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सीएमओ दफ्तर का कर्मचारी बताकर रिश्वत मांगी
Updated Fri, 19 Oct 2018 01:29 AM IST
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बागपत।
नंगला जाफराबाद में फार्मेसिस्ट से मोबाइल फोन पर सीएमओ दफ्तर का कर्मचारी बता कर युवक ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी है। फार्मेसिस्ट गांव में मेडिकल स्टोर खोलने के लिए पंजीकरण कराना चाहता है। वह सीएमओ से शिकायत करने पहुंचा, लेकिन छुट्टी होने के बाद दफ्तर बंद मिला। उसने जिला अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया। पुलिस से मामले की शिकायत करने की बात कहकर चला गया।
नंगला जाफराबाद गांव निवासी राहुल पुत्र शीशपाल ने बताया कि उसने डी-फार्मा का कोर्स किया हुआ है। उस पर फार्मेसिस्ट का डिप्लोमा है। वह गांव में मेडिकल स्टोर खोलना चाहता है। धीरे-धीरे दवा भी लानी शुरू कर दी है। मेडिकल स्टोर के लिए पंजीकरण करना चाहता है। तीन दिन पूर्व उसके मोबाइल पर फोन आया। युवक ने विकास नाम बताते हुए कहा कि वह सीएमओ दफ्तर से कर्मचारी बोल रहा है। गांव में जो मेडिकल स्टोर खोला है, उसका अभी पंजीकरण नहीं कराया। इस पर कार्रवाई कराई जाएगी। जल्दी से सीएमओ कार्यालय पर उससे आकर मिला।
आरोप है कि मेडिकल स्टोर का पंजीकरण कराने के नाम पर 20 हजार रुपये रिश्वत भी मांगी। बृहस्पतिवार को फार्मेसिस्ट राहुल अपने परिजनों के साथ सीएमओ दफ्तर पहुंचा, लेकिन छुट्टी के कारण दफ्तर बंद मिला। इसके बाद वह जिला अस्पताल पहुंचा और हंगामा किया। अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने उसे समझाकर शांत किया और बताया कि सीएमओ दफ्तर का मामला है। जिला अस्पताल से कोई संबंध नहीं है। इस पर वह वापस घर चला गया। सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। शिकायत आने पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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नंगला जाफराबाद में फार्मेसिस्ट से मोबाइल फोन पर सीएमओ दफ्तर का कर्मचारी बता कर युवक ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी है। फार्मेसिस्ट गांव में मेडिकल स्टोर खोलने के लिए पंजीकरण कराना चाहता है। वह सीएमओ से शिकायत करने पहुंचा, लेकिन छुट्टी होने के बाद दफ्तर बंद मिला। उसने जिला अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया। पुलिस से मामले की शिकायत करने की बात कहकर चला गया।
नंगला जाफराबाद गांव निवासी राहुल पुत्र शीशपाल ने बताया कि उसने डी-फार्मा का कोर्स किया हुआ है। उस पर फार्मेसिस्ट का डिप्लोमा है। वह गांव में मेडिकल स्टोर खोलना चाहता है। धीरे-धीरे दवा भी लानी शुरू कर दी है। मेडिकल स्टोर के लिए पंजीकरण करना चाहता है। तीन दिन पूर्व उसके मोबाइल पर फोन आया। युवक ने विकास नाम बताते हुए कहा कि वह सीएमओ दफ्तर से कर्मचारी बोल रहा है। गांव में जो मेडिकल स्टोर खोला है, उसका अभी पंजीकरण नहीं कराया। इस पर कार्रवाई कराई जाएगी। जल्दी से सीएमओ कार्यालय पर उससे आकर मिला।
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आरोप है कि मेडिकल स्टोर का पंजीकरण कराने के नाम पर 20 हजार रुपये रिश्वत भी मांगी। बृहस्पतिवार को फार्मेसिस्ट राहुल अपने परिजनों के साथ सीएमओ दफ्तर पहुंचा, लेकिन छुट्टी के कारण दफ्तर बंद मिला। इसके बाद वह जिला अस्पताल पहुंचा और हंगामा किया। अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने उसे समझाकर शांत किया और बताया कि सीएमओ दफ्तर का मामला है। जिला अस्पताल से कोई संबंध नहीं है। इस पर वह वापस घर चला गया। सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। शिकायत आने पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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