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फर्जी योजना से बेटियों को ठगने वालों पर मुकदमा 

Fri, 31 Mar 2017 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Fri, 31 Mar 2017 12:01 AM IST
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Fictitious scheme suits those who cheat daughters
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के फार्म - फोटो : amar ujala
बागपत के बिनौली में प्रधानमंत्री बेटी बचाओ योजना के नाम पर फर्जी आवेदन फार्म बेचकर अभिभावकों और बेटियों को लाखों रुपये की चपत लगा चुके लोगों पर कार्रवाई की तैयारी है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के आदेश पर बिनौली थाने में एसआई ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। ठगी करने वालों की जांच शुरू कर दी। जिले में हजारों बेटियों को योजना के नाम पर ठगी करने की शिकायत है।
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अमर उजाला ने सात मार्च के संस्करण में 'योजना फर्जी, पात्र असली, ठगी लाखों मेंÓ शीर्षक से जिले में चल रहे ठगी के खेल का खुलासा किया था। प्रशासन तक शिकायतें पहुंची, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ितों ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय दिल्ली में अपने आवेदन भेजे और योजना का लाभ देने की बात कही। मंत्रालय ने जांच शुरू कराई तो पूरी योजना फर्जी मिली। मंत्रालय ने प्रशासन को चिट्ठी भेजकर कार्रवाई के लिए कहा। बिनौली थाने के एसआई राजबीर सिंह ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 420, 467 और 468 में मुकदमा दर्ज किया। एसआई ने कहा दो लाख रुपये का झांसा देकर आवेदन कराए, पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

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इन बेटियों के पहुंचे आवेदन
बिनौली निवासी शीबा, आसिफा और सीमा के अलावा सिरसली गांव की अमृता ने अपने आवेदन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भेजे थे। इनके आवेदन पर ही जांच शुरू हो गई है। उधर, कई बेटियों ने अमर उजाला में खबर प्रकाशित होते ही प्रशासन से कार्रवाई की मांग भी की थी। महिला एवं बाल विकास विभाग को न्यूज की कटिंग भी भेजी गई थी।
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क्या था मामला?
प्रधानमंत्री बेटी बचाओ योजना लिखे आवेदन फार्मों को दुकानों पर बेचकर अभिभावकों से ठगी की गई। पंजीकरण फार्म पर इसे सभी बेटियों के लिए जरूरी बताया था। जबकि केंद्र सरकार की ऐसी कोई योजना ही नहीं है। प्रधानमंत्री के नाम पर निकाले इन फार्मों के बाजार में आते ही इनकी खरीददारी भी तेज हो गई थी। छात्राओं और अभिभावकों ने लाभ पाने के लिए फटाफट आवेदन फार्म भर दिए। फार्म की बिक्री के अलावा फार्म भरने, फार्म जमा करवाने और योजना का लाभ दिलवाने के नाम पर भी रुपये वसूले जा रहे हैं। बड़ौत, बागपत, बामनौली, खेकड़ा, बिजरौल और छपरौली क्षेत्र से ऐसे आवेदन फार्म विकास भवन में जमा कराने के लिए लोग पहुंचने शुरू हो गए तो प्रशासन तक भनक पहुंची थी, लेकिन इस पर प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।

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