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हिस्ट्रीशीटर की पत्नी और शूटर गौरव गिरफ्तार

Wed, 27 Apr 2016 01:51 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत Updated Wed, 27 Apr 2016 01:51 AM IST
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History-and the shooter's wife arrested glory
एसपी कार्यालय पर हिरासत में शूटर गौरव और हिस्ट्रीशीटर की पत्नी किरण। - फोटो : अमर उजाला
बागपत। खिंदौड़ा गांव के आदर्श प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक सतपाल शर्मा की हत्या के आरोप में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर अमरपाल उर्फ कालू की पत्नी बाबू उर्फ किरण और शूटर गौरव निरपुड़ा को तितरौंदा गांव के पास से गिरफ्तार कर केस का खुलासा कर दिया। पुलिस ने गौरव की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा और बाइक बरामद की है। पुलिस का दावा है कि मेरठ जेल में बंद अमरपाल और अनिल सूप ने सुपारी लेकर अपने शूटरों से सतपाल शर्मा की हत्या कराई।
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एसपी रवि शंकर छवि ने पत्रकार वार्ता में बताया सतपाल की हत्या के मामले में पूछताछ के आधार पर पता चला  हेड मास्टर सतपाल शर्मा का अपने विपक्षी आनंद शर्मा के बड़े भाई राज करण  के परिवार के साथ 26 मार्च को झगड़ा हुआ था। आनंद की पत्नी बबली ने मेरठ जेल में आनंद को झगड़े की जानकारी दी। तभी उन्होंने सतपाल शर्मा को मारने की ठान ली थी। आनंद और उसके बेटे मोहित ने जेल में ही बंद हिस्ट्रीशीटर अमरपाल उर्फ कालू शेरपुर लुहारा और अनिल सूप से संपर्क किया। उन्होंने सतपाल की हत्या की साढ़े छह लाख रुपये में सुपारी दी। 
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कप्तान के अनुसार 10 अप्रैल को बबली, अमरपाल की पत्नी बाबू उर्फ किरण और भतीजा रोहित उर्फ टींकू उनसे मुलाकात करने जेल में गया। अमरपाल ने अपने भतीजे रोहित उर्फ टींकू को सतपाल की हत्या करने के लिए शूटर तैयार करने को कहा। उसने गांव के रोहित के अलावा निरपुड़ा गांव के सोनू उर्फ शिशुपाल उर्फ अमरीकन और गौरव को तैयार किया। 13 अप्रैल को तीनों शूटर, बबली और बाबू किरण जेल में गए। वहां अमरपाल और अनिल सूप ने तीनों शूटरों के साथ बैठ कर हत्या की योजना बनाई। 
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कप्तान के अनुसार 16 अप्रैल को तीनों शूटर  सिंघावली अहीर गांव में आनंद शर्मा के घर  गए। इस दौरान आनंद की पत्नी बबली ने उन्हें मास्टर सतपाल शर्मा का घर दिखाया। शूटरों ने रेकी की। तय हुआ वारदात को चोरी की बाइक से अंजाम दिया जाए, ताकि पकड़े न जा सके। बबली ने बाइक खरीदने के लिए उन्हें 10 हजार रुपये दिए। 17 तारीख को तीनों शूटर किरण के पास उसके मायके इटावा (मुजफ्फरनगर) गए। उसे सात हजार रुपये देकर आए। जबकि किरण ने तीन हजार रुपये देना स्वीकार किया है। 

कप्तान के अनुसार 22 अप्रैल को शूटरों ने निरपुड़ा गांव के अंकुर से बुढ़ाना डॉक्टर के जाने के बहाने बाइक मांगी। वे बाइक से सीधे बाबू किरण के पास गए। उससे तीन  तमंचे और कारतूस लेकर देर शाम को ही सिंघावली अहीर गांव में आनंद के घर पहुंचे। वहां से कपड़े लेकर रात में ही खेत में पहुंचे। वहां  रात बिताई। 23 अप्रैल की सुबह खिंदौड़ा पुलिया पर सतपाल को मारने का इरादा था, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में स्कूल में वारदात को अंजाम दे दिया।

q सतपाल के मकान के दरवाजे देखकर बदला था इरादा  
बागपत। कप्तान के अनुसार शूटरों का इरादा घर में ही सतपाल की हत्या करने का था, लेकिन मकान के दरवाजे बड़े होने पर इरादा बदल दिया। उन्हें लगा घर में हत्या करने में सफल नहीं हो पाएंगे और खुद भी फंस सकते हैं। 


q हत्या कर निश्चय राणा के पास पहुंचा था गौरव
बागपत। एसपी ने बताया सतपाल की हत्या करने के बाद गौरव, निरपुड़ा की प्रधान मुनेश देवी के बेटे निश्चय राणा के पास गया था। उसने कहा गलती हो गई है, उसे बचा लो। क्योंकि आरोपी पिछले काफी समय से निश्चय के करीबी थे। वह अपने गांव के खेतों में छुपा रहा। 

q शूटरों पर नहीं था सतपाल की हत्या करने भरोसा 
बागपत। कप्तान के अनुसार आनंद के परिवार को शूटरों पर भरोसा नहीं था कि वे मास्टर सतपाल की हत्या कर देंगे।  
 
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