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मैंने कोई गोली नहीं चलाई
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Fri, 06 May 2016 01:54 AM IST
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सिपाही रघुवीर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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बागपत। शहर के यमुना रोड पर युवक फरीद की हुई हत्या के मामले में आरोपी बर्खास्त सिपाही रघुवीर को पुलिस ने बृहस्पतिवार को हिरासत में ले लिया है। आरोपी रघुवीर ने कहा उसने कोई गोली नहीं चलाई है। उसके कमरे में रफीक भीड़ लेकर आया था। भीड़ ने ही गोली चलाई थी। भीड़ में से चलाई गई गोली से ही युवक फरीद की जान गई है।ॉ
इस केस में पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल जितेंद्र के अलावा, सोनू, मोनू और हितैष को गिरफ्तार कर 28 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेजा। उसी दिन एसपी रवि शंकर छवि ने दोनों कांस्टेबल को सस्पेंड कर केस की जांच एएसपी अजीजुल हक को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने दोनों सस्पेंड सिपाहियों को 30 अप्रैल को बर्खास्त कर दिया था।
पुलिस आरोपी बर्खास्त सिपाही रघुवीर की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही थी। पुलिस ने आरोपी रघुवीर को बृहस्पतिवार को हिरासत में लिया। इस बारे में सीओ कर्मवीर सिंह ने कहा केस के आरोपी बर्खास्त सिपाही रघुवीर को हिरासत में ले लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
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बर्खास्त सिपाही ने यह किया है दावा
आरोपी बर्खास्त सिपाही रघुवीर ने बताया 27 अप्रैल की रात में रफीक उसके घर में भीड़ लेकर आया था। भीड़ ने उस पर हमला किया। इस दौरान उसकी उनसे हाथापाई भी हो गई। इसी दौरान भीड़ ने वहां फायर किए। वह किसी तरह से जान बचाकर वहां से भाग गया। उसने वहां कोई गोली नहीं चलाई। उस पर फरीद को गोली मारने का लगाया गया आरोप पूरी तरह से गलत है। भीड़ द्वारा चलाई गई गोली से ही फरीद की मौत हुई है।
यह था मामला
बागपत। नगर के देवी चौक निवासी युवक फरीद की 27 अप्रैल की रात में यमुना रोड पर गोली लगने से मौत हो गई थी। उसके पिता रियाज ने दो कांस्टेबल रघुवीर और जितेंद्र, भाकियू नेता चमन सिंह के बेटे (सोनू और मोनू) और हितैष पर फरीद की हत्या करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसे लेकर शहर में भारी हंगामा हुआ था। पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ गया था। मेरठ और गाजियाबाद की पुलिस ने शहर में आकर व्यवस्था संभाली थी।
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इस केस में पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल जितेंद्र के अलावा, सोनू, मोनू और हितैष को गिरफ्तार कर 28 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेजा। उसी दिन एसपी रवि शंकर छवि ने दोनों कांस्टेबल को सस्पेंड कर केस की जांच एएसपी अजीजुल हक को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने दोनों सस्पेंड सिपाहियों को 30 अप्रैल को बर्खास्त कर दिया था।
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पुलिस आरोपी बर्खास्त सिपाही रघुवीर की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही थी। पुलिस ने आरोपी रघुवीर को बृहस्पतिवार को हिरासत में लिया। इस बारे में सीओ कर्मवीर सिंह ने कहा केस के आरोपी बर्खास्त सिपाही रघुवीर को हिरासत में ले लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
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बर्खास्त सिपाही ने यह किया है दावा
आरोपी बर्खास्त सिपाही रघुवीर ने बताया 27 अप्रैल की रात में रफीक उसके घर में भीड़ लेकर आया था। भीड़ ने उस पर हमला किया। इस दौरान उसकी उनसे हाथापाई भी हो गई। इसी दौरान भीड़ ने वहां फायर किए। वह किसी तरह से जान बचाकर वहां से भाग गया। उसने वहां कोई गोली नहीं चलाई। उस पर फरीद को गोली मारने का लगाया गया आरोप पूरी तरह से गलत है। भीड़ द्वारा चलाई गई गोली से ही फरीद की मौत हुई है।
यह था मामला
बागपत। नगर के देवी चौक निवासी युवक फरीद की 27 अप्रैल की रात में यमुना रोड पर गोली लगने से मौत हो गई थी। उसके पिता रियाज ने दो कांस्टेबल रघुवीर और जितेंद्र, भाकियू नेता चमन सिंह के बेटे (सोनू और मोनू) और हितैष पर फरीद की हत्या करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसे लेकर शहर में भारी हंगामा हुआ था। पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ गया था। मेरठ और गाजियाबाद की पुलिस ने शहर में आकर व्यवस्था संभाली थी।