फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   सुलखान सिंह ने जानी बागपत जेल की हकीकत

सुलखान सिंह ने जानी बागपत जेल की हकीकत

Mon, 06 Aug 2018 01:20 AM IST
Updated Mon, 06 Aug 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
सुलखान सिंह ने जानी बागपत जेल की हकीकत
खेकड़ा (बागपत)। पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद जेल सुधार समिति के अध्यक्ष/ पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने बागपत जेल का निरीक्षण किया। जिला प्रशासन, जेल अधिकारियों और बंदियों से जेल व्यवस्थाओं में सुधार की बाबत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जो समस्याएं हैं, जल्द ही उन्हें दूर किया जाएगा।
विज्ञापन

नौ जुलाई को बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या की। निलंबित जेलर उदय प्रताप सिंह ने तन्हाई बैरक में बंद सुनील राठी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। हत्या के बाद शासन ने जेल सुधार समिति का गठन किया। समिति के अध्यक्ष पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने रविवार को बागपत जेल का निरीक्षण किया। तन्हाई बैरक और अन्य बैरकों का निरीक्षण किया। जेलर एसके सिंह, डिप्टी जेलर, वार्डन और बंदियों से भी बातचीत की। जिला कारागार में व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव मांगे और स्थिति को बेहतर करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने बताया निरीक्षण का उद्देश्य जेल की हकीकत जानना था और यहां की स्थितियों में सुधार की संभावनाओं के विषय में जानने के लिए ही वह आए थे। जल्द ही स्थिति बदलेगी। इसमें डीएम ऋषिरेंद्र कुमार, एसपी जयप्रकाश, जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा, जेलर एसके सिंह, सीओ वंदना शर्मा मौजूद रहीं।
विज्ञापन



तीन घंटे माथा पच्ची चली
खेकड़ा। जिला कारागार में सीसीटीवी कैमरे, मुलाकात व्यवस्था, चेकिंग व्यवस्था, मोबाइल बरामद होने के मामले, शातिर अपराधियों को शिफ्ट करने की तैयारियां, बंदीरक्षकों की तैनाती, पुलिस-प्रशासन और जेल प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के मसले पर करीब तीन घंटे तक माथा पच्ची की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


जेल में कैसा पहुंचा पिस्टल, कैसे हुई हत्या
खेकड़ा। पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने बताया कि तमाम सुरक्षा व्यवस्थाओं के बीच जेल में किस तरह पिस्टल पहुंचा या किस तरह मोबाइल और नशे का सामान पहुंचा, इस चूक पर भी मंथन किया । सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए दौरा किया गया है। भविष्य में इस तरह की चूक न हो और पहले जो चूक हुई हैं, उनमें लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। जेल अधिकारियों और बंदियों से हत्या के विषय में भी जानकारी जुटाई।


क्या है मामला
खेकड़ा। आठ जुलाई की रात में करीब सवा नौ बजे झांसी जेल से पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी को बागपत जेल में शिफ्ट किया । नौ जुलाई की सुबह सवा छह बजे बजरंगी की तन्हाई बैरक के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी। इस संबंध में सुनील राठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

सवाल वही, जवाब नहीं
बागपत जेल में पिस्टल कैसे पहुंचा। क्या पहले दिन से राठी के पास पिस्टल थी।
मुन्ना बजरंगी की हत्या क्यों की। साजिश, रंजिश, सुपारी या राजनीतिक षड्यंत्र।
किसके आदेश पर बजरंगी को झांसी से बागपत जेल में शिफ्ट किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed