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जमीन पर पड़ी थी बजरंगी की लाश,सामने खड़ा था सुनील राठी
Updated Sun, 29 Jul 2018 01:24 AM IST
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बागपत। जिला कारागार में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद पहली बार जेल में बंद पूर्व विधायक रामवीर शौकीन ने भी मुंह खोला है। शौकीन ने कहा कि गोली चलने के आवाज सुनकर जैसे ही वह बैरक से बाहर निकला तो बजरंगी की लाश पड़ी थी, सामने सुनील राठी खड़ा हुआ था। लेकिन उसने राठी के हाथ में पिस्टल नहीं देखी।
शनिवार को जिला जेल में बंद दिल्ली के पूर्व कांग्रेसी विधायक रामबीर शौकीन की हालत बिगड़ने पर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। शौकीन ने बताया कि पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के समय वह तन्हाई बैरक सो रहा था। गोली चलने के आवाज सुनकर बाहर आया तो मुन्ना बजरंगी की लाश पड़ी हुई थी और उसके सामने सुनील राठी खड़ा हुआ था। शौकीन ने कहा कि घटना के बाद से वह डर गया था और वापस अपनी बैरक में जाकर बैठ गया। इस मामले में पुलिस उससे पांच बार पूछताछ कर चुकी है। जबकि इस घटना से उसका कोई लेना देना नहीं है। वह सुनील राठी से मिला भी नहीं है। उसके भांजे नीरज बवाना से सुनील राठी की दोस्ती है। भांजे नीरज बवाना ने दिल्ली स्थित उनके ऑफिस में बैठ कर साथियों के साथ भूरा को फरार करने की योजना बनाई थी, जिसके बारे में उसे कुछ नहीं पता था। भूरा फरारी प्रकरण में उसे राजनीति के तहत झूठा फंसाया गया है।
पूर्व विधायक रामवीर शौकीन के दफ्तर में रची थी साजिश
बागपत। मुजफ्फरनगर के सरनावली गांव निवासी अमित उर्फ भूरा को 15 दिसंबर 2014 को बागपत न्यायालय मे पेशी पर लेकर आ रही देहरादून पुलिस की कस्टडी से उसके साथ छुड़ा ले गए थे। कुख्यात सुनील राठी के गुर्गों ने पुलिस की आंखों में मिर्ची स्प्रे डालकर दो एके 47 व कार्बाइन भी लूट ली थी। इस मामले की साजिश रचने में मुंडका विधानसभा दिल्ली के पूर्व विधायक रामबीर शौकीन जिला जेल में बंद है। पुलिस ने खुलासा किया था कि विधायक के कार्यालय में बैठकर ही पूरे मामले की साजिश रची गई थी। मुन्ना बजरंगी की हत्या के वक्त सुनील राठी और रामवीर शौकीन आसपास की तन्हाई बैरक में ही बंद थे।
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जेल में बंदी चला रहे है स्मार्ट फोन
बागपत। जिला जेल में पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद भी बंदी स्मार्ट मोबाइल चल रहे हैं। कई बार चेकिंग में मोबाइल मिल चुके हैं। जेल से छूटकर आने वाले बंदियों ने बताया कि जेल बंदी स्मार्ट फोन चला रहे हैं। उन्होंने अपनी बैरक में मोबाइल छिपाने की जगह बना रखी है। दीवारों व फर्श में मोबाइल छिपाए जाते हैं। जब भी बैरक में बंदियों की चेकिंग होती है तो वे मोबाइलों को छिपा लेते है। शनिवार को भी जेलर एसके सिंह ने टीम के साथ बैरक में सघन चेकिंग अभियान चलाया लेकिन कुछ हाथ नहीं लग सका।
बजरंगी हत्याकांड की जांच पड़ी धीमी
बागपत। जिला जेल में पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले की जांच धीमी पड़ी गई है। पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। पुलिस अधिकारी लगातार बंदियों से पूछताछ कर रहे हैं। हत्याकांड का अभी तक कोई गवाह तक नहीं मिला है। पुलिस अब सर्विलांस के सहारे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में लगी है। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि हत्याकांड की जांच तेजी से चल रही है। पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे है। जल्दी ही गुत्थी को सुलझा लिया जाएगा।
