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बागपत में भ्रूण (लिंग) जांच का खेल पकड़ा

Wed, 23 May 2018 12:52 AM IST
Updated Wed, 23 May 2018 12:52 AM IST
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बागपत में भ्रूण (लिंग) जांच का खेल पकड़ा
बागपत। मंगलवार को कोर्ट रोड पर स्थित मनीष अल्ट्रासाउंड सेंटर में भ्रूण लिंग जांच का मामला पकड़ में आया है। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारकर सेंटर संचालक को आठ हजार रुपये लेकर भ्रूण लिंग जांच करते रंगे हाथों पकड़ लिया। सीएचसी में तैनात आशा गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिंग की जांच के लिए सेंटर में लेकर आती है।
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मंगलवार को डिप्टी सीएमओ सोनीपत (हरियाणा) डॉ. आदर्श शर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागपत पहुंची। यहां से डॉ. यशवीर, स्टेनो बाबू सुरेश, एआरओ अनिल पुलिस की टीम के साथ मनीष अल्ट्रासाउंड सेंटर कोर्ट रोड बागपत पर छापामारी की। उन्होंने छापेमारी से पहले एक गर्भवती महिला को 12 हजार रुपये देकर मनीष अल्ट्रासाउंड सेंटर में भ्रूण लिंग की जांच कराने के बहाने भेजा। सेंटर संचालक नेे गर्भवती से जांच के लिए आठ हजार रुपये लिए। जब वह भ्रूण लिंग की जांच करने लगा तो टीम ने उसे पकड़ लिया। उसके पास से टीम द्वारा दिए आठ हजार रुपये भी मिले। नोटों के नंबर भी मिलाए गए। टीम सेंटर संचालक को सीएचसी ले जाकर पूछताछ की गई। स्वास्थ्य विभाग ने आरोपी सेंटर संचालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
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बागपत स्वास्थ्य विभाग की टीम का नेतृत्व कर रहे मेडिकल अफसर डॉ. यशवीर ने बताया कि भ्रूण लिंग जांच के लिए सीएचसी में तैनात आशा पिंकी गर्भवती महिलाओं को लेकर आती थी। पिंकी ने अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक के खिलाफ बयान दिए हैं। डीएम को जांच रिपोर्ट भेजी जाएगी। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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इस तरह पकड़ में आया मामला
बागपत। डिप्टी सीएमओ सोनीपत (हरियाणा) डॉ. आदर्श शर्मा ने बताया कि उन्हें एक माह पहले शिकायत मिली की कि बागपत में भ्रूण लिंग जांच कराई जाती है। इस काम में एक आशा भी शामिल है। उन्होंने इस धंधे में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। बागपत डीएम को भी मामले की जानकारी दी। हरियाणा की एक गर्भवती महिला को नकली ग्राहक बनाया। महिला ने हिलवाड़ी निवासी आशा पिंकी से संपर्क किया। उसने आशा से भ्रूण लिंग जांच कराने को कहा। आशा ने कहा कि बागपत में उसकी जान पहचान का डॉक्टर है। वह आठ हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच कर देगा। मंगलवार को टीम योजना के अनुसार गर्भवती महिला को लेकर बागपत पहुंचा। उसे 12 हजार रुपये देकर अल्ट्रासाउंड सेंटर में भेजा। आशा गर्भवती महिला को लेकर चली गई। इसके बाद टीम ने छापा मारकर भ्रूण लिंग जांच करते संचालक को पकड़ लिया।

स्वास्थ्य विभाग की नाक नीचे चल रहा था धंधा
बागपत। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागपत से मात्र 20 कदम की दूसरी पर भ्रूण लिंग की जांच का खेल पिछले पांच साल से चल रहा है और स्वास्थ्य विभाग के अफसर गहरी नींद में सोए हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मामले का पता होते हुए भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं विभाग के कर्मचारी इस धंधे में लिप्त मिले हैं। यदि हरियाणा स्वास्थ्य विभाग मामले में कार्रवाई न करता तो शायद ही यह खेल पकड़ में आता।

पहले भी पकड़ा जा चुका है धंधा
बागपत। जिले में कई स्थानों पर भ्रूण लिंग की जांच का धंधा चल रहा है। इससे पहले भी हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सीएचसी बागपत के बाहर गेट पर चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर पर सात सितंबर 2016 को छापामारी कर भ्रूण लिंग की जांच का खेल पकड़ा था। इसके बाद भी बागपत का स्वास्थ्य विभाग सबक नहीं ले पाया। बागपत और बड़ौत में बिना रोक टोक के यह खेल चल रहा है।

दो सौ रुपये के लालच में फंस गई आशा
बागपत। भ्रूण लिंग की जांच के खेल में पकड़ी गई आशा पिंकी ने बताया कि अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक उसे एक गर्भवती महिला ग्राहक को लेकर जाने के बदले में दो सौ रुपये देता है। थोड़े से लालच में वह अपराध कर बैठी।


मामला पकड़वाने वालों को मिलता है एक लाख का इनाम
बागपत। सरकार द्वारा पीसीपीएनडीटी अधिनियम 1994 के अंतर्गत प्रसव पूर्व भ्रूण लिंग की जांच कराने वाले परिवार या व्यक्ति, करने वाले चिकित्सक के लिए पांच वर्ष की जेल अथवा 50 हजार से एक लाख तक का जुर्माना और करने वाले चिकित्सक का पंजीकरण रद्द करने का प्रावधान है, इसके बाद भी लोग अपराध कर रहे हैं। सीएचसी के डॉ. यशवीर ने बताया कि भ्रूण लिंग जांच का मामला पकड़वाने वाले को एक लाख रुपये तक का इनाम स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिया जाता है। यदि जिले में किसी भी अल्ट्रासाउंड सेंटर में भ्रूण लिंग जांच का धंधा चल रहा है तो इसकी सूचना तुरंत जिलाधिकारी या सीएमओ को देें।
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