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किसने की दो कॉल, जिसके बाद हुई बजरंगी की हत्या
Updated Thu, 12 Jul 2018 01:44 AM IST
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बागपत। मुन्ना बजरंगी की हत्या की वारदात में दो कॉल बेहद महत्वपूर्ण है। पहली कॉल पर मुन्ना बजरंगी का काफिला पुलिस लाइन के बजाए बागपत जेल पहुंच गया और दूसरी कॉल सोमवार सुबह सुनील राठी के पास की गई, इसके बाद पूर्वांचल का माफिया ढेर कर दिया। पुलिस दोनों कॉल की तह में जाने का प्रयास कर रही है।
मुन्ना बजरंगी के अधिवक्ता विकास श्रीवास्तव ने आरोप लगाया था कि जिस वक्त झांसी जेल से एंबुलेंस में बजरंगी को लेकर चले थे, तब यह तय हुआ था कि पुलिस लाइन में रुकना है। बागपत पहुंचने के बाद एंबुलेंस और सुरक्षाकर्मी पुलिस लाइन की तरफ ही जा रहे थे, लेकिन एकाएक पुलिसकर्मियों के पास एक कॉल की गई। क्या बातचीत हुई, उन्हें जानकारी नहीं है, लेकिन इसके बाद बजरंगी को बागपत जेल में शिफ्ट कर दिया ।
उधर, पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि सोमवार सुबह मुन्ना बजरंगी और सुनील राठी एक जगह बैठे हुए थे। दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाया कि सुपारी क्यों ली। इसके अलावा ठेकेदारी की चर्चा हुई। बहस होते होते सुनील राठी के मोबाइल पर किसी ने कॉल की। मोबाइल जेब में रखते ही राठी ने पिस्टल निकाल लिया और गोलियां चला दी। पुलिस दोनों कॉल की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि पहले यह जांच की जा रही है कि दोनों कॉल की बात सही है या गलत।
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खाना-पीना कम किया, तन्हा हुआ सुनील राठी
बागपत। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद सुरक्षा के लिहाज से तन्हाई बैरक से अन्य बंदियों को हटा लिया गया है। जेल की बैरक नंबर 10 में से नंबर एक में सुनील राठी अकेला रह रहा है। जेल सूत्रों ने बताया कि राठी की मिलाई पर रोक लगा दी गई है। आमतौर पर बंदियों से घिरा रहने वाला राठी अपनी बैरक में तन्हा है। वह अधिक खाना पीना भी नहीं कर रहा है। निर्धारित समय पर सुरक्षा के बीच जेलकर्मी उसके पास खाना भिजवाते हैं, लेकिन जेल का खाना नहीं खा रहा है। वह चाय-पानी पर ही निर्भर है। राठी ने खुद भी अकेले छोड़े जाने की बात कही है।
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मुन्ना बजरंगी के अधिवक्ता विकास श्रीवास्तव ने आरोप लगाया था कि जिस वक्त झांसी जेल से एंबुलेंस में बजरंगी को लेकर चले थे, तब यह तय हुआ था कि पुलिस लाइन में रुकना है। बागपत पहुंचने के बाद एंबुलेंस और सुरक्षाकर्मी पुलिस लाइन की तरफ ही जा रहे थे, लेकिन एकाएक पुलिसकर्मियों के पास एक कॉल की गई। क्या बातचीत हुई, उन्हें जानकारी नहीं है, लेकिन इसके बाद बजरंगी को बागपत जेल में शिफ्ट कर दिया ।
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उधर, पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि सोमवार सुबह मुन्ना बजरंगी और सुनील राठी एक जगह बैठे हुए थे। दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाया कि सुपारी क्यों ली। इसके अलावा ठेकेदारी की चर्चा हुई। बहस होते होते सुनील राठी के मोबाइल पर किसी ने कॉल की। मोबाइल जेब में रखते ही राठी ने पिस्टल निकाल लिया और गोलियां चला दी। पुलिस दोनों कॉल की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि पहले यह जांच की जा रही है कि दोनों कॉल की बात सही है या गलत।
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खाना-पीना कम किया, तन्हा हुआ सुनील राठी
बागपत। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद सुरक्षा के लिहाज से तन्हाई बैरक से अन्य बंदियों को हटा लिया गया है। जेल की बैरक नंबर 10 में से नंबर एक में सुनील राठी अकेला रह रहा है। जेल सूत्रों ने बताया कि राठी की मिलाई पर रोक लगा दी गई है। आमतौर पर बंदियों से घिरा रहने वाला राठी अपनी बैरक में तन्हा है। वह अधिक खाना पीना भी नहीं कर रहा है। निर्धारित समय पर सुरक्षा के बीच जेलकर्मी उसके पास खाना भिजवाते हैं, लेकिन जेल का खाना नहीं खा रहा है। वह चाय-पानी पर ही निर्भर है। राठी ने खुद भी अकेले छोड़े जाने की बात कही है।