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लूंब में हत्या कर गंग नहर में फेंका था सुधीर का शव
Updated Wed, 06 Jun 2018 01:20 AM IST
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बागपत। लूंब गांव के किसान सुधीर उर्फ बिल्लू की हत्या में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर तमंचा और मृतक का मोबाइल बरामद किया। मां के हिस्से की ढाई बीघा जमीन के विवाद में उसकी हत्या की। मुख्य हत्यारोपी प्रदीप सहित पांच आरोपी फरार है। आरोपियों ने हत्या कर सुधीर का शव मेरठ के नानू गांव के पास गंगनहर में फेंका था।
एसपी जयप्रकाश ने बताया कि 30 मई को छपरौली थाना क्षेत्र के लूंब गांव में सुधीर उर्फ बिल्लू की हत्या की। आरोपी किसान का शव कार में डालकर भाग निकले थे। मृतक की पत्नी पूजा ने जेठ प्रदीप पुत्र गणेशी, अंकुर पुत्र प्रदीप, सचिन पुत्र प्रदीप निवासी लूंब, राजीव पुत्र धर्मवीर निवासी एलम थाना कांधला जनपद शामली के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस विवेचना में रामवीर उर्फ रामू हाथी पुत्र शीशपाल निवासी गुराना, संदीप उर्फ सन्नी पुत्र रामपाल सिंह निवासी पट्टी गोपी बावली के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने रामवीर उर्फ रामू हाथी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा, मृतक सुधीर का मोबाइल बरामद किया।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि प्रदीप का अपने ही भाइयों से मां के हिस्से की ढाई बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर उसने भाइयों की हत्या करने की योजना बनाई। सभी प्रदीप के साथ उसकी कार से लंबू गांव पहुंचे। सुधीर साइकिल से आ रहा था। उसे टक्कर मारकर गिरा दिया। प्रदीप ने उसे गोली मार दी। जब वह उठकर परचून की दुकान पर भागा तो दुकान में जाकर गोलियां मारकर हत्या कर दी। लाश को उठाकर कार की डिग्गी में डालकर ले गए। मेरठ जनपद के नानू से आगे गंगनहर में सुधीर के शव को फेंक दिया। एसपी ने बताया कि मृतक के शव को बरामद करने के लिए पुलिस टीम रवाना कर दी गई है।
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संजीव फौजी को मारने के लिए आए थे
बागपत। हत्यारोपी रामवीर ने बताया कि प्रदीप ने योजना गुराना गांव में उनके नलकूप पर बैठकर बनाई । प्रदीप ने कहा छोटा भाई संजीव फौजी मां के हिस्से की जमीन का बंटवारा कराना चाहता है। उसकी शिकायत करता रहता है। फौजी की हत्या करनी है। सुधीर के हाथ-पैर तोड़कर छोड़ देंगे, लेकिन मौके पर संजीव नहीं मिला, इसके बाद सुधीर की हत्या की। आरोपी रामवीर ने बताया कि वह टैक्सी चलाता है। यहीं पर उसकी प्रदीप और संदीप से दोस्ती हो गई । दोस्ती में ही उसने प्रदीप का साथ दिया। उसने कई साल पहले दोघट में आंगनबाड़ी की हत्या की। इसमें वह जेल गया।
कहां थी पुलिस, इस तरह ले गए सुधीर का शव
बागपत। आरोपी रामवीर ने पुलिस को बताया सुधीर की हत्या करने के बाद वे उसकी लाश को कार की डिग्गी में डालकर लंबू से रमाला, बिराल होते पुसार पहुंचे। यहां से बरनावा होते मेरठ मार्ग पर चले गए। मेरठ क्षेत्र के नानू से आगे गंगनहर में शव को फेंक दिया। आरोपी कार से वापस भी लौट आए। गुराना गांव में राजवीर और संदीप को छोड़ दिया । इसके बाद प्रदीप लूंब गांव के जंगल में कार को छोड़कर भाग निकला। आरोपी पुलिस की चेकिंग के बीच सुधीर के शव को कार में डालकर मेरठ के नानू तक पहुंच गए, लेकिन कहीं नहीं पकड़े गए। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि पुलिस को घटना के 45 मिनट बाद सूचना मिली की कि सुधीर को गोली मार दी। उन्हें शव को लेकर भाग की जानकारी मौके पर पहुंचकर मिली। तब तक आरोपी भाग चुके थे।
