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हिस्ट्रीशीटर धीरज का कातिल था भाई

Sat, 23 Jul 2016 01:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Sat, 23 Jul 2016 01:05 AM IST
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murderer was the brother of histry sheeter Dheeraj
हत्यारोपी आदेश। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बालैनी थाने के हिस्ट्रीशीटर और सजायाफ्ता अपराधी धीरज की हत्या के केस का पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि धीरज की हत्या उसके सगे भाई आदेश ने जमीन के विवाद में की है। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया है। 
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 एएसपी अजीजुल हक ने बताया कि पुरा गांव के धीरज की 26 जून को खेत में ट्यूबवेल पर चार गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के पिता राजपाल सिंह ने बालैनी थाना पर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस तभी से ही केस के खुलासे के प्रयास में लगी हुई थी। इस मामले में मृतक के भाई आदेश को गुरुवार देर शाम हिरासत में लिया गया।
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पूछताछ करने पर आरोपी ने घटना का इकबाल किया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तमंचा, एक कारतूस व एक खोखा बरामद हुआ है। पूछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि धीरज जमीन को लेकर आए दिन उसके साथ मारपीट, प्रताड़ित तथा जान से मारने की धमकी देता था। इसी कारण उसने उसकी हत्या की है। 
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हत्या कर भाग गया था हरिद्वार 
बागपत। आदेश का कहना है कि धीरज की हत्या करने का प्लान उसने सात दिन पूर्व बना लिया था। 26 जून को उसने पहले शराब पी। फिर उसकी हत्या की। उसके बाद वह सीधे हरिद्वार चला गया था। वह वहां पर आश्रमों में रहा। 

एक भाई है 15 साल से लापता ः बागपत। आदेश ने बताया कि उसका पिता रिटायर्ड फौजी राजपाल है। वे चार भाई थे। बड़ा भाई धीरज था। जिसने उसकी खुद ही हत्या कर दी। उससे छोटा भाई अमित पिछले 15 साल से लापता है। उससे छोटा भाई मनीष है, जो फिलहाल जेल में बंद है। उसने आशंका जताई कि उसके लापता भाई अमित की धीरज ने हत्या कर दी है। 

धीरज था योगेश भदौड़ा का शूटर 
बागपत। खेकड़ा सीओ श्वेतांभ पांडेय का कहना है कि मृतक धीरज के खिलाफ 2003 में बालैनी थाने पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। उसके बाद उसने लगातार घटना को अंजाम दिया।

उस पर हत्या, लूट, जानलेवा हमला, पुलिस मुठभेड़ समेत नौ मुकदमे दर्ज है। उसने मेरठ के किठौर में डबल मर्डर किया था। इसमें उस पर रासुका की कार्रवाई हुई थी। सीओ के मुताबिक धीरज योगेश भदौड़ा का शूटर था।


मैं न मारता तो वह मुझे मार देता 
बागपत। आरोपी आदेश ने बताया कि उनके 45 बीघा जमीन है। वह 30 बीघा जमीन की बुआई खुद करता है। जबकि 15 बीघा जमीन धीरज के पास थी। धीरज इससे संतुष्ट नहीं था। उसकी आधी जमीन को धीरज खुद लेना चाहता था। वह इसका विरोध करता था। इसी कारण धीरज उसे मारने की फिराक में था। यदि वह धीरज को नहीं मारता तो धीरज उसकी हत्या कर देता। 

धीरज को मिला था आजीवन कारावास 
बागपत। आदेश ने बताया कि धीरज ने गांव के ही रिटायर दारोगा श्रीपाल की हत्या कर दी थी। इस मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी। 

 
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