा कर रहे थे। इस विषय में भी जांच की जाएगी।
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बागपत पुलिस एक दिन का देगी वेतन ः बागपत। दारोगा सुखवीर सिंह की हत्या के मामले में बागपत पुलिस ने एक-एक दिन का वेतन देने की घोषणा कर दी है। एसपी पूनम का कहना है कि बागपत के पुलिस वाले अपना एक-एक दिन का वेतन दारोगा के परिवार को आर्थिक सहायता के तौर पर देंगे।
थाने में हुई शोक सभा
बागपत। दरोगा सुखवीर सिंह की हत्या के मामले में रविवार को बागपत पुलिस लाइन और सभी थानों में शोक सभा हुई। ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। एसपी पूनम ने भी दुख जताया है।
तीन भाइयों में सबसे बड़े थे सुखवीर ः सिकंदराबाद। शहीद दरोगा सुखवीर सिंह तीन भाईयों में सबसे बड़े थे। तीनों भाईयों के पास गांव में 30 बीघा जमीन थी। सुखवीर से छोटा भाई श्रीपाल सिंह खेती करते हैं। सबसे छोटा भाई कृष्णपाल सिंह सिकंदराबाद में प्रोपर्टी डीलर का कार्य करता है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब तीस साल पहले तीनों भाई गांव छोड़कर सिकंदराबाद के पत्थरवाड़ा में आकर रहने लगे थे।
रिटायर्ड होने के बाद गांव में ही रहना चाहते थे सुखवीर
सिकंदराबाद। शहीद दरोगा सुखवीर के बचपन के साथी मास्टर मोहर सिंह ने बताया कि रिटायर्मेंट के बाद सुखवीर सिंह गांव में ही बसना चाहता थे। मोहर सिंह ने बताया कि सुखवीर जब भी गांव आता था तो अक्सर रिटायरमेंट के बाद गांव के ही मकानों को बनाकर गांव में रहने की बात करता था।
सिपाही के पद हुए थे भर्ती
सिकंदराबाद। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि सुखवीर बचपन से ही बड़ा होनहार और सरल स्वभाव का था। वह सिपाही से यूपी पुलिस में भर्ती हुआ था। अपनी मेहनत और ईमानदारी के बल पर वह दरोगा बना। परिजनों ने बताया कि सुखवीर सिंह की सेवानिवृत्ति में केवल करीब डेढ़ साल का समय बचा था। परिजनों ने बताया कि वह अक्सर उनके साथ सेवानिवृत्ति के बाद की योजनाएं बनाते रहते थे।
हापुड़ पुलिस ने शुरू की जांच
हापुड़। दरोगा सुखवीर सिंह हत्याकांड की हापुड़ पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। विवेचना में ट्रिपल एंगल पर फोकस किया जा रहा है। तफ्तीश में रंजिश, लूट का इरादा और रोडरेज आधार बनाए गए हैं। एसपी ने भी दरोगा हत्याकांड में दस प्रतिशत लूट के प्रयास की बात स्वीकार करते हुए जल्द खुलासे की बात कही है।
बुलंदशहर जिले के सिरौधन गांव के निवासी दरोगा सुखवीर सिंह अपनी सख्त छवि के लिए पुलिस महकमे में जाने जाते थे। उन्हें गलत काम करना और गलत बात स्वीकार करना कतई पसंद नहीं था। उनके इसी स्वभाव के कारण महकमा उन्हें विशेष श्रेणी के दरोगा में रखता था।
बृहस्पतिवार रात वह मदरसे की जांच के बाद वापस अपने बागपत जिले के थाना सिंघावली पहुंचे और आमद कराने के बाद घर जाने के लिए बाइक से निकल पड़े। थाने से हापुड़ कोतवाली के मोदीनगर रोड तक पहुंचने के दौरान उनके साथ क्या घटित हुआ, कौन उनके साथ चला और किस शख्स ने उन्हें गोली का निशाना बनाया। इस बात पर पुलिस ने अपनी जांच को शुरू किया है।
