{"_id":"58d9638b4f1c1b477763e7c6","slug":"massacre-at-the-death-of-a-woman-in-the-district-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में महिला की मौत पर हंगामा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जिला अस्पताल में महिला की मौत पर हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 28 Mar 2017 12:51 AM IST
विज्ञापन
बागपत जिला अस्पताल में कोतवाल को घटना से अवगत कराते परिजन
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। चिकित्सक लापरवाही से इनकार कर रहे हैं।
सिंघावली अहीर क्षेत्र के खिंदौड़ा निवासी महिला प्रकाशो देवी (60) पत्नी रोहताश को पिछले कई दिनों से खांसी की दिक्कत थी। उनका निजी चिकित्सकों से उपचार कराया। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। सोमवार को उनकी सांस लेने में दिक्कत होने लगी। हालत बिगड़ती देख परिजन उनको सोमवार सुबह जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां पर उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने अस्पताल में हंगामा किया। उनके बेटे नरेंद्र का आरोप है कि अस्पताल में पहुंचने के 15 मिनट तक उनकी मां के पास कोई नहीं पहुंचा। बाद में एक कंपाउंडर ने इंजेक्शन लगाया। उसके थोड़ी देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि चिकित्सकों की लापरवाही यह मौत हुई है।
इसके बाद परिजनों ने कुछ देर तक हंगामा किया। उनकी अस्पताल के स्टाफ से काफी नोकझोंक हुई। नरेंद्र का कहना है कि इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी।
उधर, सीएमएस डॉ. बीएल कुशवाहा का कहना है कि महिला पिछले चार माह से अस्थमा की बीमार थी। उसको सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। हार्ट की भी परेशानी थी। अस्पताल पहुंचने के आधा घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई। उनके उपचार में कोई कमी नहीं की गई। आरोप गलत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिंघावली अहीर क्षेत्र के खिंदौड़ा निवासी महिला प्रकाशो देवी (60) पत्नी रोहताश को पिछले कई दिनों से खांसी की दिक्कत थी। उनका निजी चिकित्सकों से उपचार कराया। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। सोमवार को उनकी सांस लेने में दिक्कत होने लगी। हालत बिगड़ती देख परिजन उनको सोमवार सुबह जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां पर उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने अस्पताल में हंगामा किया। उनके बेटे नरेंद्र का आरोप है कि अस्पताल में पहुंचने के 15 मिनट तक उनकी मां के पास कोई नहीं पहुंचा। बाद में एक कंपाउंडर ने इंजेक्शन लगाया। उसके थोड़ी देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि चिकित्सकों की लापरवाही यह मौत हुई है।
विज्ञापन
इसके बाद परिजनों ने कुछ देर तक हंगामा किया। उनकी अस्पताल के स्टाफ से काफी नोकझोंक हुई। नरेंद्र का कहना है कि इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी।
उधर, सीएमएस डॉ. बीएल कुशवाहा का कहना है कि महिला पिछले चार माह से अस्थमा की बीमार थी। उसको सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। हार्ट की भी परेशानी थी। अस्पताल पहुंचने के आधा घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई। उनके उपचार में कोई कमी नहीं की गई। आरोप गलत हैं।
विज्ञापन