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Noida News: एपीके फाइल, फर्जी लोन और निवेश का झांसा देकर 21 लाख की साइबर ठगी

Thu, 03 Sep 2026 08:39 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 08:39 PM IST
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एपीके फाइल, फर्जी लोन और निवेश का झांसा देकर 21 लाख की साइबर ठगी- तीनों पीडि़तों की शिकायत पर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज, पुलिस जांच जारी
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने अलग-अलग तरीकों से कारोबारी, फैक्टरी कर्मचारी और सेवानिवृत्त बैंककर्मी को अपने जाल में फंसाकर करीब 21 लाख रुपये की ठगी कर ली। तीनों मामलों में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
सेक्टर-126 निवासी एक कारोबारी मोबाइल बैंकिंग एप से संबंधित जानकारी ऑनलाइन तलाश रहे थे। इसी दौरान 27 जुलाई को उनके पास एक व्यक्ति का फोन आया। खुद को बैंककर्मी बताते हुए आरोपी ने कारोबारी के मोबाइल पर एक लिंक भेजा और एप डाउनलोड करने के लिए कहा। फाइल डाउनलोड होते ही साइबर अपराधियों ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद खाते से करीब पांच लाख रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए गए।
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वहीं सेक्टर-22 निवासी एक फैक्टरी कर्मचारी को आर्थिक जरूरत के चलते तत्काल लोन की तलाश थी। उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर एक विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क किया। आरोपियों ने ऑनलाइन 48 हजार रुपये का लोन उपलब्ध कराने का झांसा दिया। लोन दिलाने के नाम पर आरोपियों ने पीड़ित से एक एप डाउनलोड कराया। एप को जरूरी बताकर उसके मोबाइल में मौजूद फोटो और संपर्क सूची तक पहुंच हासिल कर ली। इसके बाद आरोपियों ने टेलीग्राम पर पीड़ित की मॉर्फ्ड फोटो भेजनी शुरू कर दी और उसे वायरल करने की धमकी दी। बदनामी के डर से पीड़ित ने कई बार में करीब सात लाख रुपये आरोपियों के खातों में भेज दिए।
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इसी तरह सेक्टर-45 निवासी सेवानिवृत्त बैंककर्मी से जुलाई 2025 को साइबर अपराधियों ने खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताते हुए उनसे संपर्क किया। आरोपियों ने शेयर बाजार में निवेश कराने और रकम पर दो गुने से अधिक मुनाफा दिलाने का दावा किया। विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने पहले एक वेबसाइट पर उनका पंजीकरण कराया और कम रकम निवेश कराई। कुछ समय बाद चार हजार रुपये का कथित मुनाफा उनके बैंक खाते में भेज दिया गया। रकम वापस मिलने पर असीम को आरोपियों पर भरोसा हो गया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग चरणों में करीब नौ लाख रुपये निवेश कर दिए। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि शिकायतों के आधार पर तीनों मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बचाव के उपाय
- एपीके फाइल से रहें सावधान: बैंक या किसी भरोसेमंद संस्था के नाम पर भेजी गई अनजान एपीके फाइल डाउनलोड न करें। एप हमेशा आधिकारिक एप स्टोर से ही इंस्टॉल करें।
- लोन एप को सोच-समझकर डाउनलोड करें: इंटरनेट मीडिया पर दिखने वाले तुरंत और बेहद सस्ते लोन के विज्ञापनों पर आंख बंदकर भरोसा न करें। किसी एप को फोटो, कांटेक्ट या अन्य अनावश्यक अनुमति देने से बचें।
- निवेश में पहले जांच जरूरी: शेयर बाजार में निश्चित या बहुत अधिक मुनाफे का दावा करने वाले व्यक्ति और वेबसाइट से सावधान रहें। शुरुआती छोटा मुनाफा दिखाकर विश्वास जीतना भी ठगी का तरीका हो सकता है।

- ठगी होते ही 1930 पर कॉल करें: साइबर ठगी के तुरंत बाद 1930 पर शिकायत करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराएं। बैंक को तत्काल सूचना देकर संबंधित खाते या लेनदेन को रोकने का प्रयास करें।
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