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दौराला की प्रॉपर्टी के विवाद में खून-खराबा
Updated Tue, 31 Oct 2017 01:06 AM IST
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दोघट (बागपत)। निरपुड़ा की खूनी रंजिश पिता-पुत्र की हत्या प्रॉपर्टी, रुपये के लेन-देन से जुड़ी है। छपरौली के सुनील और निरपुड़ा का नरेश साढू़ थे, दोनों की ससुराल मेरठ के दौराला में है। ससुराल की प्रॉपर्टी बेचने और रुपये के बंटवारे को लेकर विवाद चला आ रहा था। दूध की डेयरी को लेकर भी विवाद शुरू हो गया था।
मूल रूप से शामली के कैल गांव निवासी सुनील अपने परिवार के साथ छपरौली में आकर बस गया था। दौराला निवासी विक्रम सिंह ने अपनी बेटी राजेश का विवाह सुनील के साथ किया था, जबकि दूसरी बेटी निरपुड़ा के नरेश के साथ ब्याही थी। ससुराल में साला नहीं होने के कारण प्रॉपर्टी का बंटवारा हुआ। दोनों पक्षों के बीच लाखों रुपये के लेन-देन का विवाद है। कुछ लोगों का कहना है कि निरपुडा में दूध की डेयरी बनाई, इसमें हिस्से को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने थे। इसी विवाद में पहले कई बार पंचायतें हुई, लेकिन मामला नहीं सुलटा। पिछले वर्ष 11 अक्तूबर को सुनील और उसके बेटे नितिन की हत्या की।
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मूल रूप से शामली के कैल गांव निवासी सुनील अपने परिवार के साथ छपरौली में आकर बस गया था। दौराला निवासी विक्रम सिंह ने अपनी बेटी राजेश का विवाह सुनील के साथ किया था, जबकि दूसरी बेटी निरपुड़ा के नरेश के साथ ब्याही थी। ससुराल में साला नहीं होने के कारण प्रॉपर्टी का बंटवारा हुआ। दोनों पक्षों के बीच लाखों रुपये के लेन-देन का विवाद है। कुछ लोगों का कहना है कि निरपुडा में दूध की डेयरी बनाई, इसमें हिस्से को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने थे। इसी विवाद में पहले कई बार पंचायतें हुई, लेकिन मामला नहीं सुलटा। पिछले वर्ष 11 अक्तूबर को सुनील और उसके बेटे नितिन की हत्या की।
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