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शनिवार को जिला जेल में बंद दिल्ली के पूर्व कांग्रेसी विधायक रामबीर शौकीन की हालत बिगड़ने पर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। शौकीन ने बताया कि पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के समय वह तन्हाई बैरक सो रहा था। गोली चलने के आवाज सुनकर बाहर आया तो मुन्ना बजरंगी की लाश पड़ी हुई थी और उसके सामने सुनील राठी खड़ा हुआ था। शौकीन ने कहा कि घटना के बाद से वह डर गया था और वापस अपनी बैरक में जाकर बैठ गया। इस मामले में पुलिस उससे पांच बार पूछताछ कर चुकी है। जबकि इस घटना से उसका कोई लेना देना नहीं है। वह सुनील राठी से मिला भी नहीं है। उसके भांजे नीरज बवाना से सुनील राठी की दोस्ती है। भांजे नीरज बवाना ने दिल्ली स्थित उनके ऑफिस में बैठ कर साथियों के साथ भूरा को फरार करने की योजना बनाई थी, जिसके बारे में उसे कुछ नहीं पता था। भूरा फरारी प्रकरण में उसे राजनीति के तहत झूठा फंसाया गया है।
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पूर्व विधायक रामवीर शौकीन के दफ्तर में रची थी साजिश
बागपत। मुजफ्फरनगर के सरनावली गांव निवासी अमित उर्फ भूरा को 15 दिसंबर 2014 को बागपत न्यायालय मे पेशी पर लेकर आ रही देहरादून पुलिस की कस्टडी से उसके साथ छुड़ा ले गए थे। कुख्यात सुनील राठी के गुर्गों ने पुलिस की आंखों में मिर्ची स्प्रे डालकर दो एके 47 व कार्बाइन भी लूट ली थी। इस मामले की साजिश रचने में मुंडका विधानसभा दिल्ली के पूर्व विधायक रामबीर शौकीन जिला जेल में बंद है। पुलिस ने खुलासा किया था कि विधायक के कार्यालय में बैठकर ही पूरे मामले की साजिश रची गई थी। मुन्ना बजरंगी की हत्या के वक्त सुनील राठी और रामवीर शौकीन आसपास की तन्हाई बैरक में ही बंद थे।
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जेल में बंदी चला रहे है स्मार्ट फोन
बागपत। जिला जेल में पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद भी बंदी स्मार्ट मोबाइल चल रहे हैं। कई बार चेकिंग में मोबाइल मिल चुके हैं। जेल से छूटकर आने वाले बंदियों ने बताया कि जेल बंदी स्मार्ट फोन चला रहे हैं। उन्होंने अपनी बैरक में मोबाइल छिपाने की जगह बना रखी है। दीवारों व फर्श में मोबाइल छिपाए जाते हैं। जब भी बैरक में बंदियों की चेकिंग होती है तो वे मोबाइलों को छिपा लेते है। शनिवार को भी जेलर एसके सिंह ने टीम के साथ बैरक में सघन चेकिंग अभियान चलाया लेकिन कुछ हाथ नहीं लग सका।
बजरंगी हत्याकांड की जांच पड़ी धीमी
बागपत। जिला जेल में पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले की जांच धीमी पड़ी गई है। पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। पुलिस अधिकारी लगातार बंदियों से पूछताछ कर रहे हैं। हत्याकांड का अभी तक कोई गवाह तक नहीं मिला है। पुलिस अब सर्विलांस के सहारे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में लगी है। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि हत्याकांड की जांच तेजी से चल रही है। पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे है। जल्दी ही गुत्थी को सुलझा लिया जाएगा।