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Faridabad News: सड़क हादसे में दो भाइयों की मौत के बाद घायल बहन ने भी दम तोड़ा

Sun, 30 Aug 2026 10:40 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 30 Aug 2026 10:40 PM IST
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After the death of two brothers in a road accident, their injured sister also succumbed to her injuries.
रायबरेली के पैतृक गांव में हुआ तीनों सगे भाई-बहनों का अंतिम संस्कार
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रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदलीं, भाइयों के बाद बहन ने भी तोड़ा दम
सचिन कुमार
फरीदाबाद। नियति का खेल भी कितना निष्ठुर होता है, मांगर पुलिस चौकी के पास हुए भीषण हादसे में देखने को मिला। भाइयों की लंबी उम्र की कामना लेकर रक्षासूत्र बांधने आई बहन खुद भाइयों के साथ अंतिम सफर पर चली गई।
तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार की टक्कर से गंभीर रूप से घायल बड़ी बहन सरोज ने भी शनिवार देर रात करीब 10 बजे दिल्ली के ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही हादसे में एक ही परिवार के तीन सगे भाई-बहनों अखिलेश, अवधेश और सरोज की जिंदगी का दीया हमेशा के लिए बुझ गया। एक साथ तीन-भाई बहनों की अर्थियां उठीं। रक्षाबंधन का त्योहार मनाने आई बहन की विदाई की खुशियां कुछ ही पलों में चीख-पुकार और आंसुओं में तब्दील हो गईं। शनिवार सुबह जब तीनों भाई-बहन बस का इंतजार कर रहे थे, तब किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि काल का यह क्रूर थपेड़ा पूरे हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ देगा।
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आंखों के सामने मां और मामाओं को तड़पते देख सहमा मासूम
हादसे वाले दिन सरोज का बेटा संदीप खुशकिस्मती से घटनास्थल से करीब 20-30 मीटर दूर खेल रहा था। वह इस भीषण टक्कर की चपेट में आने से तो बच गया लेकिन अपनी आंखों के सामने अपनी मां और दोनों मामाओं को खून से लथपथ छटपटाते देखने का वो खौफनाक मंजर इस मासूम के मन में जिंदगीभर के लिए नासूर बन गया है। सरोज की मौत के बाद उसके दो छोटे बच्चों यश और संदीप के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया है। दोनों मासूमों की उम्र 12 साल से भी कम है और उन्हें तो अभी यह अहसास भी नहीं है कि उनकी मां अब कभी लौटकर नहीं आएगी। सरोज के पति राजकुमार कृषि बीजों पर शोध करने वाली एक निजी कंपनी में सुपरवाइजर हैं और उनका परिवार पलवल में रहता है।
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आरोपी फॉर्च्यूनर चालक की हुई पहचान
रविवार को पुलिस ने तीनों शवों अखिलेश, अवधेश और सरोज का अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। तीनों सगे भाई-बहनों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव उत्तर प्रदेश के रायबरेली में रविवार देर शाम को एक साथ किया गया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि दुर्घटनास्थल पर छूटी कार की नंबर प्लेट और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपी फॉर्च्यूनर चालक की पहचान कर ली गई है। कार एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम पर पंजीकृत पाई गई है। आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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