परिवार को जान का खतरा
बागपत। मृतक सुधीर के छोटे भाई और आईटीबीपी के जवान राजीव ने बताया कि मुख्य आरोपी प्रदीप खुला घूम रहा है। वह उनकी भी हत्या कर सकता है। पुलिस उसे नहीं पकड़ रही है। पीड़ित परिवार को जान का खतरा बना हुआ है।
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एसपी जयप्रकाश ने बताया कि 30 मई को छपरौली थाना क्षेत्र के लूंब गांव में सुधीर उर्फ बिल्लू की हत्या की। आरोपी किसान का शव कार में डालकर भाग निकले थे। मृतक की पत्नी पूजा ने जेठ प्रदीप पुत्र गणेशी, अंकुर पुत्र प्रदीप, सचिन पुत्र प्रदीप निवासी लूंब, राजीव पुत्र धर्मवीर निवासी एलम थाना कांधला जनपद शामली के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस विवेचना में रामवीर उर्फ रामू हाथी पुत्र शीशपाल निवासी गुराना, संदीप उर्फ सन्नी पुत्र रामपाल सिंह निवासी पट्टी गोपी बावली के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने रामवीर उर्फ रामू हाथी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा, मृतक सुधीर का मोबाइल बरामद किया।
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आरोपी ने पुलिस को बताया कि प्रदीप का अपने ही भाइयों से मां के हिस्से की ढाई बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर उसने भाइयों की हत्या करने की योजना बनाई। सभी प्रदीप के साथ उसकी कार से लंबू गांव पहुंचे। सुधीर साइकिल से आ रहा था। उसे टक्कर मारकर गिरा दिया। प्रदीप ने उसे गोली मार दी। जब वह उठकर परचून की दुकान पर भागा तो दुकान में जाकर गोलियां मारकर हत्या कर दी। लाश को उठाकर कार की डिग्गी में डालकर ले गए। मेरठ जनपद के नानू से आगे गंगनहर में सुधीर के शव को फेंक दिया। एसपी ने बताया कि मृतक के शव को बरामद करने के लिए पुलिस टीम रवाना कर दी गई है।
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संजीव फौजी को मारने के लिए आए थे
बागपत। हत्यारोपी रामवीर ने बताया कि प्रदीप ने योजना गुराना गांव में उनके नलकूप पर बैठकर बनाई । प्रदीप ने कहा छोटा भाई संजीव फौजी मां के हिस्से की जमीन का बंटवारा कराना चाहता है। उसकी शिकायत करता रहता है। फौजी की हत्या करनी है। सुधीर के हाथ-पैर तोड़कर छोड़ देंगे, लेकिन मौके पर संजीव नहीं मिला, इसके बाद सुधीर की हत्या की। आरोपी रामवीर ने बताया कि वह टैक्सी चलाता है। यहीं पर उसकी प्रदीप और संदीप से दोस्ती हो गई । दोस्ती में ही उसने प्रदीप का साथ दिया। उसने कई साल पहले दोघट में आंगनबाड़ी की हत्या की। इसमें वह जेल गया।
कहां थी पुलिस, इस तरह ले गए सुधीर का शव
बागपत। आरोपी रामवीर ने पुलिस को बताया सुधीर की हत्या करने के बाद वे उसकी लाश को कार की डिग्गी में डालकर लंबू से रमाला, बिराल होते पुसार पहुंचे। यहां से बरनावा होते मेरठ मार्ग पर चले गए। मेरठ क्षेत्र के नानू से आगे गंगनहर में शव को फेंक दिया। आरोपी कार से वापस भी लौट आए। गुराना गांव में राजवीर और संदीप को छोड़ दिया । इसके बाद प्रदीप लूंब गांव के जंगल में कार को छोड़कर भाग निकला। आरोपी पुलिस की चेकिंग के बीच सुधीर के शव को कार में डालकर मेरठ के नानू तक पहुंच गए, लेकिन कहीं नहीं पकड़े गए। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि पुलिस को घटना के 45 मिनट बाद सूचना मिली की कि सुधीर को गोली मार दी। उन्हें शव को लेकर भाग की जानकारी मौके पर पहुंचकर मिली। तब तक आरोपी भाग चुके थे।
परिवार को जान का खतरा
बागपत। मृतक सुधीर के छोटे भाई और आईटीबीपी के जवान राजीव ने बताया कि मुख्य आरोपी प्रदीप खुला घूम रहा है। वह उनकी भी हत्या कर सकता है। पुलिस उसे नहीं पकड़ रही है। पीड़ित परिवार को जान का खतरा बना हुआ है।