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Dehradun News: नियमों के खिलाफ जाकर ही मिलेगा हादसों का हल
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आशारोड़ी और मोहब्बेवाला के बीच सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन को नियमों के खिलाफ जाना पड़ सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए जा सकते हैं लेकिन मोहब्बेवाला में अब ये जरूरी हो गए हैं। ऐसे में प्रशासन सोमवार को मोहब्बेवाला में राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों के साथ मिलकर इसी विकल्प पर मंथन करने जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल सोमवार को मोहब्बेवाला में इस स्थान का निरीक्षण करने जाएंगे।
एलिवेटेड रोड बनने से पहले से ही आशारोड़ी और मोहब्बेवाला क्षेत्र हादसों के लिए संवेदनशील है। यहां ढलान पर अक्सर बड़े कंटेनर और ट्रेलर से हादसे होते हैं। इसी साल मोहब्बेवाला में छह से ज्यादा छोटे-बड़े हादसे इस स्थान पर हो चुके हैं। कभी कोई ट्रक अनियंत्रित होकर शोरूम की दीवार तोड़ पलट गया तो कोई चलते-चलते किसी वाहन से टकरा गया। इन हादसों में कई मौत भी हुईं। लोगों की संपत्तियों की हानि भी बड़े पैमाने पर हुई। इसके लिए लगातार जिला प्रशासन और पुलिस प्रयास कर रहे हैं कि किसी तरह हादसों पर अंकुश लगाया जा सके। इसके लिए कई दफा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से पत्राचार भी हो चुका है।
ढलान होने के कारण यहां वाहनों की गति एकाएक बढ़ जाती है। इस पर सामान्य रूप से बिना किसी रोड इंजीनियरिंग में भारी बदलाव किए केवल स्पीड ब्रेकर ही एक विकल्प के तौर पर माने जा रहे हैं। जबकि, राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए जा सकते इसके लिए मंत्रालय ने ही इसे प्रतिबंधित किया है। ऐसे में रविवार को हुआ हादसा एक बार फिर से इस विकल्प की ओर ध्यान देने को मजबूर कर रहा है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि वह बुधवार को पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल और अन्य अफसरों के साथ इस क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान सभी विकल्पों पर ध्यान दिया जाएगा। सबसे अहम यही है कि यहां फिलहाल के लिए 100 मीटर के क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर या अन्य कोई विकल्प को शामिल किया जाए।
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एलिवेटेड रोड बनने से पहले से ही आशारोड़ी और मोहब्बेवाला क्षेत्र हादसों के लिए संवेदनशील है। यहां ढलान पर अक्सर बड़े कंटेनर और ट्रेलर से हादसे होते हैं। इसी साल मोहब्बेवाला में छह से ज्यादा छोटे-बड़े हादसे इस स्थान पर हो चुके हैं। कभी कोई ट्रक अनियंत्रित होकर शोरूम की दीवार तोड़ पलट गया तो कोई चलते-चलते किसी वाहन से टकरा गया। इन हादसों में कई मौत भी हुईं। लोगों की संपत्तियों की हानि भी बड़े पैमाने पर हुई। इसके लिए लगातार जिला प्रशासन और पुलिस प्रयास कर रहे हैं कि किसी तरह हादसों पर अंकुश लगाया जा सके। इसके लिए कई दफा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से पत्राचार भी हो चुका है।
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ढलान होने के कारण यहां वाहनों की गति एकाएक बढ़ जाती है। इस पर सामान्य रूप से बिना किसी रोड इंजीनियरिंग में भारी बदलाव किए केवल स्पीड ब्रेकर ही एक विकल्प के तौर पर माने जा रहे हैं। जबकि, राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए जा सकते इसके लिए मंत्रालय ने ही इसे प्रतिबंधित किया है। ऐसे में रविवार को हुआ हादसा एक बार फिर से इस विकल्प की ओर ध्यान देने को मजबूर कर रहा है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि वह बुधवार को पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल और अन्य अफसरों के साथ इस क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान सभी विकल्पों पर ध्यान दिया जाएगा। सबसे अहम यही है कि यहां फिलहाल के लिए 100 मीटर के क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर या अन्य कोई विकल्प को शामिल किया जाए।
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