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हनी ट्रैप प्रकरण में खाली हाथ पुलिस, बड़ौत में फिर दबिश
अमर उजाला / ब्यूरो/ बागपत
Updated Fri, 12 May 2017 01:13 AM IST
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बड़ौत। हनी ट्रैप मामले में दिल्ली पुलिस की टीम ने बड़ौत और रमाला क्षेत्र में फिर दबिश दी, लेकिन अभी पुलिस खाली हाथ है।
मुजफ्फरनगर की युवती के अलावा इस प्रकरण में अन्य लड़कियां भी शामिल हैं, इसकी पुलिस जांच कर रही है। बताते हैं कि पुलिस को कई लड़कियों के पासपोर्ट मिले हैं, जिससे जाहिर होता है कि इनका विदेशों तक भी आना जाना लगा रहता था।
मुजफ्फरनगर की युवती का नाम सामने आ जाने के बाद मामले की रोजाना नए-नए पेंच खुल रहे हैं। बड़े उद्यमी, नेता और अन्य हाई प्रोफाइल लोग इनका निशाना बनते थे। दिल्ली पुलिस की जांच में इसके सुबूत भी मिल चुके हैं। मुजफ्फरनगर की युवती के अलावा और भी कई युवतियां शामिल हैं।
असल में दिल्ली पुलिस को जानकारी मिल रही है कि मित्रपाल और बागपत एक सफेदपोश बड़ौत क्षेत्र में कहीं छिपे हैं, इसलिए बार-बार दबिश दी जा रही है, लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ खाली है। बागपत के नेता की इस पूरे मामले में क्या भूमिका है यह अभी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
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पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि ब्लैकमेलिंग में उसकी अहम भूमिका रही है। प्रकरण से जुड़ी महिलाओं को हाई प्रोफाइल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती थी। सीओ कर्मवीर सिंह ने कहा दिल्ली पुलिस दबिश दे चुकी है, इससे ज्यादा जानकारी उन्हें नहीं है।
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मुजफ्फरनगर की युवती के अलावा इस प्रकरण में अन्य लड़कियां भी शामिल हैं, इसकी पुलिस जांच कर रही है। बताते हैं कि पुलिस को कई लड़कियों के पासपोर्ट मिले हैं, जिससे जाहिर होता है कि इनका विदेशों तक भी आना जाना लगा रहता था।
मुजफ्फरनगर की युवती का नाम सामने आ जाने के बाद मामले की रोजाना नए-नए पेंच खुल रहे हैं। बड़े उद्यमी, नेता और अन्य हाई प्रोफाइल लोग इनका निशाना बनते थे। दिल्ली पुलिस की जांच में इसके सुबूत भी मिल चुके हैं। मुजफ्फरनगर की युवती के अलावा और भी कई युवतियां शामिल हैं।
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असल में दिल्ली पुलिस को जानकारी मिल रही है कि मित्रपाल और बागपत एक सफेदपोश बड़ौत क्षेत्र में कहीं छिपे हैं, इसलिए बार-बार दबिश दी जा रही है, लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ खाली है। बागपत के नेता की इस पूरे मामले में क्या भूमिका है यह अभी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
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पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि ब्लैकमेलिंग में उसकी अहम भूमिका रही है। प्रकरण से जुड़ी महिलाओं को हाई प्रोफाइल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती थी। सीओ कर्मवीर सिंह ने कहा दिल्ली पुलिस दबिश दे चुकी है, इससे ज्यादा जानकारी उन्हें नहीं है।