एसपी अलंकृता सिंह का कहना है कि फिलहाल पुलिस ट्रिपल एंगल पर फोकस करते हुए जांच को आगे बढ़ा रही है। लूटपाट के इरादे से हत्या के सवाल पर उनका कहना था कि अभी तक की जांच में 90 प्रतिशत लूट का मामला प्रतीत नहीं हो रहा है। हालांकि दस प्रतिशत लूट की बात से इंकार नहीं किया जा सकता।
राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
सिकंदराबाद। हापुड़ में बदमाशों की गोली से शहीद हुए दरोगा सुखवीर सिंह का राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। शुक्रवार को हापुड़ में पोस्टमार्टम बाद दोपहर करीब दो बजे शहीद दरोगा का पार्थिव शरीर सिकंदराबाद के पत्थरवाड़ा स्थित उनके आवास पर पहुंचा। जहां से शहीद के पार्थिव के शरीर को उनके पैतृक गांव सिरोधन ले जाया गया।
करीब 2.45 बजे राजकीय सम्मन के साथ शहीद दरोगा का अंतिम संस्कार किया गया। एसएसपी वैभव कृष्ण, सीओ धमेंद्र कुमार, कोतवाल जितेंद्र कुमार ने सिरोधन पहुंचकर शहीद सुखवीर सिंह को सलामी दी। एसएसपी ने शोक संतृप्त परिवार को सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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बुलंदशहर के सिकंदराबाद थाना क्षेत्र के सिरोधन निवासी दारोगा सुखवीर सिंह, पिछले एक साल से सिंघावली अहीर थाना में तैनात थे। वह गुरुवार की रात मदरसे संचालकों के खिलाफ दर्ज मुकदमे की विवेचना के संबंध में बाइक द्वारा हापुड़ जा रहे थे। मोदीनगर रोड पर नगौली व केशवनगर पुलिस चौकी के बीच में बिजलीघर के पास बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बृहस्पतिवार देर रात ही बागपत सीओ कर्मवीर सिंह और अन्य अफसर मौके पर पहुंचे।
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शुक्रवार को बागपत एसपी पूनम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से जानकारी प्राप्त की। एसपी पूनम का कहना है कि इस केस के खुलासे के लिए बागपत की दो टीमें गठित की गई है। हर बिंदुओं पर जांच की जा रही है। उन्होंने कई लोगों से इस केस की जानकारी ली है। उधर, पुलिस हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। मदरसों के फर्जीवाड़े की जांच दरोगा कर रहे थे। इस विषय में भी जांच की जाएगी।
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बागपत पुलिस एक दिन का देगी वेतन ः बागपत। दारोगा सुखवीर सिंह की हत्या के मामले में बागपत पुलिस ने एक-एक दिन का वेतन देने की घोषणा कर दी है। एसपी पूनम का कहना है कि बागपत के पुलिस वाले अपना एक-एक दिन का वेतन दारोगा के परिवार को आर्थिक सहायता के तौर पर देंगे।
थाने में हुई शोक सभा
बागपत। दरोगा सुखवीर सिंह की हत्या के मामले में रविवार को बागपत पुलिस लाइन और सभी थानों में शोक सभा हुई। ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। एसपी पूनम ने भी दुख जताया है।
तीन भाइयों में सबसे बड़े थे सुखवीर ः सिकंदराबाद। शहीद दरोगा सुखवीर सिंह तीन भाईयों में सबसे बड़े थे। तीनों भाईयों के पास गांव में 30 बीघा जमीन थी। सुखवीर से छोटा भाई श्रीपाल सिंह खेती करते हैं। सबसे छोटा भाई कृष्णपाल सिंह सिकंदराबाद में प्रोपर्टी डीलर का कार्य करता है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब तीस साल पहले तीनों भाई गांव छोड़कर सिकंदराबाद के पत्थरवाड़ा में आकर रहने लगे थे।
