{"_id":"5a4e7e474f1c1b4a198b4d5f","slug":"81515093575-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी पुलिस के ट्विटर पर अंकित","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
यूपी पुलिस के ट्विटर पर अंकित
Updated Fri, 05 Jan 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। यूपी पुलिस के ट्विटर एकाउंट के जरिये भी शहीद सिपाही अंकित तोमर को श्रद्धांजलि दी गई। मुठभेड़ का जिक्र, सिपाही को गोली लगने और श्रद्धांजलि लिखा गया है।
सोशल मीडिया पर अंकित को श्रद्धांजलि
बागपत। अंकित तोमर की मौत और उसके बाद अंतिम संस्कार तक के हर पल को लोगों ने कैद कर सोशल मीडिया के जरिये एक दूसरे को भेजा। फेस बुक, व्हाट्स एप ग्रुप के अलावा न्यूज ग्रुप में भी दिनभर अंकित को श्रद्धांजलि दी गई।
जिले में लगे शहीद की मूर्ति
बागपत। सर्व समाज सुधार समिति की बैठक नई बस्ती मेें हुई। इसमें समिति के सचिव लोकेेंद्र हेवा ने कहा कि शहीद सिपाही अंकित तोमर की जिले में मूर्ति लगनी चाहिए। अपनी जान देकर सिपाही ने कानून की रक्षा की है। इसमें समिति की अध्यक्ष सीमा चौधरी, कंवर पाल हुड्डा, अमित जैन, अंकित कुमार, धर्मेंद्र, अंकित कश्यप आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
पहले भी बहता रहा है खाकी का खून
बागपत। वाजिदपुर के बेेटे अंकित तोमर की मुठभेड़ में मौत कोई पहला मामला नहीं है। बागपत में इससे पहले भी कई पुुलिसकर्मियों की जान गई है। सिंघावली अहीर थाने के सिपाही सुभाष की मेरठ रोड पर तीन साल पहले राहुल खट्टा गैंग के सदस्यों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। अब तक दस से अधिक पुलिसकर्मियों की मुठभेड़ के दौरान जान जा चुकी है।
सिंघावली अहीर थाने के दरोगा योगराज सिंह और सिपाही सुभाष मेरठ रोड पर चेकिंग कर रहे थे। इस बीच बाइक सवार दो युवकों को रोकने का प्रयास किया। एक युवक ने गोली चला दी, इससे सिपाही की जान चली गई। नौ साल पहले रटौल में चेकिंग के दौरान बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी थी, इसमें दो सिपाहियों की जान चली गई थी। सरूरपुर कलां में 15 साल पहले अपराधी संजीव नैन को पकड़ने गई पुलिस पर बदमाशों ने फायरिंग की, इसमें बागपत इंस्पेक्टर की जान चली गई थी। इसी तरह बड़का हॉल्ट पर सिपाही की बदमाशों ने हत्या कर दी थी। खाकी का खून बहने का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। अकेले बागपत में ही दस से अधिक सिपाहियों की जान जा चुकी है।
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर अंकित को श्रद्धांजलि
बागपत। अंकित तोमर की मौत और उसके बाद अंतिम संस्कार तक के हर पल को लोगों ने कैद कर सोशल मीडिया के जरिये एक दूसरे को भेजा। फेस बुक, व्हाट्स एप ग्रुप के अलावा न्यूज ग्रुप में भी दिनभर अंकित को श्रद्धांजलि दी गई।
विज्ञापन
जिले में लगे शहीद की मूर्ति
बागपत। सर्व समाज सुधार समिति की बैठक नई बस्ती मेें हुई। इसमें समिति के सचिव लोकेेंद्र हेवा ने कहा कि शहीद सिपाही अंकित तोमर की जिले में मूर्ति लगनी चाहिए। अपनी जान देकर सिपाही ने कानून की रक्षा की है। इसमें समिति की अध्यक्ष सीमा चौधरी, कंवर पाल हुड्डा, अमित जैन, अंकित कुमार, धर्मेंद्र, अंकित कश्यप आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
पहले भी बहता रहा है खाकी का खून
बागपत। वाजिदपुर के बेेटे अंकित तोमर की मुठभेड़ में मौत कोई पहला मामला नहीं है। बागपत में इससे पहले भी कई पुुलिसकर्मियों की जान गई है। सिंघावली अहीर थाने के सिपाही सुभाष की मेरठ रोड पर तीन साल पहले राहुल खट्टा गैंग के सदस्यों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। अब तक दस से अधिक पुलिसकर्मियों की मुठभेड़ के दौरान जान जा चुकी है।
सिंघावली अहीर थाने के दरोगा योगराज सिंह और सिपाही सुभाष मेरठ रोड पर चेकिंग कर रहे थे। इस बीच बाइक सवार दो युवकों को रोकने का प्रयास किया। एक युवक ने गोली चला दी, इससे सिपाही की जान चली गई। नौ साल पहले रटौल में चेकिंग के दौरान बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी थी, इसमें दो सिपाहियों की जान चली गई थी। सरूरपुर कलां में 15 साल पहले अपराधी संजीव नैन को पकड़ने गई पुलिस पर बदमाशों ने फायरिंग की, इसमें बागपत इंस्पेक्टर की जान चली गई थी। इसी तरह बड़का हॉल्ट पर सिपाही की बदमाशों ने हत्या कर दी थी। खाकी का खून बहने का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। अकेले बागपत में ही दस से अधिक सिपाहियों की जान जा चुकी है।