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होमगार्डों के भरोसे बागपत के जंगल की जेल
Updated Thu, 12 Jul 2018 01:40 AM IST
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बागपत। जेल में 869 बंदी बंद हैं, जिनमें कई कुख्यात हैं, सुनील राठी तो टोकाटाकी पर रु ड़की में जेलर की हत्या करा चुका है। उसके बाद से वह किसी भी जेल में जाए, जेल स्टाफ उससे खौफ खाता रहा है। प्रमोद गांगनौली गिरोह से जुड़े बदमाश, पूर्व विधायक रामवीर शौकीन, विक्की सुन्हैड़ा सहित कई बदमाश भी जेल में बंद है। एक और जेल में बंद कुख्यातों की लंबी फेहरिस्त दूसरी ओर सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी है। 148 की जगह मात्र 37 का स्टाफ है। जेल की बाहरी सुरक्षा का जिम्मा सात होमगार्डों पर है। जेल में भीतर की व्यवस्था बनाने में लंबरदारों (सजायाप्ता बंदियों) को लगाना पड़ रहा है। ऐसे हालात में जेल स्टाफ से बदमाशों पर लगाम लगाने की बात करना ही बेमानी है। जेल के सूत्र बताते हैं कि सुनील राठी के आगे जेल प्रशासन बेबस था। उससे मिलने जाने वालों का कोई रिकार्ड नहीं रखा जाता था और न ही उनकी तलाशी होती थी। ऐसे में जेल के भीतर आसानी से कोई भी पिस्टल पहुंचा गया होगा।
बागपत जेल में सुरक्षा की हकीकत :
पद स्वीकृत तैनाती
जेल अधीक्षक 01 अतिरिक्त प्रभार
जेलर 01 01
डिप्टी जेलर 05 02
मुख्य बंदी रक्षक 16 05
बंदी रक्षक 110 25
मुख्य महिला बंदी रक्षक 02 00
महिला बंदी रक्षक 05 00
स्वीपर 03 00
चिकित्साधिकारी 01 01
फार्मेसिस्ट 01 00
अन्य स्टाफ 03 03
बागपत जेल में 148 पद और 37 की तैनाती
बागपत। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद चर्चा में आई बागपत जेल में सिर्फ नाम की सुरक्षा व्यवस्था है। दो साल पहले शुरू की गई जेल में व्यवस्था के लिए 148 पद स्वीकृत हैं, जबकि यहां पर केवल 37 पद ही भरे हुए हैं। जाहिर है कि रिक्त पदों की संख्या 111 है। कर्मचारियों के स्थानांतरण और छुट्टी से बीच-बीच में हालात खराब हो जाते हैं।
महिला बंदी 39, लेकिन बंदी रक्षक नहीं
बागपत। जिला जेल में महिला बंदियों की संख्या 39 है, लेकिन मुख्य महिला बंदी रक्षक और महिला बंदी रक्षक की संख्या एक भी तैनात नहीं है।
शातिरों का ठिकाना है बागपत जेल
अपराध की दुनिया का शातिर खिलाड़ी सुनील राठी बागपत जेल में बंद है। जेल में राठी की हुकूमत चलती है। बंदियों के अलावा सुरक्षाकर्मियों में भी राठी का खौफ है। उत्तराखंड में राठी के नाम का खौफ है।
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काठा के नीटू की हत्या में नामजद विक्की सुन्हैडा भी बागपत जेल की तन्हाई बैरक में है। यूपी में जुर्म की दुनिया के बड़े नामों के बीच विक्की का नाम उभर रहा है। बजरंगी जेल में विक्की के पास ही रुका था।
पचास हजार रुपये का इनामी रहा शातिर जावेद रटौल को बागपत जेल की दीवारें और पुलिस सुरक्षा नहीं रोक सकी। काजी अफसार हत्याकांड में नामजद है। जेल में ही भागने की साजिश रचकर वह फरार हो गया था।
एक लाख के इनामी रहे प्रमोद राठी गैंग के कई शातिर खिलाड़ी बागपत जेल में है। प्रमोद का भाई रवि भी जेल में है। सुनील राठी और प्रमोद गैंग के हाथ मिलाने के बाद से जेल में दूसरे गैंग के सदस्यों की शामत आई हुई है।
रठौड़ा के दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाला मनीष उर्फ अन्ना भी बागपत जेल में है। अन्ना ने बागपत में हवालात को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। मनीष अन्ना के शातिरों की मंडली सबसे अलग रहती है।
किस जेल से चल रहा कौन सा गैंग
बागपत। बागपत जेल में सुनील राठी, रुड़की जेल में चीनू पंडित, पटियाला जेल में अमित भूरा, चमोली जेल में प्रवीण वाल्मीकि और मैनपुरी जेल में संजीव जीवा का गैंग सक्रिय है।
वाच टावर पर होमगार्ड