रिटायर्ड होने के बाद गांव में ही रहना चाहते थे सुखवीर
सिकंदराबाद। शहीद दरोगा सुखवीर के बचपन के साथी मास्टर मोहर सिंह ने बताया कि रिटायर्मेंट के बाद सुखवीर सिंह गांव में ही बसना चाहता थे। मोहर सिंह ने बताया कि सुखवीर जब भी गांव आता था तो अक्सर रिटायरमेंट के बाद गांव के ही मकानों को बनाकर गांव में रहने की बात करता था।
सिपाही के पद हुए थे भर्ती
सिकंदराबाद। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि सुखवीर बचपन से ही बड़ा होनहार और सरल स्वभाव का था। वह सिपाही से यूपी पुलिस में भर्ती हुआ था। अपनी मेहनत और ईमानदारी के बल पर वह दरोगा बना। परिजनों ने बताया कि सुखवीर सिंह की सेवानिवृत्ति में केवल करीब डेढ़ साल का समय बचा था। परिजनों ने बताया कि वह अक्सर उनके साथ सेवानिवृत्ति के बाद की योजनाएं बनाते रहते थे।
हापुड़ पुलिस ने शुरू की जांच
हापुड़। दरोगा सुखवीर सिंह हत्याकांड की हापुड़ पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। विवेचना में ट्रिपल एंगल पर फोकस किया जा रहा है। तफ्तीश में रंजिश, लूट का इरादा और रोडरेज आधार बनाए गए हैं। एसपी ने भी दरोगा हत्याकांड में दस प्रतिशत लूट के प्रयास की बात स्वीकार करते हुए जल्द खुलासे की बात कही है।
बुलंदशहर जिले के सिरौधन गांव के निवासी दरोगा सुखवीर सिंह अपनी सख्त छवि के लिए पुलिस महकमे में जाने जाते थे। उन्हें गलत काम करना और गलत बात स्वीकार करना कतई पसंद नहीं था। उनके इसी स्वभाव के कारण महकमा उन्हें विशेष श्रेणी के दरोगा में रखता था।
बृहस्पतिवार रात वह मदरसे की जांच के बाद वापस अपने बागपत जिले के थाना सिंघावली पहुंचे और आमद कराने के बाद घर जाने के लिए बाइक से निकल पड़े। थाने से हापुड़ कोतवाली के मोदीनगर रोड तक पहुंचने के दौरान उनके साथ क्या घटित हुआ, कौन उनके साथ चला और किस शख्स ने उन्हें गोली का निशाना बनाया। इस बात पर पुलिस ने अपनी जांच को शुरू किया है।
एसपी अलंकृता सिंह का कहना है कि फिलहाल पुलिस ट्रिपल एंगल पर फोकस करते हुए जांच को आगे बढ़ा रही है। लूटपाट के इरादे से हत्या के सवाल पर उनका कहना था कि अभी तक की जांच में 90 प्रतिशत लूट का मामला प्रतीत नहीं हो रहा है। हालांकि दस प्रतिशत लूट की बात से इंकार नहीं किया जा सकता।
राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
सिकंदराबाद। हापुड़ में बदमाशों की गोली से शहीद हुए दरोगा सुखवीर सिंह का राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। शुक्रवार को हापुड़ में पोस्टमार्टम बाद दोपहर करीब दो बजे शहीद दरोगा का पार्थिव शरीर सिकंदराबाद के पत्थरवाड़ा स्थित उनके आवास पर पहुंचा। जहां से शहीद के पार्थिव के शरीर को उनके पैतृक गांव सिरोधन ले जाया गया।
करीब 2.45 बजे राजकीय सम्मन के साथ शहीद दरोगा का अंतिम संस्कार किया गया। एसएसपी वैभव कृष्ण, सीओ धमेंद्र कुमार, कोतवाल जितेंद्र कुमार ने सिरोधन पहुंचकर शहीद सुखवीर सिंह को सलामी दी। एसएसपी ने शोक संतृप्त परिवार को सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।