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मोबाइल की डिटेल आते ही बेनकाब होगे चेहरे
Updated Fri, 08 Dec 2017 12:54 AM IST
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बागपत। बागपत जेल में मिले दो मोबाइलों की पुलिस डिटेल निकालने में लगी हुई है। जिनका अभी तक पता नहीं चला रहा है। उनके मिलने के बाद कई चेहरे बेनकाब होंगे। पुलिस गोपनीय रूप से जांच में लगी हुई है। एसपी ने मेरठ कमिश्नर को रिपोर्ट सौंप दी है।
बागपत जेल में मेरठ कमिश्नर डॉक्टर प्रभात कुमार के निर्देश पर पांच दिसंबर को छापामारी हुई थी। मेरठ एडीएम (प्रशासन) सत्यप्रकाश पटेल और एसपी बागपत जय प्रकाश ने चेकिंग की थी। हाई सिक्योरिटी बैरक के पास खेत से एक स्मार्ट फोन और एक बाथरूम से मोबाइल मिला था। इसके अलावा भी अन्य प्रतिबंधित सामान मिला था। जेल से मिले मोबाइल ही बंदियों की पोल खोलेंगे। इसके लिए पुलिस गोपनीय रूप से जांच पड़ताल में लगी हुई है। सर्विलांस का सहारा लिया जा रहा है। पुलिस सूत्रों की माने तो पुलिस अफसरों को कई महत्वपूर्ण जानकारी मिल गई है। स्मार्ट फोन हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद बंदियों में से एक का ही है। हालांकि अफसर इस बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। यह तय है कि मोबाइल की कॉल डिटेल से पता चलेगा कि अपराधी किन-किन के संपर्क में थे। आशंका जताई रही कि अपराधी इसी मोबाइल के जरिए कई राज्यों में अपना नेटवर्क चला रहा था। उधर, एसपी जय प्रकाश का कहना है कि मोबाइल की डिटेल आने के बाद ही सहीं पता चलेगा। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। जेल से मिले मोबाइल और अन्य प्रतिबंधित सामान के बारे में मेरठ कमिश्नर को रिपोर्ट दे दी गई है।
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बागपत जेल में मेरठ कमिश्नर डॉक्टर प्रभात कुमार के निर्देश पर पांच दिसंबर को छापामारी हुई थी। मेरठ एडीएम (प्रशासन) सत्यप्रकाश पटेल और एसपी बागपत जय प्रकाश ने चेकिंग की थी। हाई सिक्योरिटी बैरक के पास खेत से एक स्मार्ट फोन और एक बाथरूम से मोबाइल मिला था। इसके अलावा भी अन्य प्रतिबंधित सामान मिला था। जेल से मिले मोबाइल ही बंदियों की पोल खोलेंगे। इसके लिए पुलिस गोपनीय रूप से जांच पड़ताल में लगी हुई है। सर्विलांस का सहारा लिया जा रहा है। पुलिस सूत्रों की माने तो पुलिस अफसरों को कई महत्वपूर्ण जानकारी मिल गई है। स्मार्ट फोन हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद बंदियों में से एक का ही है। हालांकि अफसर इस बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। यह तय है कि मोबाइल की कॉल डिटेल से पता चलेगा कि अपराधी किन-किन के संपर्क में थे। आशंका जताई रही कि अपराधी इसी मोबाइल के जरिए कई राज्यों में अपना नेटवर्क चला रहा था। उधर, एसपी जय प्रकाश का कहना है कि मोबाइल की डिटेल आने के बाद ही सहीं पता चलेगा। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। जेल से मिले मोबाइल और अन्य प्रतिबंधित सामान के बारे में मेरठ कमिश्नर को रिपोर्ट दे दी गई है।
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