बागपत। जेल में होमगार्ड से भी ड्यूटी कराई जाती है। डिमांड 25 होमगार्ड की है, लेकिन भेजे 10 गए हैं। इनमें भी केवल सात ही ड्यूटी पर पहुंचते हैं। होमगार्ड को वॉच टावर और जेलर आवास की ड्यूटी मिलती है।
जंगल में जेल, असुरक्षा का माहौल
बागपत। बागपत जेल की लोकेशन जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर है। जेल जाने के मुख्य रास्ते तक नहीं है। सुभानपुर, अब्दुलपुर, मीरपुर पचारा, नौरसपुर, नानू और डूंडाहेड़ा गांव है। गाजियाबाद जिले के गांव सटे हैं। यमुना और जेल के बीच सुभानपुर गांव है।
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बागपत जेल में सुरक्षा की हकीकत :
पद स्वीकृत तैनाती
जेल अधीक्षक 01 अतिरिक्त प्रभार
जेलर 01 01
डिप्टी जेलर 05 02
मुख्य बंदी रक्षक 16 05
बंदी रक्षक 110 25
मुख्य महिला बंदी रक्षक 02 00
महिला बंदी रक्षक 05 00
स्वीपर 03 00
चिकित्साधिकारी 01 01
फार्मेसिस्ट 01 00
अन्य स्टाफ 03 03
बागपत जेल में 148 पद और 37 की तैनाती
बागपत। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद चर्चा में आई बागपत जेल में सिर्फ नाम की सुरक्षा व्यवस्था है। दो साल पहले शुरू की गई जेल में व्यवस्था के लिए 148 पद स्वीकृत हैं, जबकि यहां पर केवल 37 पद ही भरे हुए हैं। जाहिर है कि रिक्त पदों की संख्या 111 है। कर्मचारियों के स्थानांतरण और छुट्टी से बीच-बीच में हालात खराब हो जाते हैं।
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महिला बंदी 39, लेकिन बंदी रक्षक नहीं
बागपत। जिला जेल में महिला बंदियों की संख्या 39 है, लेकिन मुख्य महिला बंदी रक्षक और महिला बंदी रक्षक की संख्या एक भी तैनात नहीं है।
शातिरों का ठिकाना है बागपत जेल
अपराध की दुनिया का शातिर खिलाड़ी सुनील राठी बागपत जेल में बंद है। जेल में राठी की हुकूमत चलती है। बंदियों के अलावा सुरक्षाकर्मियों में भी राठी का खौफ है। उत्तराखंड में राठी के नाम का खौफ है।
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काठा के नीटू की हत्या में नामजद विक्की सुन्हैडा भी बागपत जेल की तन्हाई बैरक में है। यूपी में जुर्म की दुनिया के बड़े नामों के बीच विक्की का नाम उभर रहा है। बजरंगी जेल में विक्की के पास ही रुका था।
पचास हजार रुपये का इनामी रहा शातिर जावेद रटौल को बागपत जेल की दीवारें और पुलिस सुरक्षा नहीं रोक सकी। काजी अफसार हत्याकांड में नामजद है। जेल में ही भागने की साजिश रचकर वह फरार हो गया था।
एक लाख के इनामी रहे प्रमोद राठी गैंग के कई शातिर खिलाड़ी बागपत जेल में है। प्रमोद का भाई रवि भी जेल में है। सुनील राठी और प्रमोद गैंग के हाथ मिलाने के बाद से जेल में दूसरे गैंग के सदस्यों की शामत आई हुई है।
रठौड़ा के दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाला मनीष उर्फ अन्ना भी बागपत जेल में है। अन्ना ने बागपत में हवालात को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। मनीष अन्ना के शातिरों की मंडली सबसे अलग रहती है।
किस जेल से चल रहा कौन सा गैंग
बागपत। बागपत जेल में सुनील राठी, रुड़की जेल में चीनू पंडित, पटियाला जेल में अमित भूरा, चमोली जेल में प्रवीण वाल्मीकि और मैनपुरी जेल में संजीव जीवा का गैंग सक्रिय है।
वाच टावर पर होमगार्ड
बागपत। जेल में होमगार्ड से भी ड्यूटी कराई जाती है। डिमांड 25 होमगार्ड की है, लेकिन भेजे 10 गए हैं। इनमें भी केवल सात ही ड्यूटी पर पहुंचते हैं। होमगार्ड को वॉच टावर और जेलर आवास की ड्यूटी मिलती है।
जंगल में जेल, असुरक्षा का माहौल
बागपत। बागपत जेल की लोकेशन जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर है। जेल जाने के मुख्य रास्ते तक नहीं है। सुभानपुर, अब्दुलपुर, मीरपुर पचारा, नौरसपुर, नानू और डूंडाहेड़ा गांव है। गाजियाबाद जिले के गांव सटे हैं। यमुना और जेल के बीच सुभानपुर गांव है।