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महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी की टीम को दौड़ाया
Updated Mon, 09 Apr 2018 01:08 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
नगर में बाल विवाह की सूचना पर पहुंची महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी की टीम को शादी में शामिल लोगों ने दौड़ा लिया। उन्होंने भाग कर जान बचाई और गाड़ी में बैठकर भाग निकले। गाड़ी पर भी लोगों ने पथराव किया। पुलिस से भी लोगों की नोकझोंक हुई, लेकिन पुलिस ने कहा कि मेडिकल परीक्षण के बाद यदि लड़की के बालिग होने की पुष्टि होती है, तभी शादी होगी अन्यथा शादी नहीं होने दी जाएगी। पुलिस ने फिलहाल शादी रुकवा दी है।
महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी को शिकायत की कि लाल हवेली रेस्टोरेंट में आंचल पुत्री स्व. हरेंद्र निवासी नाबालिग है और उसकी शादी अमित पुत्र ओमपाल निवासी पतला जनपद गाजियाबाद से होने जा रही है। सूचना पर महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी रश्मि सिंह और रीता अपनी टीम के साथ पहले उस स्कूल बड़ौली में गए, जहां उसने शिक्षा ग्रहण की । उन्होंने स्कूल के प्रधानाचार्य सुरेश से लिखित मेें लड़की की जन्म तिथि के बारे में संज्ञान लिया, इसमें उसकी जन्मतिथि 2006 दर्शाई गई । इसके बाद टीम कोतवाली पहुंची और शादी रुकवाने के लिए पुलिस बल मांगा। एसआई रईस उल हक खान के नेतृत्व में पुलिस बल उनके साथ लाल हवेली रेस्टोरेंट पहुंचा, जहां शादी की तैयारियां हो चुकी थी। लड़की पक्ष के लोगों ने पुलिस को उसका आधार कार्ड और बड़ौली के डीएस पब्लिक स्कूल से ली गई टीसी दिखाई, इसमेें उसकी जन्म तिथि 2000 थी। इसके आधार पर वह बालिग है। वहां मौजूद लड़की और लड़का पक्ष के लोगों ने कहा कि लड़की का ताऊ इस शादी के खिलाफ है, क्योंकि वह लड़की की शादी दूसरी जगह करवाना चाहता है, इसलिए वह झूठी शिकायत कर रहा है।
टीम के सदस्यों ने कहा कि जब तक लड़की के बालिग होने के पुख्ता प्रमाण नहीं मिलते वे शादी नहीं होने देंगे। इस पर वहां मौजूद लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने टीम के सदस्यों को दौड़ा लिया। टीम के सदस्यों ने भागकर जान बचाई। लोगों ने उनकी गाड़ी पर पथराव भी किया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि लड़की का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद ही शादी कराई जाएगी। इस पर पुलिस से भी उनकी नोकझोंक हुई, लेकिन पुलिस ने फिलहाल शादी रुकवा दी है। लड़की के स्कूल के प्रधानाचार्य को भी बुलाया जा रहा है और उनसे असलियत में जन्मतिथि क्या है। इसकी जानकारी ली जा रही है।
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टीम अधिकारी ने उच्च अधिकारियों से शिकायत की
महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि यदि वह वहां से नहीं भागती तो उनकी जान भी ले सकती थी। कुछ लोगों ने गाड़ी पर पथराव भी किया, इससे गाड़ी के शीशे भी टूट गए हैं। उन्होंने इसकी सूचना लखनऊ और जिले पर भी अधिकारियों को दे दी है।
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नगर में बाल विवाह की सूचना पर पहुंची महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी की टीम को शादी में शामिल लोगों ने दौड़ा लिया। उन्होंने भाग कर जान बचाई और गाड़ी में बैठकर भाग निकले। गाड़ी पर भी लोगों ने पथराव किया। पुलिस से भी लोगों की नोकझोंक हुई, लेकिन पुलिस ने कहा कि मेडिकल परीक्षण के बाद यदि लड़की के बालिग होने की पुष्टि होती है, तभी शादी होगी अन्यथा शादी नहीं होने दी जाएगी। पुलिस ने फिलहाल शादी रुकवा दी है।
महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी को शिकायत की कि लाल हवेली रेस्टोरेंट में आंचल पुत्री स्व. हरेंद्र निवासी नाबालिग है और उसकी शादी अमित पुत्र ओमपाल निवासी पतला जनपद गाजियाबाद से होने जा रही है। सूचना पर महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी रश्मि सिंह और रीता अपनी टीम के साथ पहले उस स्कूल बड़ौली में गए, जहां उसने शिक्षा ग्रहण की । उन्होंने स्कूल के प्रधानाचार्य सुरेश से लिखित मेें लड़की की जन्म तिथि के बारे में संज्ञान लिया, इसमें उसकी जन्मतिथि 2006 दर्शाई गई । इसके बाद टीम कोतवाली पहुंची और शादी रुकवाने के लिए पुलिस बल मांगा। एसआई रईस उल हक खान के नेतृत्व में पुलिस बल उनके साथ लाल हवेली रेस्टोरेंट पहुंचा, जहां शादी की तैयारियां हो चुकी थी। लड़की पक्ष के लोगों ने पुलिस को उसका आधार कार्ड और बड़ौली के डीएस पब्लिक स्कूल से ली गई टीसी दिखाई, इसमेें उसकी जन्म तिथि 2000 थी। इसके आधार पर वह बालिग है। वहां मौजूद लड़की और लड़का पक्ष के लोगों ने कहा कि लड़की का ताऊ इस शादी के खिलाफ है, क्योंकि वह लड़की की शादी दूसरी जगह करवाना चाहता है, इसलिए वह झूठी शिकायत कर रहा है।
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टीम के सदस्यों ने कहा कि जब तक लड़की के बालिग होने के पुख्ता प्रमाण नहीं मिलते वे शादी नहीं होने देंगे। इस पर वहां मौजूद लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने टीम के सदस्यों को दौड़ा लिया। टीम के सदस्यों ने भागकर जान बचाई। लोगों ने उनकी गाड़ी पर पथराव भी किया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि लड़की का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद ही शादी कराई जाएगी। इस पर पुलिस से भी उनकी नोकझोंक हुई, लेकिन पुलिस ने फिलहाल शादी रुकवा दी है। लड़की के स्कूल के प्रधानाचार्य को भी बुलाया जा रहा है और उनसे असलियत में जन्मतिथि क्या है। इसकी जानकारी ली जा रही है।
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टीम अधिकारी ने उच्च अधिकारियों से शिकायत की
महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि यदि वह वहां से नहीं भागती तो उनकी जान भी ले सकती थी। कुछ लोगों ने गाड़ी पर पथराव भी किया, इससे गाड़ी के शीशे भी टूट गए हैं। उन्होंने इसकी सूचना लखनऊ और जिले पर भी अधिकारियों को दे दी है।